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सुरबहार वादक अन्नपूर्णा देवी का 91 की उम्र में निधन: पं. रविशंकर से शादी के लिए 14 साल में बन गई थीं हिंदू

अन्नपूर्णा देवी को शास्त्रीय संगीत के लिए 1977 में पद्मभूषण मिला था

Dainik Bhaskar

Oct 14, 2018, 10:58 AM IST
Legendary Classical Musician Annapurna Devi Is No More

मुंबई. मशहूर सुरबहार वादक अन्नपूर्णा देवी का शनिवार तड़के 4 बजे करीब मुंबई में निधन हो गया। वे 91 वर्ष की थीं और कई बीमारियों से जूझ रही थीं। 1977 में उन्हें पद्मभूषण मिल चुका है। उनके शिष्यों में बांसुरी वादक हरिप्रसाद चौरसिया, सरोद वादक आशीष खान, सितार वादक संध्या फड़के शामिल हैं।

मुस्लिम परिवार में जन्मी थीं अन्नपूर्णा देवी
अन्नपूर्णा देवी की जिंदगी कला और रोचक किस्सों से भरपूर रही। वे जाने-माने सितार वादक पंडित रविशंकर की पूर्व पत्नी और मैहर घराने के उस्ताद बाबा अलाउद्दीन खां की बेटी थीं। जन्म मध्यप्रदेश के मैहर में 1927 में हुआ था। जन्म के वक्त मां-बाप ने नाम रखा था- रोशनआरा खां। लेकिन कुछ ही दिन में नवजात रोशनआरा को एक नया नाम मिल गया। दरअसल अलाउद्दीन खां महाराजा बृजनाथ सिंह के दरबारी संगीतकार थे।

अलाउद्दीन ने जब बेटी के जन्म के बारे में दरबार में बताया तो महाराजा ने नवजात बच्ची का नाम अन्नपूर्णा देवी रख दिया। अन्नपूर्णा को पिता से ही शास्त्रीय संगीत और सुरबहार वादन की शिक्षा मिली। 5 साल की उम्र में ही वो सितार से लेकर सुरबहार तक में पारंगत हो गई थीं। पंडित रविशंकर से विवाह के लिए अन्नपूर्णा देवी ने 1941 में हिंदू धर्म स्वीकार किया। शादी 21 साल चली और दोनों का तलाक हो गया।

दरअसल अन्नपूर्णा देवी का संगीत के क्षेत्र में काफी नाम था। वे बेहद लोकप्रिय थीं और ये बात पंडित रविशंकर को खटकने लगी थी। रिश्ता बचाने के लिए अन्नपूर्णा देवी ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में वादन छोड़ दिया, पर दोनों के रिश्ते बिगड़ने शुरू हो गए। रविशंकर से तलाक के बाद एक अखबार को दिए इंटरव्यू में अन्नपूर्णा देवी ने बताया भी था- '1950 के दशक में हम दोनों जब भी किसी शो में एक साथ कार्यक्रम पेश करते तो समीक्षक मेरी ज्यादा तारीफ करते। पंडित जी को यह अच्छा नहीं लगता था।

वैवाहिक जिंदगी पर इसका नकारात्मक असर पड़ने लगा। उन्होंने सीधे तौर पर तो मुझे कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने से नहीं रोका लेकिन वे जता देते थे कि पत्नी को ज्यादा तारीफ मिलने से वे खुश नहीं हैं। रविशंकर से तलाक के बाद अन्नपूर्णा देवी ने 1982 में अपने शिष्य रूशिकुमार पंड्या से शादी की। 2013 में पंड्या का निधन हो गया।

सुरबहार वादक अन्नपूर्णा इतनी लोकप्रिय थीं कि उनके पति पंडित रविशंकर को ही ये बात अखरने लगी थी
पंडित रविशंकर अन्नपूर्णा के पिता अलाउद्दीन खां से सितार सीखने आते थे। यहीं रविशंकर और अन्नपूर्णा की मित्रता हुई और बाद में दोनों ने शादी करने का फैसला किया। अन्नपूर्णा को धर्म तक बदलना पड़ा। 1941 की ये तस्वीर दोनों की शादी के बाद की ही है।

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