मुंबई / बॉम्बे हाईकोर्ट की नई सरकार से अपेक्षा, सरकारी जमीनों पर नहीं होगा अतिक्रमण

बॉम्बे हाईकोर्ट-फाइल बॉम्बे हाईकोर्ट-फाइल
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बॉम्बे हाईकोर्ट-फाइलबॉम्बे हाईकोर्ट-फाइल

  • न्यायमूर्ति एससी धर्माधिकारी व न्यायमूर्ति रियाज छागला की खंडपीठ ने यह बात एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कही है
  • हाईकोर्ट ने कहा है कि हम आशा करते हैं कि नई सरकार अदालत की पीड़ा और चिंता को समझेगी

दैनिक भास्कर

Dec 03, 2019, 09:01 AM IST

मुंबई. नई सरकार के पास जनता की नहीं बॉम्बे हाईकोर्ट की भी अपेक्षा का भार आ गया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि हम आशा करते हैं कि नई सरकार अदालत की पीड़ा और चिंता को समझेगी। इसके साथ ही यह आश्वस्त करेगी की सरकारी जमीन पर कोई अतिक्रमण न हो। न्यायमूर्ति एससी धर्माधिकारी व न्यायमूर्ति रियाज छागला की खंडपीठ ने यह बात एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कही है।

याचिका में दावा किया गया है कि निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है और सरकारी जमीन पर भी अतिक्रमण किया जा रहा है। याचिका में मुख्य रुप से मुंबई के कुर्ला व कांजुरमार्ग इलाके का जिक्र किया गया था जहां एक निजी डेवलपर ने सरकारी जमीन पर (जो खेल के मैदान के रुप में आरक्षित थी) पर अतिक्रमण किया है।

अधिकारी शिकायत नहीं सुनते, इस लिए लोग आते हैं कोर्ट
याचिका पर गौर करने के बाद खंडपीठ ने कहा कि इस तरह के सैकडो मामले रोजाना अदालतों में दायर किए जाते हैं जो सरकारी अधिकारियों की निष्क्रियता को दर्शाता है और स्पष्ट करते हैं कि एेसे मामलों को देखने के लिए सरकारी तंत्र सक्रिय नहीं है। इसी का नतीजा है कि लोग अपेक्षा करते हैं कि सरकारी अधिकारियों का काम भी अदालत करे। सरकारी अधिकारी जब शिकायते नहीं सुनते तो लोग कोर्ट में जनहित याचिकाएं दायर करते हैं। हम अपेक्षा करते है कि सरकार आश्वस्त करेगी की उसकी जमीन पर किसी प्रकार का कोई अतिक्रमण न हो। क्योंकि सरकार जनता की ट्रस्टी है। 

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