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15 मिनट का झगड़ा...और सगे भाई ने दनादन मार दी थीं इस नेता को गोलियां

BJP के नेता की 12वीं डेथ एनिवर्सरी पर पढ़ें कैसे हुआ था उनका मर्डर।

Danik Bhaskar | May 03, 2018, 10:08 AM IST

मुंबई. 3 मई बीजेपी के दिग्गज नेता रहे प्रमोद महाजन की पुण्यतिथि है। 12 साल पहले इसी दिन उन्होंने मुंबई के हिंदुजा हॉस्पिटल में अंतिम सांसे ली थीं। इस मौत की वजह थे उन्हीं के सगे भाई प्रवीण महाजन।

15 मिनट का झगड़ा और मार दी थी भाई को गोली

- 22 अप्रैल 2006 की सुबह हर रोज की तरह प्रमोद महाजन अपने घर पर आराम कर रहे थे। उसी दौरान उनकी उनके भाई प्रवीण से किसी बात पर बहस शुरू हुई। वह झगड़ा कुल 15 मिनट चला था।
- एक इंटरव्यू में प्रवीण महाजन ने बताया था, "मैंने उन्हें नहीं मारा। वह बस 15 मिनट का झगड़ा था और एक पल के गुस्से में मैंने गोली चला दी। मैं आज तक उस दिन के लिए पछताता हूं।"
- प्रवीण ने अपने भाई को 0.32 ब्राउनिंग पिस्टल से चार गोलियां मारी थीं। एक गोली चूक गई थी, लेकिन बाकी तीन महाजन के शरीर को भेद गईं।
- प्रमोद 13 दिन तक हॉस्पिटल में एडमिट रहे। उनके लिए लंदन से लिवर स्पेशलिस्ट मोहम्मद रेला को बुलवाया गया था, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
- 3 मई 2006 को उन्होंने अंतिम सांस ली थी।

खुद सरेंडर किया था प्रवीण ने

- प्रवीण महाजन ने खुद वर्ली पुलिस स्टेशन जाकर सरेंडर किया था। उन्होंने बयान दिया था कि उनके भाई उन्हें इग्नोर करते थे और नीचा दिखाते थे। इसी वजह से उनके अंदर भाई के खिलाफ कड़वाहट थी। नतीजतन उन्होंने भाई का मर्डर कर दिया।
- 18 दिसंबर 2007 को उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
- हालांकि, वे अपनी सजा पूरी नहीं कर सके। 3 मार्च 2010 को ब्रेन हेमरेज की वजह से उनकी मौत हो गई। निधन के वक्त वे पेरोल पर जेल से बाहर थे।

21 की उम्र में संभाली थी परिवार की जिम्मेदारी

- मौत से एक साल पहले प्रवीण महाजन ने पूरे मर्डर केस पर एक इंटरव्यू दिया था। उन्होंने कहा था, "प्रमोद एक जीनियस थे। उन्होंने महज 21 की उम्र में पूरी फैमिली की जिम्मेदारी संभाली थी। मराठावाड़ा में होने वाले हर डिबेट कॉम्पिटिशन में वे विनर रहते थे। वो मुझे प्यार से चंदू कहकर बुलाते थे। यह नाम उन्होंने अपने फेवरेट क्रिकेटर चंदू बोर्डे के नाम पर रखा था।"

प्रवीण के लिए उनकी भाभी ने बेची थी अपनी अंगूठी

- एक इंटरव्यू में प्रवीण महाजन ने बताया था, "मैं वाहिणि (भाभी) को शादी से पहले से जानता था। मुझे याद है मेरी सगाई के वक्त उन्होंने अपनी गोल्ड रिंग बेचकर मेरी होने वाली पत्नी के लिए इंगेजमेंट रिंग खरीदी थी। उन्होंने कभी कोई शिकायत नहीं की। जब रेखा भाभी से कोर्ट में जज ने पूछा कि प्रमोद किससे सबसे ज्यादा प्यार करते थे, उन्होंने मेरी तरफ इशारा किया था।"