महाराष्ट्र / जवान चंदू चव्हाण ने आमरण अनशन करने का ऐलान किया, सेना के अधिकारियों पर लगा चुके हैं उत्पीड़न का आरोप

चंदू चव्हाण-फाइल चंदू चव्हाण-फाइल
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चंदू चव्हाण-फाइलचंदू चव्हाण-फाइल

  • उन्होंने कहा है कि उन्हें प्रताड़ित करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए
  • जब तक सरकार इसपर कोई कदम नहीं उठाती तब तक चव्हाण ने आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया है

दैनिक भास्कर

Oct 30, 2019, 10:05 AM IST

मुंबई. कुछ दिन पहले सेना के अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले जवान चंदू चव्हाण ने 2 नवंबर से जंतर-मंतर पर आमरण अनशन करने का ऐलान किया है। वह 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अनजाने में पाकिस्तान चला गया था। चार महीने तक वहां हिरासत में रहने के बाद वह भारत लौट आया था। 

 

चंदू का कहना है कि जब से वह पाकिस्तान की जेल से लौटा है, तब से उसे शक की नजर से देखा जाता है। उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। 

 

चंदू ने आरोप लगाने के बाद सेना छोड़ने की अर्जी दी है। वहीं, कुछ दिनों पहले आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय सेना ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया था। भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक, चव्हाण के खिलाफ अनुशासनहीनता के 5 मामले चल रहे हैं। इसके अलावा, पिछले लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान धुले में प्रशासन से भी इसके खिलाफ शिकायत मिली थी। इसे मीडिया में भी दिखाया गया था।


तीन माह से नहीं मिला वेतन
चंदू ने बताया कि उसे पाक से लौटने पर कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का सामना करना पड़ा। सेना की जेल में 90 दिन की सजा काटनी पड़ी। उन्होंने बताया कि अहमदनगर में पोस्टिंग दी गई है, लेकिन पिछले तीन महीने से उसे वेतन नहीं मिला है। चंदू ने अपना मोबाइल फोन और पहचान पत्र भी जब्त कर लिए जाने का आरोप लगाया है।

 

कार्रवाई होने तक करेंगे आमरण अनशन
चंदू ने इस मामले में लिखित सूचना धुले के जिलाधिकारी को देते हुए सरकार से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा है कि उन्हें प्रताड़ित करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जब तक सरकार इसपर कोई कदम नहीं उठाती तब तक चव्हाण ने आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया है।
 

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