आईएनएक्स मीडिया केस / चिदंबरम की गिरफ्तारी पर इंद्राणी मुखर्जी ने कहा-यह अच्छी खबर है



इंद्राणी मुखर्जी। इंद्राणी मुखर्जी।
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इंद्राणी मुखर्जी।इंद्राणी मुखर्जी।

  • इंद्राणी फिलहाल अपनी बेटी की हत्या के आरोप में मुंबई की जेल में बंद है
  • चिदंबरम पर आईएनएक्स मीडिया को गलत तरीके से अनुमति दिलवाने का है आरोप

Dainik Bhaskar

Aug 29, 2019, 04:49 PM IST

मुंबई. आईएनएक्स मीडिया केस में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को लेकर शीना बोरा हत्याकांड में गिरफ्तार इंद्राणी मुखर्जी की प्रतिक्रिया सामने आई है। गुरुवार को इंद्राणी ने कहा कि चिदंबरम की गिरफ्तारी को अच्छी खबर है।

 

गौरतलब है कि आईएनएक्स मीडिया की प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी के बयानों के आधार पर ईडी और सीबीआई ने चिदंबरम पर शिकंजा कसा था।

 

यह बोली इंद्राणी मुखर्जी

आईएनएक्स मीडिया की प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या मामले में जेल में बंद हैं।  इंद्राणी ने कहा, "मुझे खुशी है कि चिदंबरम गिरफ्तार हुए हैं। मेरी इस मामले पर करीबी नजर है।" इसके साथ ही इंद्राणी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कार्ति चिदंबरम की भी अग्रिम जमानत याचिका रद्द हो।

 

ईडी को इंद्राणी ने यह दिया था बयान 

प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ में इंद्राणी ने बताया था कि चिदंबरम ने उनके पति पीटर से कहा था कि FIPB की मंजूरी के बदले उन्हें उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के बिजनेस में मदद करनी होगी। ईडी ने इंद्राणी के बयान के आधार पर चार्जशीट के दर्ज किया और कोर्ट में भी इसे सबूत के तौर पर पेश किया। इंद्राणी ने प्रवर्तन निदेशालय को बताया था कि कार्ति से उनकी और पीटर की मुलाकात दिल्ली के एक होटल में हुई थी और कार्ति ने इस मामले को सुलझाने के लिए 10 लाख रुपये रिश्वत के तौर पर मांगे थे।

 

क्या है पूरा मामला?
15 मार्च 2007 को आईएनएक्स मीडिया ने एफआईपीबी की स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय के सामने आवेदन किया, जिसमें एफआईपीबी ने 18 मई 2017 को इसके लिए सिफारिश की। लेकिन बोर्ड ने आईएनएक्स मीडिया द्वारा आईएनएक्स न्यूज में अप्रत्यक्ष रूप से निवेश की अनुमति नहीं दी। यहां तक कि आईएनएक्स मीडिया के लिए भी एफआईपीबी ने सिर्फ 4.62 करोड़ रुपये से ज्यादा के एफडीआई निवेश की अनुमति नहीं दी। सीबीआई के अनुसार आईएनएक्स मीडिया ने नियमों को नजरअंदाज किया और जानबूझकर आईएनएक्स न्यूज में 26 प्रतिशत के लगभग निवेश किया। यही नहीं उन्होंने 800 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से अपने शेयर को जारी करके आईएनएक्स मीडिया के लिए 305 करोड़ की एफडीआई जुटाई, जबकि उन्हें सिर्फ 4.62 करोड़ रुपये एफडीआई की ही अनुमति थी।

 

कार्ति चिदंबरम को 2018 में किया गया था गिफ्तार
सीबीआई ने कहा कि कार्ति चिदंबरम के कारण एफआईपीबी से जुड़े अधिकारियों ने न सिर्फ इन चीजों की अनदेखी की बल्कि आईएनएक्स मीडिया की सहायता भी की। अधिकारियों ने राजस्व विभाग द्वारा इस मामले के जांच के मांग की भी अनदेखी की। कार्ति चिदंबरम को 28 फरवरी, 2018 को गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई। ईडी ने कार्ति चिदंबरम की 54 करोड़ रुपये की संपत्ति और मामले से जुड़ी एक कंपनी को कुर्क किया था। मामले में इंद्राणी मुखर्जी की संपत्तियों को भी कुर्क किया गया था।

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