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एक सप्ताह में पांच जिलों में 40 मौतें, 4 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

एक वर्ष पहले
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  • बाढ़ के कारण कोल्हापुर, सांगली, सातारा, ठाणे, नाशिक, पालघर, रत्नागिरी, रायगड और सिंधुदुर्ग जिले की 70 तहसीलें प्रभावित
  • बाढ़ के चपेट में 761 गांव, प्रभावित 4 लाख 48 हजार नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

मुंबई. महाराष्ट्र के 10 जिलों से बाढ़ प्रभावित 4 लाख 48 हजार नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। इसमें कोल्हापुर के 2 लाख 45 हजार और सांगली के 1 लाख 59 हजार नागरिकों का समावेश है। बाढ़ के कारण कोल्हापुर, सांगली, सातारा, ठाणे, नाशिक, पालघर, रत्नागिरी, रायगड और सिंधुदुर्ग जिले की 70 तहसीलें प्रभावित हुई हैं। बाढ़ के चपेट में 761 गांव हैं।
 
पश्चिमी महाराष्ट्र के पांच जिलों में एक हफ्ते में वर्षा जनित घटनाओं में करीब 40 लोगों की मौत हो गई। राज्य में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 372 अस्थायी आश्रय केंद्र शुरू किए गए हैं। यहां पर लोगों को अत्यावश्यक सुविधाओं के साथ इलाज के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की ओर से यह जानकारी दी गई। 
 

प्रभावित परिवारों को कुल 5000 रुपये की नकद सहायता मिलेगी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि राज्य में बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को पांच हजार रुपये की वित्तीय सहायता नकद में दी जाएगी। जबकि बाकी उनके बैंक खातों में जमा करायी जाएगी। फडणवीस ने सोमवार से शुरू होने वाली रूस की पूर्व निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है। 
 

आसमान पर पहुंचे फल और सब्जियों के दाम  
बाढ़ से प्रभावित महाराष्ट्रमें इन ‌दिनों खाने पीने की चीजों के दाम आसमान पहुंच रहे हैं। खासकर सब्जियों के दामों में काफी बढ़ेातरी दर्ज की गई है। मुंबई और पुणे में अदरक 325 रुपये किलो, धनिया 400 रुपये किलो, टमाटर 100 रुपये किलो और मिर्च 300 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं लोगों को दूध की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है।
 

137 टीमें राहत कार्य में जुटीं 
रविवार को मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के नियंत्रण कक्ष में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा बैठक की। आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अनुसार राज्य भर में राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन दल की 32 टीमें तैनात हैं। इसके अलावा थलसेना, नौसेना और कोस्ट गार्ड के 105 बचाव टीमें कार्यरत हैं। सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित कोल्हापुर में 54 और सांगली में 51 टीमें मदत काम में लगी हुई हैं। इसके अलावा नागपुर, पुणे, मुंबई, ठाणे, पालघर,सिंधुदुर्ग, नाशिक, धुलिया में भी टीमें राहत काम में जुटी हुई हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में 226 नावों के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है। 
 

ग्रीन कॉरिडॉर के जरिए भेजी गई 12 टीमें 
मुंबई के कलिना व लायन गेट से ग्रीन कॉरिडॉर करके सांगली में बाढ़ के कारण फंसे हुए नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए 12 टीमों को भेजा गया है। भारतीय वायु सेना, नौसेना और तटरक्षक बल के जवान मुंबई, गोवा, हूबली, पुणे, बंटिडा, भुवनेश्वर और विशाखापट्टनम से हवाई मार्ग से हेलिकॉप्टर व विमानों से मदत सामग्री लेकर कोल्हापुर और सांगली में पहुंचे हैं। बुधवार को वायु सेना और नौसेना के 11, गुरुवार को 14 और शुक्रवार को 16 बार विमान और हेलिकॉप्टर को दोनों जिलों में उतारा गया था। 
 

कोल्हापुर में जानवरों को अस्थायी चारा छावनियों में स्थनांतर
कोल्हापुर में बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर पशुधन भी प्रभावित हुए हैं। जिले की पांच तहसीलों के 4 हजार 120 जानवरों को अस्थायी चारा छावनियों में ले जाया गया है। जबकि 5 हजार जानवरों को पशुपालकों ने अपने रिश्तेदारों के यहां पर रखा है। कोल्हापुर के  जिला पशुसंवर्धन अधिकारी डॉ. विनोद पवार ने यह जानकारी दी। पशुसंवर्धन विभाग के अनुसार कोल्हापुर में 100 से अधिक छोटे और बड़े जानवरों और 6 हजार मुर्गियों की मौत हुई है। 
 

राज्य में बाढ़ का भीषण संकट, किसी के दिमाग में चुनाव की बात कैसे आ सकती है - उद्धव ठाकरे 
उधर शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख आगे बढ़ाने की मांग पर तंज कसा है। उद्धव ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ के कारण संकट बहुत भीषण है ऐसी स्थिति में चुनाव की बात किसी के दिमाग में कैसे आ सकती है यह मुझे समझ में नहीं आता। रविवार को उद्धव ने पार्टी की ओर से शिवसहायता ट्रक रवाना किया। इस ट्रक में कोल्हापुर और सांगली के बाढ़ प्रभावितों के लिए जीवनावश्यक वस्तुएं और वैद्यकीय मदद भेजी गई।

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