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40 करोड़ की इंडस्ट्री बन चुके हैं 'डिब्बावाला', ब्रिटिश रॉयल फैमिली से है दोस्ती

शादी की खुशी में मुंबई के सरकारी हॉस्पिटलों में मिठाई बांट रहे हैं डिब्बावाले।

DainikBhaskar.com | Last Modified - May 19, 2018, 01:24 PM IST

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    मुंबई. 19 मई को प्रिंस हैरी और मेगन मार्केल की शाही शादी हो रही है। इस रॉयल वेडिंग को लेकर मुंबई के डिब्बावालों में काफी उत्साह है। पिछले 125 सालों से ऑफिस-घरों में लंच टिफिन पहुंचा रही इस संस्था के स्पोक्सपर्सन सुभाष तालेकर के मुताबिक उन्होंने रॉयल कपल के लिए खास गिफ्ट खरीदे हैं, जिन्हें उन्होंने लंदन कोरियर किया है। साथ ही उन्होंने शादी की खुशी में मुंबई के सरकारी हॉस्पिटलों में मिठाई बांटने का एलान किया है।

    क्या है गिफ्ट

    - डिब्बावाला ने रॉयल दुल्हन मीगन मार्कल के लिए खास पैठानी साड़ी, हरी चूड़ियां और मंगलसूत्र खरीदा है।
    - दूल्हा बने प्रिंस हैरी के लिए खास कोल्हापुरी फेटा पगड़ी और कुर्ता पायजामा खरीदा है।
    - इन्होंने यह पूरी शॉपिंग मुंबई के लालबाग से की है। शॉपिंग के लिए डिब्बावालों ने एक दिन की छुट्टी की थी।

    प्रिंस चार्ल्स की शादी में शामिल हुए थे डिब्बावाले

    - डिब्बावालों और ब्रिटेन के राजघराने के बीच दोस्ती साल 2003 में शुरू हुई थी। तब मुंबई विजिट पर आए प्रिंस चार्ल्स ने डिब्बावाला एसोसिएशन की जमकर तारीफ की थी। दो साल बाद अपनी और कैमिला पार्कर की शादी में डिब्बावालों को स्पेशल इनविटेशन भेजा था।

    128 साल पुरानी संस्था है डिब्बावाला

    - मुंबई में हर रोज लगभग 5 हजार डिब्बावाले 2 लाख टिफिन सप्लाई करते हैं।
    - इसकी शुरुआत सन् 1890 में महादेव हावाजी बच्चे नाम के शख्स ने की थी। तब वे लगभग 100 लोगों के घर साइकिल से टिफिन पहुंचाते थे।
    - साल 1930 में महादेव ने डिब्बावालों को ऑर्गेनाइज करने के लिए एक यूनियन की शुरुआत की।
    - 1956 में नूतन मुंबई टिफिन बॉक्स सप्लायर्स नाम से एक चैरिटेबल ट्रस्ट रजिस्टर की गई। लगभग 12 साल बाद 1968 में ट्रस्ट की कमर्शियल विंग बनाई गई, जिसका नाम था मुंबई टिफन बॉक्स सप्लायर्स एसोसिएशन।
    - तब से हजारों डिब्बेवाले हर रोज घर-घर टिफिन सप्लाई करते हैं।

    ऐसा है डिब्बावाला का वर्कफ्लो

    - हर डिब्बे पर चार तरह के मार्क होते हैं।

    1. पहला कहां से कलेक्ट करना है, उस एरिया का नाम, शॉर्ट में। 2. लोकल ट्रेन के किस स्टेशन से डिब्बे सप्लाई के लिए जाएंगे, उसका कलर कोड।
    3. किस स्टेशन पर सप्लाई होंगे, उस डेस्टिनेशन स्टेशन का नंबर।
    4. किस बिल्डिंग, फ्लैट में डिलिवर करना है उसकी मार्किंग।

    कितनी है कमाई

    - डिब्बावाला एसोसिएशन से जुड़े हर शख्स को बंधी हुई सैलरी मिलती है।
    - यूनियन से जुड़ने के टाइम 30 हजार रुपए जमा करवाने होते हैं, जो कि मंथली 5 हजार रुपए और उम्रभर की नौकरी की गारंटी होते हैं।
    - एक रिपोर्ट के मुताबिक डिब्बावाला एसोसिएशन प्रेजेंट टाइम में 40-45 करोड़ रुपए की इंडस्ट्री बन चुकी है।
    - एक टाइम के टिफिन की कीमत 450 रुपए होती है।

  • 40 करोड़ की इंडस्ट्री बन चुके हैं 'डिब्बावाला', ब्रिटिश रॉयल फैमिली से है दोस्ती
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    ब्रिटिश रॉयल कपल के लिए साड़ी सिलेक्ट करते डिब्बावाला एसोसिएशन के सदस्य।
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    साल 2003 में डिब्बावाला से मिले थे प्रिंस चार्ल्स।
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