पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करें
मुंबई. भारतीय जनता पार्टी के सोलापुर से सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी शिवाचार्या को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को हाईकोर्ट ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में जिला जाति वैधता समिति के फैसले पर अगली सुनवाई तक स्टे लगा दिया है। जिला जाति वैधता समिति ने शिवाचार्या को चुनावी हलफनामे में फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाने का दोषी करार देते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज करवाने का निर्देश दिया था। इस मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। जयसिद्धेश्वर स्वामी ने जाति प्रमाण पत्र में खुद को बेड जंगम जाति का बताया है। इसके खिलाफ प्रमोद गायकवाड, मिलिंद मुले और विनायक कंदकरे ने शिकायत दर्ज कराई थी।
अदालत में नहीं पेश किया अपना जाति प्रमाणपत्र
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने बताया कि शिवाचार्या को अदालत ने 15 दिनों का समय दिया था अपने ओरिजिनल जाति प्रमाण पत्र पेश करने के लिए। लेकिन वे बार-बार अलग कारणों को सामने रख इससे बचते रहे। उन्होंने 1982 में बने एक जाति प्रमाण पत्र की कॉपी अदालत में पेश की थी।
शिंदे और आंबेडकर को हराया था
महाराष्ट्र की सोलापुर संसदीय सीट से अनसूचित जाति के लिए आरक्षित है। स्वामी ने इस सीट से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार और वंचित विकास आघाड़ी के प्रमुख और डॉ भीमराव आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर को हराकर यह सीट जीती थी। इस फैसले के बाद से स्वामी की संसद सदस्यता पर खतरा मंडराने लगा है और उपचुनाव की संभावन जताई जा रही है।
समिति के सामने भी सही कागजात पेश नहीं कर सके स्वामी
31 जनवरी और फिर 1 फरवरी को जाति पड़ताल समिति ने इस पर सुनवाई की थी। समिति स्वामी की जाति से संबंधित कागजात से संतुष्ट नहीं थी। इसलिए सांसद स्वामी से सबूत के रूप में जाति के अन्य कागजात देने के लिए कहा गया था। लेकिन 15 फरवरी को हुई सुनवाई में जाति से संबंधित कोई कागज जमा नहीं किया गया।
सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी की सफाई
विवाद बढ़ने पर सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट में याचिका दायर करते समय जाति के मूल कागजात जमा किए गए हैं। इसलिए जो कागज हाईकोर्ट में दिए गए हैं वह कागजात जाति पड़ताल समिति में पेश नहीं किया जा सकता। हालांकि स्वामी की ओर से वकील संतोष नावटकर ने पुनः जांच की मांग की, लेकिन समिति ने 15 फरवरी को ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। 24 फरवरी को समिति ने स्वामी के जाति प्रमाण पत्र को अवैध ठहरा दिया।
कौन हैं जयसिद्धेश्वर स्वामी
जयसिद्धेश्वर स्वामी लिंगायत समाज के धर्मगुरु हैं। उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा था और दिग्गज नेता सुशील कुमार शिंदे को करीब डेढ़ लाख से अधिक मतों से पराजित किया था। जाति प्रमाण पत्र रद्द होने से उनकी सांसदी खतरे में हैं। लेकिन वह जिला जाति पड़ताल समिति के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं।







Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.