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डेढ़ गुना ज्यादा हाउसिंग प्रोजेक्ट होंगे लाॅन्च, 70% नए खरीदारों को फायदा

छोटे शहरों में ज्यादा फायदा, मार्च 2019 तक ब्याज दर घटने की उम्मीद नहीं

धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया | Last Modified - Jun 10, 2018, 03:26 AM IST

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    छोटे शहरों में ज्यादा फायदा, मार्च 2019 तक ब्याज दर घटने की उम्मीद नहीं। - सिम्बॉलिक

    मुंबई. रिजर्व बैंक द्वारा अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर में लोन सीमा बढ़ाने से देश में इस साल पिछले वर्ष के मुकाबले 50 फीसदी नए प्रोजेक्ट लॉन्च होंगे। यानी डेढ़ गुना। फिलहाल बिल्डर 70 से 85 फीसदी तक मकान अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर के बना रहे हैं। मकान खरीदने की चाहत रखने वाले लोगों को लोन सीमा बढ़ोतरी का फायदा मिलेगा। क्रिसिल रेटिंग्स के मुताबिक हाउसिंग लोन में 37% अफोर्डेबल हाउसिंग में दिए जा रहे हैं। यह आंकड़ा अप्रैल 2018 का है। हाल ही में रिजर्व बैंक ने महानगरों में 28 से 35 लाख और अन्य शहरों में 20 से 25 लाख रु. कर्ज सीमा बढ़ाई है। हालांकि चार वर्ष बाद अभी ब्याज दर बढ़ी है। जानकारों के मुताबिक मार्च 2019 तक ब्याज दर कम होने का अनुमान नहीं है, बल्कि बढ़ सकती हैं। इसके बावजूद हाउसिंग सेक्टर में ग्रोथ का अनुमान है।


    क्रेडाई के नेशनल प्रेसीडेंट जक्षय शाह ने कहा कि बिल्डर वर्तमान में जो भी नए प्रोजेक्ट बना रहे हैं, उसमें 70 से 85 फीसदी तक अफोर्डेबल हाउसिंग के प्रोजेक्ट हैं। सरकार की घोषणा के बाद बीते वर्ष के मुकाबले करीब पचास फीसदी अधिक नए प्रोजेक्ट इस वर्ष लॉन्च होने की उम्मीद है। साथ ही लोन सीमा बढ़ने के बाद बिल्डर भी अधिक जगह में फ्लैट-मकान बना पाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को फायदा होगा। अफोर्डेबल हाउसिंग के तहत वर्तमान में बैंकों द्वारा करीब 37% लोन दिए जा रहे हैं। सीमा बढ़ने के बाद इनकी हिस्सेदारी एक वर्ष में बढ़कर 50% हाे सकती है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण ब्याज दरें बढ़ी हैं। बावजूद इसके हम चाहेंगे कि अफोर्डेबल हाउसिंग में किसी भी प्रकार से कोई भी दर न बढ़ाई जाए। आईबीसी में संशोधन पर शाह ने कहा कि सरकार को देखना चाहिए कि कैसे ग्राहक को जल्द से जल्द अपने फ्लैट या मकान मिलें।


    - लायसिस फोरस रेटिंग्स एंड रिसर्च के अनुसार, आठ महानगरों में 2017-18 की चौथी तिमाही में पिछले वर्ष के मुकाबले मकानों की बिक्री 14% बढ़ी है। जबकि अफोर्डेबल हाउसिंग (25 लाख या इससे कम राशि) में 24 फीसदी की वृद्धि हुई।

    - वहीं क्रिसिल रेटिंग्स के सीनियर डायरेक्टर कृष्णन सीतारामन ने कहा कि महानगरों में जो मकान बिना बिके रह गए थे, सरकार के इस फैसले से उनकी बिक्री में भी बढ़ोतरी होगी। लोन सीमा बढ़ने से अतिरिक्त 15 फीसदी खरीदार बढ़ जाएंगे। द इंसोल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड (आईबीसी) में संशोधन से रियल एस्टेट क्षेत्र में अचानक गायब होने वाली कंपनियों पर रोक लगेगी। प्रोजेक्ट समय पर पूरे हाेंगे।

    - एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग सीमा बढ़ने के बाद फायदे का दायरा बढ़ेगा। क्योंकि लोन पर कम ब्याज और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी के दायरे में अधिक लोग आ जाएंगे।


    क्रेडाई के राज्य प्रवक्ता मनोज सिंह मीक ने कहा कि सरकार के फैसले से अफोर्डेबल हाउसिंग खरीदारों में 30 फीसदी तक उछाल आने की उम्मीद है। चूंकि वर्तमान में बाजार में निवेशकों से अधिक वास्तविक खरीदार हैं, इसलिए सरकार के इस फैसले से खासतौर पर छोटे शहरों को अधिक फायदा होगा।


    सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विराग गुप्ता ने कहा कि आईबीसी में संशोधन पर सरकार का प्रयास तो अच्छा है, लेकिन खरीदार को फायदा तो पूरी प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही मिलेगा, जिसमें समय लगेगा। क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्ट डी.के. जोशी के मुताबिक वर्तमान आर्थिक स्थिति और संकेतों के मुताबिक मार्च 2019 तक बैंक ब्याज दरों के घटने की उम्मीद नहीं है।

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    मकान खरीदने की चाहत रखने वाले लोगों को लोन सीमा बढ़ोतरी का फायदा मिलेगा। - सिम्बॉलिक
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