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मुंबई प्लेन हादसा: आखिरी बार 10 साल पहले उड़ा था विमान, योग्यता सर्टिफिकेट भी नहीं मिला था

नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को विमान हादसे की जांच करने को कहा है।

Danik Bhaskar | Jun 29, 2018, 01:38 PM IST
  • उड़ान भरने के कुछ देर पहले पायलट मारिया ने पति प्रभात को खराब मौसम की जानकारी दी थी
  • प्रभात ने एविएशन कंपनी पर कार्रवाई करने की मांग की

मुंबई. यहां के घाटकोपर इलाके में गुरुवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए चार्टर्ड प्लेन के पास उड़ान भरने के लिए जरूरी योग्यता सर्टिफिकेट नहीं था। हादसे से पहले विमान ने आखिरी बार 10 साल पहले उड़ान भरी थी। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी।

डेढ़ साल से चल रहा था मेंटेनेंस का काम: गुरुवार शाम नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, "एयरक्राफ्ट ने आखिरी बार 22 फरवरी 2008 को उड़ान भरी थी, तब यह उत्तर प्रदेश सरकार के पास था। 2014 में एयरक्राफ्ट को एम/एस यूवाई एविएशन ने खरीद लिया। डेढ़ साल तक चले मेंटेनेंस के बाद एयरक्राफ्ट की यह पहली टेस्ट उड़ान थी। इसके बाद डीजीसीए के पास उड़ान योग्यता के सर्टिफिकेट के लिए आवेदन दिया जाना था।" सरकार ने कहा, "नियम के अनुसार किसी भी टेस्ट फ्लाइट से पहले विमान उड़ाने के लिए योग्य है या नहीं, इसका सर्टिफिकेट जरूरी होता है, इसे अधिकृत स्टाफ या मेंटेनेंस, स्टाफ एंड ओवरहॉल डिपार्टमेंट (एमआरओ) द्वारा जारी किया जाता है।"

पायलट के पति ने की कार्रवाई की मांग: पायलट मारिया झुबेरी के पति एडवोकेट प्रभात कथूरिया ने आरोप लगाया कि मौसम खराब होने के बावजूद कंपनी ने विमान को जबरन उड़ान भरवाई। मारिया ने उन्हें फोन पर बताया था कि मौसम खराब होने के चलते टेस्ट फ्लाइट संभव नहीं है, क्योंकि ऐसे मौसम में टेस्टिंग खतरनाक हो सकती हैं। मारिया ने प्रभात से थोड़ी देर बात करने के बाद फोन काट दिया। प्रभात ने ये भी बताया कि थोड़ी ही देर में मारिया ने फिर से उन्हें फोन किया। मारिया ने कहा कि मौसम खराब होने के बाद भी विमान का टेस्ट करने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। अब प्रभात ने कंपनी पर कार्रवाई की मांग की है। उधर, डीजीसीए अधिकारियों को विमान का वॉइस डाटा रिकार्डर मिल गया है, जिससे उन्हें हादसे से जुड़ी घटनाओं की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी।