'आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' विवाद / छत्रपति के वंशज उदयन राजे ने कहा किताब वापस ली जाए, भाजपा नेता गाेयल ने लिखी है पुस्तक

किताब पर अपना पक्ष रखने के लिए उदयन ने एक प्रेसवार्ता बुलाई थी। किताब पर अपना पक्ष रखने के लिए उदयन ने एक प्रेसवार्ता बुलाई थी।
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किताब पर अपना पक्ष रखने के लिए उदयन ने एक प्रेसवार्ता बुलाई थी।किताब पर अपना पक्ष रखने के लिए उदयन ने एक प्रेसवार्ता बुलाई थी।

  • उदयन राजे भोसले राकांपा से सातारा के सांसद थे, विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए
  • लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में वह हार गए थे, शिवाजी महाराज की तेरहवीं पीढ़ी हैं उदयन राजे

दैनिक भास्कर

Jan 14, 2020, 05:05 PM IST

सातारा. भाजपा नेता जयभगवान गोयल की किताब 'आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच अब उनकी पार्टी के नेता और शिवाजी महाराज की तेरहवीं पीढ़ी से आने वाले छत्रपति उदयन राजे भोसले ने इस किताब को वापस लेने के लिए कहा है। मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए उदयन ने शिवसेना द्वारा इस पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने शिवसेना के लिए कहा, 'अब शिवसेना का समय खत्म हो गया है, अब उसे अपना नाम बदल कर ठाकरे सेना कर लेना चाहिए।' बता दें कि उदयन राजे राकांपा से सातारा के सांसद थे लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थामा और उपचुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। 

'किताब के बारे में सुनकर बुरा लगा'
उदयन राजे ने कहा, 'छत्रपति शिवाजी महाराज और नरेंद्र मोदी के बीच तुलना नहीं करनी चाहिए। लोगों को अपनी बुद्धि का सही इस्तमाल करना चाहिए था। किताब के बारे में सुनकर बहुत बुरा लगा। मुझे ही नहीं बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज पर प्यार करने वाले हर व्यक्ति को इस घटना से दुख पहुंचा है। छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना दुनिया में किसी से भी नहीं की का सकती।' 

उदयन ने आगे कहा, 'गोयल नाम के व्यक्ति का मैं  महाराष्ट्र की जनता की और से निषेध करता हूं। जानता राजा एक ही थे, बाकी कोई नहीं। कोई भी पक्ष हो सभी ने छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम का इस्तमाल किया, ये दुख की बात है।'

शिवसेना पर साधा निशाना
शिवसेना पर निशाना साधते हुए उदयन ने कहा,'शिवसेना का नामकरण जब हुआ, तब क्या शिवसेना वंशजों को पूछा गया था? शिवसेना भवन में शिवाजी महाराज के ऊपर बाला साहब की तस्वीर लगी है। इसपर उद्धव ठाकरे को जवाब देना चाहिए। शिवसेना को अपना नाम बदल करके ठाकरे सेना कर देना चाहिए। नाम बदलने के बाद राज्य के कितने लोग आपके साथ रहेंगे।

उदयन ने आगे कहा, 'छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम अब तक कई पार्टियों ने सिर्फ अपने मतलब के लिए किया है। शिवाजी महाराज का नाम पर 'शिव वडापाव' शुरू करना क्या उनका अपमान नहीं है?'

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