महाराष्ट्र / मंत्री सुभाष देसाई ने कहा- गाड़ी में मराठी भाषा में नंबर प्लेट लगाने पर नहीं होगी कार्रवाई

मंत्री सुभाष देसाई-फाइल फोटो मंत्री सुभाष देसाई-फाइल फोटो
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मंत्री सुभाष देसाई-फाइल फोटोमंत्री सुभाष देसाई-फाइल फोटो

  • देवनागरी लिपि में नंबर प्लेट लगाना केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1989 के अनुसार गैरकानूनी है
  • मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि केंद्र के साथ बॉम्बे हाई कोर्ट का नाम बदलने को लेकर भी बातचीत कर रहा है

दैनिक भास्कर

Feb 13, 2020, 10:19 AM IST

मुंबई. राज्य में मराठी भाषा के मंत्री सुभाष देसाई ने बुधवार को बताया कि जिन वाहनों में मराठी में नंबर प्लेट हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। नियम के अनुसार, अगर कोई अपने वाहन में देवनागरी लिपि में नंबर प्लेट का उपयोग करता है, जो वह केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1989 के अनुसार गैरकानूनी है।

उन्होंने कहा कि राज्य, केंद्र के साथ बॉम्बे हाई कोर्ट का नाम बदलने को लेकर भी बातचीत कर रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम मुंबई हाईकोर्ट करने की मांग कई साल से चल रही है। उन्होंने कहा, "बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम बदलना हमारे एजेंडे का एक महत्वपूर्ण बिंदु है। हम केंद्र के साथ इसको लेकर बात करेंगे।"

1995 में बॉम्बे का नाम बदल कर कर दिया गया था मुंबई
1995 में केंद्र सरकार ने शहर का नाम बॉम्बे से मुंबई में बदल दिया था। 1996 में बॉम्बे नगर निगम का नाम बदलकर बृहन्मुंबई नगर निगम कर दिया गया। हालांकि, बॉम्बे उच्च न्यायालय और आईआईटी बॉम्बे  दो संस्थान हैं जो अभी भी अपने पुराने नामों का उपयोग करते हैं।

सभी स्कूलों में मराठी भाषा होगी अनिवार्य
सुभाष देसाई ने आगे कहा कि राज्य कक्षा 1 के 10 तक बोर्ड के सभी स्कूल पाठ्यक्रम के लिए मराठी को एक अनिवार्य विषय बना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लगभग 25,000 स्कूलों पर लागू होगा। देसाई ने कहा कि राज्य दक्षिणी राज्यों की तर्ज पर राज्य बोर्ड के अलावा सीबीएसई, आईसीएसई, आईजीसीएसई और आईबी जैसे सभी बोर्ड से संबंध स्कूलों में राज्य भाषा(मराठी) को अनिवार्य करेगी। यह नियम राज्य में स्थापित सभी स्कूलों में लागू होंगे। सरकार इसको लेकर जल्द एक विधेयक पेश करेगी। देसाई ने कहा, "अगर वे फ्रेंच सिखा सकते हैं, तो मराठी क्यों नहीं?" 

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