अयोध्या फैसला / उद्धव ठाकरे 24 नवंबर को अयोध्या जाएंगे, कहा- आडवाणी से मिलकर लूंगा आशीर्वाद



उद्धव ठाकरे-फाइल उद्धव ठाकरे-फाइल
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उद्धव ठाकरे-फाइलउद्धव ठाकरे-फाइल

  • उद्धव ने कहा- पिछले साल शिवनेरी की मिट्‌टी लेकर अयोध्या गए थे, इसी का चमत्कार है कि एक साल में फैसला आ गया
  • मुंबई में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उद्धव ने महाराष्ट्र में सरकार गठन से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 06:04 PM IST

मुंबई. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर शनिवार को अपना फैसला सुना दिया। फैसला आने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉफ्रेंस की। उन्होंने कहा, 'पार्टी ने अयोध्या मुद्दे को कभी नहीं छोड़ा। बाला साहब के वक्त से पार्टी अयोध्या में राम मंदिर की मांग कर रही है। 24 नंवबर को शिवसैनिकों के साथ फिर रामलाल के दर्शन के लिए जाएंगे।'

 

उन्होंने यह भी कहा, 'पिछले साल 24 नवबंर को वे शिवसेना सांसदों और नेताओं के साथ अयोध्या गए थे। तब वहां शिवनेरी की मिट्टी लेकर गए थे। इस मिट्टी का ही चमत्कार है कि एक साल के अंदर कोर्ट ने इस पर फैसला दिया। उद्धव ने इसे भारतीय अस्मिता की जीत बताया।'

 

उद्धव ने विश्व हिन्दू परिषद् के नेता रहे दिवंगत अशोक सिंघल, भाजपा नेता दिवंगत प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे और  भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वे जल्द आडवाणी जी से भी मुलाकात कर उनसे आशीर्वाद लेंगे। 

 

उन्होंने आगे कहा, 'वहां (अयोध्या) में एक ऐसी शक्ति है, जिसे मैंने महसूस किया। इसलिए अब मैं बार-बार वहां जरूर जाऊंगा। जन्मभूमि का विवाद अब खत्म हो गया। आज एक हिंदू को न्याय मिला, इसकी खुशी है।'

 

गडकरी और फडणवीस ने फैसले का स्वागत किया
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, 'कोर्ट ने जो फैसला दिया है उसे एक लोकतांत्रिक देश होने के नाते सभी को स्वीकार करना चाहिए। देश में शांति और सद्भाव कायम रखना चाहिए।' वहीं, फडणवीस ने कहा- कोर्ट के आदेश से भारतीय मूल्यों को मजबूती मिली। इसमें किसी की जीत और किसी की हार नहीं हुई। यह निर्णय भारतीय आस्था को मजबूत करने वाला है।

 

पवार ने कहा- फैसले से गंभीर चिंता का समाधान
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले एक गंभीर चिंता का समाधान करेगा, जो देश को परेशान कर रही थी। उन्होंने कहा, 'न्यायपालिका ने समाज के सभी वर्गों के हितों के संरक्षण की बात की। यह अच्छी बात है।' 

 

शिवनेरी में हुआ था छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म
शिवनेरी किला में 1627 छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मस्थान है। पिछले साल शिवनेरी किले में पूजन के बाद उद्धव ने यहां की मिट्टी एक कलश में ली और उसे लेकर अयोध्या गए थे। बचपन में जिस पालने में छत्रपति झूलते थे, वह आज भी किले की इमारत में मौजूद है। इसी किले पर बचपन में शिवाजी महाराज ने सैनिक शिक्षा पाई थी।

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