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मूछों के लिए पॉपुलर थे IPS हिमांशु, एग्जाम हॉल में शुरू हुई थी लव स्टोरी

महाराष्ट्र एटीएस के चीफ रहे आईपीएस हिमांशु रॉय ने किया सुसाइड।

Danik Bhaskar | May 11, 2018, 04:47 PM IST

मुंबई. पूर्व महाराष्ट्र एटीएस चीफ हिमांशु रॉय ने शुक्रवार को सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। आईपीएल फिक्सिंग, ज्योतिर्मोय मर्डर जैसे हाईप्रोफाइल केस देख चुके इस IPS का सुसाइड करना काफी शॉकिंग है। वे महाराष्ट्र पुलिस में अपने पॉजिटिव एटीट्यूड को लेकर सबसे ज्यादा पॉपुलर थे।

एग्जाम हॉल में हुआ था प्यार

- मूलतः मुंबई के रहने वाले रॉय के पिता कोलाबा में डॉक्टर थे। कैंपियन स्कूल से इंटरमीडिएट करने के बाद इन्होंने भी मेडिकल फील्ड में एडमिशन लिया था, लेकिन बहुत जल्द ही अपनी स्ट्रीम चेंज कर CA ज्वाइन कर लिया।
- हिमांशु रॉय की जॉब बतौर CA आर्थर एंडरसन नाम की कंपनी में लगी थी। जॉब होने के बावजूद वे अंदर से सैटिस्फाइड नहीं थे। वे सोसाइटी के लिए कुछ करना चाहते थे। यही वजह थी कि इन्होंने जॉब छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू की।
- साल 1988 में इन्हें UPSC एग्जाम का सेंटर माजगांव मिला था। वहीं इनकी मुलाकात भावना त्रिपाठी से हुई थी।
- एग्जाम हॉल से हुई दोस्ती प्यार में कन्वर्ट हुई और फिर दो साल बाद साल 1990 में दोनों ने शादी कर ली। भावना ने भी वह एग्जाम क्वालिफाई किया था। उन्हें IAS रैंक मिली थी, जबकि हिमांशु को IPS।
- भावना पॉपुलर ऑथर आमिश त्रिपाठी की बहन हैं।

यंगेस्ट SP

- 1988 में यूपीएससी क्रैक करने के बाद इन्हें पहली पोस्टिंग 1991 में मालेगांव मिली थी।
- 1995 में ये नासिक रूरल के यंगेस्ट एसपी बने। पोस्टिंग के टाइम इनकी उम्र 32 साल थी।
- साल 2009 में ये मुंबई के ज्वाइंट कमिशनर ऑफ पुलिस बने।
- इनके नाम मुंबई का पहला साइबर क्राइम सेल इस्टैब्लिश करने का क्रेडिट भी जाता है। इसके अलावा रूरल महाराष्ट्र में वुमन सेल, एंटी-डकैती कार्यों के लिए भी इन्हें जाना जाता है।

मूछों के लिए रहे पॉपुलर, क्लासिक म्यूजिक के थे फैन

- हिमांशु रॉय की पहचान उनकी घनी मूंछें बनीं। 6 फीट से ज्यादा हाइट और मस्कुलर बॉडी की वजह से भी वे यूथ के बीच काफी पॉपुलर रहे।
- साल 2012 में इन्होंने एक्टर अरबाज खान के साथ नाइट्रो जिम का इनॉग्रेशन किया था।
- इन्हें क्लासिक म्यूजिक का शौक था।
- प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये जिस सवाल का जवाब अवॉइड करना चाहते थे, उनके जवाब ये वन लाइनर, जोक या कोई किस्सा कहानी सुनाकर देते थे। जिससे पूछने वाला सवाल भूल जाए और उसका ध्यान भटक जाए।