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कौन हैं ईशा अंबानी के फियांसे, जानिए पीरामल ग्रुप के बारे में

देश के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा पीरामल परिवार की बहू बनेंगी।

Dainik Bhaskar

May 07, 2018, 12:12 AM IST
अजय पीरामल अजय पीरामल

मुंबई. देश के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा पीरामल परिवार की बहू बनेंगी। ईशा की सगाई आनंद पीरामल के साथ हुई है। आनंद, पीरामल एंटरप्राइजेज के मालिक अजय पीरामल और स्वाती पीरामल के बेटे हैं। बता दें आठ साल पहले इसी ग्रुप ने 2010 में इंडियन फार्मा इंडस्ट्री के इतिहास की दूसरी सबसे महंगी डील की थी। ये डील अजय पीरामल ने अमेरिकी कंपनी Abbott लैब्स के साथ की थी। इस डील तक पहुंचने में अजय की बेटी नंदिनी की दो घंटे की सीक्रेट मीटिंग ने भी अहम रोल निभाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डील के लिए अजय और उनकी बेटी ने बैंकर्स की भी हेल्प नहीं ली थी। चार घंटे में हो गया था 17500 करोड़ का सौदा...

- 2010 में नंदिनी ने दुबई के एक होटल में सीक्रेट मीटिंग लाइन अप की। जहां अजय पीरामल और नंदिनी ने अबॉट लैब्स के चेयरमैन माइल्स व्हाइट से मुलाकात की।
- 30 बिलियन USD (2,00,462 करोड़ रु) नेटवर्थ के साथ तब अबॉट दुनिया की 7वीं सबसे बड़ी ड्रग मेकर कंपनी हुआ करती थी।
- अबॉट के चेयरमैन से मुलाकात के कुछ हफ्तों बाद पीरामल ने अबॉट के एक और सीनियर अधिकारी ओलिवर बुहॉन से मुलाकात की।
- ये मुलाकात दो घंटे चली। इस दौरान पीरामल ने उन्हें कंपनी के वैल्युएशन को लेकर उन्हें तीन पेज का शॉर्ट नोट सौंपा। लंबी मीटिंग के बाद डील फाइनल हुई। और अमेरिकी कंपनी Abbott Laboratories ने पीरामल हेल्थकेयर कंपनी के फार्मा सॉल्यूशन बिजनेस को 17500 करोड़ रु में खरीदा।

- ये उस समय की इंडियन फार्मा इंडस्ट्री की दूसरी बड़ी डील थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस डील में अजय को उस समय की वैल्यूएशन की तुलना में 9 गुना ज्यादा दाम मिला था।

- इसके बाद से ही अजय को मर्जर एक्वीजिशन किंग कहा जाने लगा था।

- एक रिपोर्ट के मुताबिक, आज भी फार्मा इंडस्ट्री के कई दिग्गज यह जानना चाहते हैं कि आखिर उस नोट में क्या था, जिसे पीरामल ने व्हाइट को सौंपा था।

- इससे पहले फार्मा इंडस्ट्री के इतिहास में जापानी कंपनी दाई इचि ने सबसे महंगी डील की थी।
- कंपनी ने दिल्ली बेस्ड रैनबैक्सी लैब्स को 4.6 बिलियन USD (30,737 करोड़ रु) देकर उसके 50 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी।

कौन हैं आनंद पीरामल ?

- आनंद 10 अरब अमेरिकी डॉलर (66,820 करोड़ रु) के पीरामल ग्रुप के एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर हैं।

- वे यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएट हैं।
- वहीं, हॉर्वर्ड बिजनेस स्कूल से उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स किया है।
- कुछ समय पहले ही उन्होंने दो स्टार्ट अप शुरू किए हैं।
- पहला पीरामल ई-स्वास्थ्य और दूसरा पीरामल रिएल्टी।
- पीरामल ई- स्वास्थ्य एक दिन में 40 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज कर रही है।
- इसके अलावा वे पीरामल ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी हैं।
- यही नहीं, आनंद ‘इंडियन मर्चेंट चैंबर’ की यूथ विंग के सबसे कम उम्र के प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं।

अब जानिए पीरामल ग्रुप के बारे में

- बता दें कि पीरामल एक डायवर्स कंपनीज का ग्रुप है, जिनका विस्तार अलग-अलग सेक्टर में है।

- पीरामल ग्रुप हेल्थकेयर, लाइफ साइंस, ड्रग डिस्कवरी, हेल्थकेयर इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट, स्पेशियालिटी ग्लास पैकिंग, फाइनैंशियल सर्विस और रियल स्टेट जैसे सेक्टर में डील करता है।

