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महाराष्ट्र / बाघिन अवनि को मारने प्लेन से आए थे कुत्ते, 5 हाथी भी बुलाए गए थे



बाघिन अवनि की तलाश में 200 लोगों की टीम और करीब 100 कैमरे लगाए गए थे। बाघिन अवनि की तलाश में 200 लोगों की टीम और करीब 100 कैमरे लगाए गए थे।
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बाघिन अवनि की तलाश में 200 लोगों की टीम और करीब 100 कैमरे लगाए गए थे।बाघिन अवनि की तलाश में 200 लोगों की टीम और करीब 100 कैमरे लगाए गए थे।

  • अवनि ने 13 इंसानों का शिकार किया था, सुप्रीम कोर्ट ने दी थी मारने की मंजूरी
  • इस मिशन में वन विभाग के करीब 200 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे
  • यवतमाल जिले के रालेगांव, पांढरकवडा और कलंब तहसील के 25 से ज्यादा गावों में अवनि की दहशत थी

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 07:44 AM IST

अमोल ढोणे (यवतमाल). महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में मारी गई बाघिन अवनि की मौत पर बहस थम नहीं रही है। आइए जानें आखिर अवनि को मारने की प्लानिंग कैसे बनी।

आदमखोर बाघिन के आखिरी 52 दिनों की कहानी

  1. सुप्रीम कोर्ट ने अवनि को मारने की मंजूरी 11 सितंबर को दे दी थी। अगले दिन से मुहिम शुरू हुई। बताया जाता है कि उसने 13 इंसानों का शिकार किया था। इस मिशन में वन विभाग के करीब 200 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।

  2. अवनि को मारने के लिए वन विभाग ने रालेगांव तहसील के लोणी गांव के जंगल में बेस कैंप बनाया। विभाग के अधिकारी, कर्मचारी 650 हेक्टेयर जंगल में उसे तलाशने लगे। हैदराबाद से शिकारी नवाब शौकत की टीम को बुलाया गया।

  3. बाघिन नहीं मिली तो नवाब के दिल्ली के दोस्त और गोल्फर ज्योति रंधावा के इटैलियन डॉग्स को बुलाया गया। रंधावा अपने केन कार्स प्रजाति के डॉग्स को लेकर हवाई जहाज से नागपुर पहुंचे थे। वहां से कार से वे बेस कैंप आए। लेकिन, रंधावा पर सोशल मीडिया पर हमले बढ़े तो वे कुछ दिनों में ही अपने कुत्तों के साथ लौट गए।

  4. अवनि को खोजने में कमर तक की जंगली घास मुसीबत बनी। तलाश आसान हो, इसलिए मध्यप्रदेश से चार हाथी मंगवाए गए। ये चारों हाथी भाई थे। पांचवां हाथी महाराष्ट्र के ताडोबा से मंगवाया गया। 

  5. एक दिन अचानक ताडोबा से लाया हाथी गांव की ओर भागा। एक महिला को कुचलकर मार डाला। एक बुजुर्ग को जख्मी किया। इस घटना के बाद सभी हाथियों को वापस भेज दिया गया।

  6. अवनि में तलाश में की गई हर मुमकिन कोशिश

    अवनि को आकर्षित करने के लिए जंगल में जगह-जगह पर बकरियों-घोड़ों को बांधकर मचान बनाए गए। जंगल में 100 से ज्यादा कैमरे लगवाए गए। 52 जगह पर प्रेशर इम्प्रेशन पैड (पीआईपी) तैयार किए गए। यहां रोज तड़के जांच होती थी।

  7. वन विभाग ने अवनि की तलाश के लिए दिल्ली से पैरा मोटर मंगवाई। लेकिन 2-3 उड़ान भरने के बाद मोटर बंद हो गई। फिर ड्रोन से तलाशी चली। बाद में उसे दूसरी बाघिन का मूत्र छिड़काव कर आकर्षित किया।

  8. नवाब शौकत के बेटे की गोली से मारी गई

    2 नवंबर, अवनि की तलाश मुहिम का 52वां दिन था। अवनि मूत्र की ओर आकर्षित हुई और बाहर निकली। तभी उस पर नवाब शौकत के बेटे असगर अली ने गोली दाग दी। वह वहीं ढेर हो गई।

  9. यवतमाल जिले के रालेगाव, पांढरकवडा और कलंब तहसील के 25 से ज्यादा गावों में अवनि की दहशत थी। अवनि ने जब 8वां शिकार किया तो लोगों ने गांव में आए वन विभाग के अधिकारी का वाहन जला दिया था।

  10. इस घटना के बाद विभाग ने बाघिन को पकड़ने का आदेश निकाला। इसी दौरान अवनि ने 2 शावकों को जन्म दिया। बाद में अवनि ने 28 अगस्त 2018 को 13वें व्यक्ति का शिकार किया। वन विभाग ने उसे मारने का निर्णय लिया। 

  11. अवनि को मारने के आदेश के खिलाफ वन्य जीव प्रेमी हाईकोर्ट पहुंचे, लेकिन कोर्ट ने विभाग को अवनि को मारने की अनुमति दे दी। साथ में ये भी कहा कि बाघिन को बेहोश कर जिंदा पकड़ने की कोशिश हो। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के निर्णय को बहाल रखा।

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