नए समीकरण / मनसे प्रमुख राज ठाकरे से देवेंद्र फडणवीस ने की मुलाकात, 2 घंटे तक बंद कमरे में हुई बातचीत

राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच परेल इलाके में मुलाकात हुई है। राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच परेल इलाके में मुलाकात हुई है।
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राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच परेल इलाके में मुलाकात हुई है।राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच परेल इलाके में मुलाकात हुई है।

  • दोनों नेताओं के बीच मुलाकात से राजनीतिक गलियारों में नए समीकरण की सुगबुगाहट शुरू हो गई
  • राज ठारे 23 जनवरी को एक जनसभा करने जा रहे हैं, माना जा रहा है वह कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं
  • राज ने शिवसेना के राकांपा और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने पर कहा था कि यह जनता का अनादर है 

दैनिक भास्कर

Jan 08, 2020, 10:45 AM IST

मुंबई. मंगलवार रात को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे से पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 2 घंटे तक बंद कमरे में मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में दोनों दलों की दोस्ती और गठबंधन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसका कारण यह भी है कि शिवसेना के अलग होने के बाद भाजपा को नए साथी की तलाश है। राज ठाकरे 23 जनवरी को एक जनसभा आयोजित करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उसमें वह कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं।


राज ठाकरे ने शिवसेना के राकांपा और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने पर कहा था कि यह महाराष्ट्र की जनता का अनादर है। शिवसेना का राकांपा और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाना सही नहीं है। हालांकि, लोकसभा चुनाव के दौरान राज ठाकरे के निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा रही।

पार्टी के झंडे का रंग बदलकर करेंगे भगवा!

राज ठाकरे अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण में शामिल हुए थे। लेकिन इस दौरान वह काले कपड़ों में नजर आए थे। सोशल मीडिया में इसे लेकर सवाल उठे और उनके कपड़ों के रंग की वजह को शिवसेना का कांग्रेस से हाथ मिलाना बताया गया। चर्चा यह भी है कि राज अपनी पार्टी के झंडे का रंग भी बदलने जा रहे हैं और इसे भगवा करने जा रहे हैं। वर्तमान में मनसे के झंडे में तीन रंग हैं- केसरिया, हरा और नीला। पार्टी के ऑफिशल ट्विटर से भी पुराने झंडे की तस्वीर को हटा दिया गया है।

विधानसभा चुनाव में मिली सिर्फ एक सीट

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों में राज ठाकरे की पार्टी मनसे को महज एक सीट पर जीत मिली थी। जबकि भाजपा 105 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल बनकर उभरी थी।शिवसेना को 54 सीटें जीत मिली थी। राकांपा के खाते में 56 सीटें जबकि कांग्रेस 44 सीटें हासिल कर चौथे स्थान पर रही थी।

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