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धोखाधड़ी / अदालत ने धनंजय मुंडे की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया



धनंजय मुंडे ने फैसले के खिलाफ बड़ी कोर्ट जाने की बात कही है। धनंजय मुंडे ने फैसले के खिलाफ बड़ी कोर्ट जाने की बात कही है।
  • धनंजय मुंडे एक कताई मिल के डायरेक्टर हैं
  • इसने बैंक से 1999 में 3 करोड़ का लोन लिया था 
Danik Bhaskar | Sep 14, 2018, 09:21 AM IST

मुंबई. बीड जिला और सत्र अदालत ने महाराष्ट्र राज्य विधान परिषद के विरोधी पक्ष नेता धनंजय मुंडे का घर और 4 अन्य प्रॉपर्टी को जब्त करने का आदेश दिया है। धनंजय मुंडे के अलावा 6 डायरेक्टर की प्रॉपर्टी अटैचमेंट आदेश दिए गए हैं। इन सभी पर एक बैंक के 14 करोड़ न चुकाने का आरोप है।

 

3 करोड़ का लोन बढ़कर 14 करोड़ तक पहुंचा: साल 1999 में बीड की कताई मिल 'संत जगमित्र सुतगिरणी' के लिए जिला बैंक से 3 करोड़ रुपये का लोन लिया गया था। कर्जा वापस नहीं करने से बकाया राशि तकरीबन 14 करोड़ की हो गई है। जिसके बाद राज्य सरकार ने इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी और एसआईटी ने इसमें धनंजय मुंडे समेत 100 लोगों पर चार्जशीट भी दायर की थी। मुंडे संत जगमित्र सुतगिरणी के 18 संचालको में से एक हैं।

 

क्या कहना है धनंजय मुंडे का?
 इसपर मुंडे का कहना है कि उनके खिलाफ ये बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है। सहकार कानून के तहत ये कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि संत जगमित्र सुतगिरणी के 18 डायरेक्टर में से सिर्फ 7 डायरेक्टर के खिलाफ ऐसा आदेश आना ये एक चौंकाने वाली बात है। ये एक राजनीतिक स्वार्थ का नतीजा है। धनंजय मुंडे ने कहा के इस निर्णय के खिलाफ वो बीड जिला अदालत में अपील करेंगे। धनंजय मुंडे ने कहा कि वे अब तक 11 करोड़ बैंक का कर्ज अदा कर चुके हैं। जब जिला बैंक में अनेक घोटालों का पर्दाफाश हुआ और बैंक बंद हो गया। तब संत जगमित्र सुतगिरणी का लोन अकाउंट NPA में चला गया।

 

तय होनी चाहिए सभी की जिम्मेदारी: मुंडे ने कहा के अटैचमेंट के आदेश से पहले 18 संचालकों की जिम्मेदारी क्या थी, ये स्पष्ट करना चाहिए। किसी एक संचालक की जिम्मेदारी क्या थी ये तय करने से पहले कार्रवाई होनी चाहिए। कर्ज की जो राशि है, वो सभी 18 संचालकों को 18 हिस्सों में बराबर देने की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। इसके बाद हर एक संचालक की प्रॉपर्टी अटैच करनी चाहिए थी।  

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