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जिस DON के रोल में हिट हुए थे देवगन, रियल लाइफ में ऐसे हुई थी उसकी मौत

9 मई है हाजी मस्तान की डेथ एनिवर्सरी, ऐसी है उनकी रियल स्टोरी।

Danik Bhaskar | May 09, 2018, 06:48 PM IST

मुंबई. 9 मई वही तारीख है जिस दिन मुंबई के पहले अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान ने अंतिम सांस ली थी। तमिलनाडु से मुंबई फटेहाल आए मस्तान ने सोने की तस्करी से क्राइम की दुनिया में एंट्री ली थी। एक्टर अजय देवगन हाजी मस्तान का रोल निभा चुके हैं। उस फिल्म में हाजी मस्तान की मौत गोली लगने से हुई थी, लेकिन असलियत इससे बहुत अलग है।

8 साल की उम्र में मुंबई आया था मस्तान

- हाजी मस्तान मूलतः तमिलनाडु के पनईकुलम का रहनेवाला था। उसका पूरा नाम मस्तान हैदर मिर्जा था।
- गरीबी से तंग आकर अपनी किस्मत बदलने के इरादे से मस्तान के पिता मुंबई आए थे। तब उसकी उम्र कुल 8 साल थी।
- इनके पिता ने मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट में साइकिल रिपेयर की दुकान शुरू की थी। बचपन से ही मस्तान उस शॉप में पिता की मदद करता था।
- 1944 में 18 साल की उम्र में मस्तान ने पिता की दुकान छोड़ मुंबई डॉक बंदरगाह पर कुली का काम शुरू किया।

बंदरगाह से शुरू किया तस्करी का धंधा

- बंदरगाह पर मस्तान की मुलाकात मोहम्मद अल गालिब नाम के व्यक्ति से हुई थी। वो भी शॉर्टकट से अमीर बनना चाहता था और मस्तान भी। दोनों ने घड़ियों और ट्रांजिस्टरों की तस्करी शुरू की।
- मस्तान ने 1960 के दशक में क्राइम वर्ल्ड में पैर जमाना शुरू किया और गोल्ड तस्करी करने लगा।
- सोने की तस्करी मुंबई के क्रिमिनल्स के लिए नयी बात नहीं थी। करीम लाला और वर्दराजन मुदलियार इस धंधे में पहले से जमे थे। मस्तान की एंट्री ने दोनों को शुरुआत में परेशान किया, लेकिन फिर तीनों ने आपसी समझौता कर मुंबई के इलाकों को बांट लिया।

बॉलीवुड से रहा कनेक्शन

रिपोर्ट्स के मुताबिक बॉलीवुड के कई दिग्गज एक्टर्स से उसके घनिष्ठ संबंध रहे।
- मस्तानने बॉलीवुड की एक्ट्रेस सोना से शादी की थी। उसने अपनी पत्नी की कुछ फिल्मों को भी फाइनेंस किया, लेकिन उसका एक्टिंग करियर जम नहीं सका।
- मस्तान के पास 70 के दशक में भी मर्सडीज बेन्ज जैसी लग्जरी कारें मौजूद थीं।

इमरजेंसी के बाद छोड़ी थी स्मगलिंग

- 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक रही इमरजेंसी ने हाजी मस्तान का धंधा चौपट कर दिया था। उस दौर के बाद वह वाकई कानून से डरने लगा था।
- मस्तान ने जयप्रकाश नारायण की अगुवाई वाली सरकार के सामने सरेंडर करने के बाद तस्करी को पूरी तरह छोड़ दिया था।
- सरेंडर के बाद मस्तान ने हज यात्रा की और अपने नाम के आगे हाजी लगा दिया।

कैसे हुई थी मौत

- हाजी मस्तान का निधन 68 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से हुआ था। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली थी।
- क्राइम वर्ल्ड छोड़ने के बाद मस्तान ऑल इंडिया दलित मुस्लिम सुरक्षा महासंघ का अध्यक्ष बनाए गए थे।