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मुंबई. विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में शामिल हुईं प्रियंका चतुर्वेदी को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। प्रियंका पार्टी में प्रवक्ता और उपनेता के पद पर काम कर रही थीं। इसके अलावा उन्होंने चुनावों में आदित्य ठाकरे के चुनाव क्षेत्र में प्रचार कार्य का जिम्मा संभाला था।
हालांकि, यह माना जा रहा था कि शिवसेना औरंगाबाद के पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे को राज्यसभा भेज सकती है। प्रियंका के नाम का फैसला पार्टी के कई नेताओं के लिए हैरान करने वाला माना जा रहा है।
इसलिए छोड़ी थी कांग्रेस पार्टी
प्रियंका 19 अप्रैल को कांग्रेस छोड़ शिवसेना में शामिल हो गई थीं। कांग्रेस से नाराज प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने उस समय पार्टी के अध्यक्ष रहे राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा था कि कुछ ऐसी बातें हुई हैं जिनसे पता चलता है कि पार्टी में उनके योगदान को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाया था कि उनसे बदतमीजी करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
10 साल पहले कांग्रेस में शामिल हुईं थी प्रियंका
कांग्रेस अध्यक्ष को लिखे पत्र में उन्होंने लिखा था कि पार्टी की विचारधारा और राहुल गांधी के सबको साथ लेकर चलने कि विचार ने उन्हें प्रभावित किया था और इसलिए 10 साल पहले वह पार्टी में शामिल हुईं।
राजीव सातव को कांग्रेस ने बनाया उम्मीदवार
राज्यसभा के लिए कांग्रेस ने राजीव सातव को अपना उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, रजनी पाटिल और मुकुल वासनिक के नाम की चर्चा जोरों पर थी। राजीव सातव ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। वह वर्तमान में गुजरात के प्रभारी हैं। 2009 में वह कलमनुरी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक और 2014 से हिंगोली निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए थे। सातव राहुल और प्रियंका गांधी, दोनों के बेहद करीब माने जाते हैं।
शरद पवार ने दायर किया नामांकन
महाराष्ट्र विधानभवन में बुधवार को एनसीपी चीफ शरद पवार ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन भर दिया है। महाराष्ट्र से बीजेपी ने उदयनराजे भोसले और सहयोगी दल आरपीआई (अ) के अध्यक्ष केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है।
महाराष्ट्र से 7 लोग जाएंगे राज्यसभा में
2 अप्रैल को महाराष्ट्र से राज्यसभा की सात सीटें खाली हो रही हैं, जिनकी चुनाव प्रक्रिया जारी है। नामांकन की आखिरी तारीख 13 मार्च है, जबकि नामांकन की जांच 16 मार्च को की जाएगी। 18 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इस चुनाव में विधानसभा में चुने हुए प्रतिनिधि ही वोट करेंगे।
जीतने के लिए चाहिए 3,601 वोट
महाराष्ट्र में एक विधानसभा के चुने हुए विधायक के वोट का मूल्य 100 वोट है। महाराष्ट्र में कुल 288 विधायक हैं। इस लिहाज से 28,800 वोट होते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 3,601 वोट की जरूरत होगी। दलीय स्थित के अनुसार, बीजेपी तीन, कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के एक-एक सदस्य राज्यसभा आसानी से पहुंच जाएंगे। एक सीट एनसीपी अपने सहयोगी कांग्रेस और शिवसेना के दम पर राज्यसभा भेज सकती है। माना जा रहा है कि एनसीपी प्रमुख पवार ने शिवसेना को मना लिया है, लेकिन कांग्रेस से बात नहीं बनी है।








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