- अजय पीरामल इसके चेयरमेन हैं। 6 मई 2018 को फोर्ब्‍स के अनुसार, उनकी रीयल टाइम नेटवर्थ 4.5 अरब डॉलर (30,069 करोड़ रु से ज्यादा) दर्ज की गई।

कंपनी प्रोफाइल
* पीरामल ग्रुप में 4 मुख्य कंपनी शामिल हैं।

1. पीरामल इंटरप्राइजेज लिमिटेड

2. पीरामल ग्लास

3. पीरामल रिअलटी

4. पीरामल फाउंडेशन

क्या है पीरामल एंटरप्राइजेज ?

- पीरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड (पीईएल), पीरामल ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनी है। यह ग्रुप हेल्थकेयर, लाइफ साइंस, इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट, रिअल एस्टेट और फाइनेंशियल सर्विस में काम कर रही है।
- पीरामल एंटरप्राइजेज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सजेंज में लिस्टेड है।
- फॉर्च्यून-500 द्वारा पीरामल हेल्थकेयर को भारत के 50 लार्जेस्ट कॉर्पोरेशन में शामिल किया गया था। यूएन कॉन्फ्रेंस द्वारा ट्रेंड और डेवलपमेंट वर्ल्ड इन्वेस्टमेन्ट रिपोर्ट 2011 के अनुसार, पीरामल ग्रुप वर्ल्ड की टॉप-5 फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग में से है।

पीरामल ग्लास
- पीरामल ग्लास- फार्मास्युटिकल, क्रूड और बेवरीजीस (एफएन्डबी) और कॉस्मेटिक्स और पर्फ्यूर्मरी (सीएन्डपी) के लिए ग्लास पैकेजिंग मैन्युफैक्चर करती है।

- इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स यूएसए, श्रीलंका और भारत में है।

पीरामल रिअलटी
- यह पीरामल ग्रुप की रिअल स्टेट बिजनेस ग्रुप है, जो साउथ मुंबई में भारत के प्रथम मॉल क्रॉस रोड का काम किया था।


80 के दशक में संभाली थी कंपनी की कमान
- 1980 में अजय पीरामल ने पीरामल ग्रुप की कमान संभाली थी।
- 1984 में इस ग्रुप ने गुजरात ग्लास लिमिटेड को टेकओवर किया था, जो फार्मास्युटिकल और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट के लिए ग्लास पैकेजिंग का काम करती थी।
- इसके बाद 1999 में सिलोन ग्लास नाम की कंपनी का अधिग्रहण किया।
- 1988 में ग्रुप ने निकोलस लैबोरेटरीज खरीदा, जो 2010 में फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज में सबसे ज्यादा रेटेड कंपनी बन गई।
- खुद के अस्तित्व को मजबूत करने के लिए कंपनी ने कई बिजनेस यूनिट्स पर टेकओवर किया।

- कंपनी ने 2006 में यूके मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी मोर्फेथ का अधिग्रहण किया। इसके बाद इस बिजनेस ग्रुप ने पीरामल फाउंडेशन की नींव रखी।

2006 में ग्लोबल हेल्थकेयर टॉप पर

- 2006 में पीरामल हेल्थकेर ने एसएन्ड पी ग्लोबल चैलेन्जर्स की लिस्ट में ग्लोबल लीडर के तौर पर जगह बनाई।
- 2007 में इस ग्रुप ने मर्क (Merck) ग्रुप के साथ डील की। जिसमें नई दवाओं के संशोधन और डेवलपमेंट शामिल है।
- 2008 में ग्रुप ने एली लिली के साथ दूसरी ड्रग डेवलपमेंट डील साइन की।

- 2010 में निकोलस लेबोरेटरीज का नाम बदलकर पीरामल हेल्थकेर लिमिटेड किया गया।

50 लार्जेस्ट कॉर्पोरेशन में से एक

- 2011 में फॉर्च्यून-500 रैकिंग में पीरामल हेल्थकेयर ने भारत के टॉप-50 लार्जेस्ट कॉर्पोरेशन में जगह बनाई।

- इसके बाद ट्रेंड एंड डेवलपमेंट की वर्ल्ड इन्वेस्टमेन्ट रिपोर्ट 2011 में पीरामल हेल्थकेयर को टॉप-10 में 5वां स्थान मिला।
- रिपोर्ट के मुताबिक, 2011-12 में पीरामल ने वोडाफोन एस्सार का 11% हिस्सा खरीदा।

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