महाराष्ट्र / बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए केंद्र सरकार से 6813 करोड़ रुपए की मांग, कोल्हापुर में लगाई गई धारा 144



Maharashtra floods: Section 144 imposed in Kolhapur; NCP asks if it is General Dyer's government?
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Maharashtra floods: Section 144 imposed in Kolhapur; NCP asks if it is General Dyer's government?

  • मलिक ने यह भी सवाल किया कि क्या ब्रिटिश अधिकारी जनरल डायर की सरकार थी जिसने 1919 में जलियांवाला बाग नरसंहार को अंजाम दिया था
  • राहत कार्य के दौरान किसी भी 'भ्रम', या 'अफवाह'  से बचने के लिए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पूरे जिले में धारा 144 लगाई गई है

Dainik Bhaskar

Aug 14, 2019, 10:22 AM IST

मुंबई. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद ऐलान किया कि बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए 6813 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता केंद्र से मांगी गई है। सरकार ने  कोल्हापुर, सांगली और सतारा के लिए 4708 करोड़ रुपये और कोंकण क्षेत्र, नासिक और बाकी प्रभावित जिलों के लिए 2105 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। 

 

बाढ़ के पानी में आई कमी में बाद सोमवार को राहत कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। राहत कार्य के दौरान किसी भी 'भ्रम', या 'अफवाह'  से बचने के लिए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पूरे जिले में धारा 144 लगाई गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने देवेंद्र फडणवीस सरकार पर बाढ़ प्रभावित कोल्हापुर में धारा 144 लगाने पर जमकर निशाना साधा है। बता दें कि पिछले 6 दिनों से कोल्हापुर और सांगली जिला बाढ़ की विभीषिका झेल रहा था। 

 

नवाब मलिक ने कहा-जनरल डायर की सरकार

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, एनसीपी मुंबई के प्रवक्ता नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि सरकार से नाराज लोगों की आवाज दबाने के लिए धारा 144 लगाई गई है। मलिक ने यह भी सवाल किया कि क्या ब्रिटिश अधिकारी जनरल डायर की सरकार थी जिसने 1919 में जलियांवाला बाग नरसंहार को अंजाम दिया था। इसके बावजूद विपक्ष डरने वाला नहीं है। वह सरकार को जवाब देने में सक्षम है। 

 

एक मीटिंग में बाढ़ पीड़ितों को चुप करवाने पर मालिक ने भाजपा मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा,"राज्य भाजपा प्रमुख किसानों के प्रति अहंकार दिखाते हैं और दूसरी ओर सरकार 12 से 24 तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में धारा 144 भी लगाती है।"

 

बाढ़ के लिए सरकार जिम्मेदार: प्रकाश आंबेडकर

वंचित बहुजन आघाडी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने कोल्हापुर और सांगली में बाढ़ की स्थिति के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी के कारण कोल्हापुर और सांगली के लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग ही अब सरकार को सबक सिखाएंगे। सोमवार को दादर में स्थित आंबेडकर भवन में पत्रकारों से बातचीत में आंबेडकर ने सरकार से बांधों के पानी को छोड़ने संबंधी नियंत्रण के लिए कंट्रोल रूम बनाने की मांग की।

 

लगातार आलोचना झेल रही सरकार

बता दें कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में मंत्री द्वारा सेल्फी लेने, राहत सामग्री पर मुख्यमंत्री की फोटो होने और देर से राहत कार्य शुरू करने के आरोपों के बाद सरकार स्थानीय लोगों के निशाने पर है। कई जगह उन्हें स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना भी करना पड़ा है।

 

6 दिन से बंद मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग फिर खुला
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बाढ़ की वजह से पिछले छह दिन से बंद मुम्बई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग को पानी घटने के बाद सोमवार को खोल दिया गया। छह लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग 4 पर शिरोली पुल से एक लेन के माध्यम से कोल्हापुर और बेलगाम के बीच यातायात को चालू कर दिया गया है। पिछले हफ्ते बाढ़ में इस व्यस्त राजमार्ग के डूब जाने के बाद हजारों वाहन फंस गए थे।

 

महाराष्ट्र में अब तक 43 लोगों की मौत 

महाराष्ट्र में बाढ़ का पानी कम हो रहा है। लेकिन तबाही कम होने का नाम नहीं ले रही है। सिर्फ पुणे संभाग(पांच जिले) में 43 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हालात बदतर हैं। यहां चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। एनडीआरएफ, भारतीय नेवी, वायुसेना और सेना के जवान लोगों को बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। उन्हें जरूरत की चीजें और खाना पहुंचा रहे हैं।

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