महाराष्ट्र / मराठवाड़ा के कई इलाकों में सूखा; सरकार कृत्रिम बारिश के जरिए भिगोएगी जमीन



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  • कृत्रिम बारिश के लिए सी-90 विमान में 48 फ्लेअर्स जोड़े गए हैं
  • पश्चिमी महाराष्ट्र में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, अब तक 29 की माैत हो चुकी

Dainik Bhaskar

Aug 10, 2019, 11:04 AM IST

मुंबई. पश्चिम महाराष्ट्र में जहां भीषण बारिश हो रही है, वहीं मराठवाड़ा के कई इलाकों में सूखा पड़ा है। शुक्रवार को यहां कृत्रिम बारिश कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया। इसके लिए पहले रडार के माध्यम से बादलों को टारगेट किया गया। इसके बाद सी-90 विमान ने औरंगाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरी। इस विमान में एक पायलट और 2 विशेषज्ञों की टीम मौजूद थी। यह विमान बादलों में कृत्रिम बारिश करेगा।

 

2 महीने तक जारी रहेगा प्रयोग

प्रयोगकर्ताओं के मुताबिक, औरंगाबाद में कृत्रिम बारिश के प्रयोग के लिए शहर से 40 किलोमीटर के दायरे में उपयुक्त बादल मिला है। कृत्रिम बारिश का प्रयोग अगले 2 महीने तक जारी रहेगा। कृत्रिम बारिश के लिए सी-90 विमान में 48 फ्लेअर्स जोड़े गए हैं। औरंगाबाद में रडार और नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। इसकी सहायता से बादलों का स्थिति की जानकारी पायलट को दी जाएगी।

 

पश्चिम महाराष्ट्र: बारिश से 29 लोगों की मौत 

पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश के कारण पश्चिम महाराष्ट्र भीषण बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक, अब तक 29 लोग जान गवां चुके हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत के लिए सरकार ने 154 करोड़ की राहत राशि जारी की है। पुणे डिवीजन(पुणे, कोल्हापुर, सांगली और सतारा) में शुक्रवार शाम तक 2.5 लाख लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।

 

पुणे डिविजन के एक अधिकारी के अनुसार, विभिन्न घटनाओं में सांगली में 12, कोल्हापुर में चार, सतारा में सात, पुणे में छह और सोलापुर में एक व्यक्तियों की मौत हुई है। वहीं सांगली के ब्रह्मनल गांव में नाव के पलटने से करीब पांच-छह लोग अभी भी लापता हैं।

 

आज भी भारी बारिश का अलर्ट

दो दिन पहले ही भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को पुणे, सांगली, कोल्हापुर में भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया था। जिसके बाद शुक्रवार को भारतीय नौसेना की 12 टीमें सांगली सड़क मार्ग से पहुंची। प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि इन जिलों में करीब 29,000 लोगों के बाढ़ में फंसने का अनुमान है।

 

आसमान पर हैं फल और सब्जियों के दाम

मुंबई, ठाणे, पुणे और अन्य शहरों जैसे केंद्रीय शहरों पर भी बाढ़ का असर पड़ा है। यहां पर लोगों को दूध, फल और सब्जियों की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन प्रयोग में आने वाली सब्जियों की कीमत जैसे- अदरक 325 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक, 400 रुपये प्रति किलो धनिया, टमाटर 70-100 रुपये प्रति किलोग्राम और मिर्च 300 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच है।

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