महाराष्ट्र / सोलापुर के सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया, सुशील कुमार शिंदे और प्रकाश आंबेडकर को चुनाव में हराया था

सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी शिवाचार्या-फाइल सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी शिवाचार्या-फाइल
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सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी शिवाचार्या-फाइलसांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी शिवाचार्या-फाइल

  • जयसिद्धेश्वर स्वामी ने जाति प्रमाण पत्र में खुद को बेड जंगम जाति का बताया है
  • इसके खिलाफ प्रमोद गायकवाड, मिलिंद मुले और विनायक कंदकरे ने शिकायत दर्ज करवाई थी।

दैनिक भास्कर

Feb 25, 2020, 12:22 PM IST

मुंबई. भारतीय जनता पार्टी के सोलापुर से सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी शिवाचार्या का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। जिला जाति वैधता समिति ने सोमवार को बताया कि चुनावी हलफनामे में शिवाचार्या द्वारा दिया जाति प्रमाण पत्र अवैध है और उनके खिलाफ केस दर्ज करवाने का निर्देश दिया गया है। जयसिद्धेश्वर स्वामी ने जाति प्रमाण पत्र में खुद को बेड जंगम जाति का बताया है। इसके खिलाफ प्रमोद गायकवाड, मिलिंद मुले और विनायक कंदकरे ने शिकायत दर्ज करवाई थी। 

शिंदे और आंबेडकर को हराया था 
महाराष्ट्र की सोलापुर संसदीय सीट से अनसूचित जाति के लिए आरक्षित है। स्वामी ने इस सीट से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार और वंचित विकास आघाड़ी के प्रमुख और डॉ भीमराव आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर को हराकर यह सीट जीती थी। इस फैसले के बाद से स्वामी की संसद सदस्यता पर खतरा मंडराने लगा है और उपचुनाव की संभावन जताई जा रही है।

सही कागजात पेश नहीं कर सके स्वामी
बीते 31 जनवरी और फिर 1 फरवरी को जाति पड़ताल समिति ने इस पर सुनवाई की थी। समिति स्वामी की जाति से संबंधित कागजात से संतुष्ट नहीं थी। इसलिए सांसद स्वामी से सबूत के रूप में जाति के अन्य कागजात देने के लिए कहा गया था। लेकिन 15 फरवरी को हुई सुनवाई में जाति से संबंधित कोई कागज जमा नहीं किया गया। 

सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी की सफाई
विवाद बढ़ने पर सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट में याचिका दायर करते समय जाति के मूल कागजात जमा किए गए हैं। इसलिए जो कागज हाईकोर्ट में दिए गए हैं वह कागजात जाति पड़ताल समिति में पेश नहीं किया जा सकता। हालांकि स्वामी की ओर से वकील संतोष नावटकर ने पुनः जांच की मांग की, लेकिन समिति ने 15 फरवरी को ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सोमवार को समिति ने स्वामी के जाति प्रमाण पत्र को अवैध ठहरा दिया।

कौन हैं जयसिद्धेश्वर स्वामी
जयसिद्धेश्वर स्वामी लिंगायत समाज के धर्मगुरू हैं। उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा था और दिग्गज नेता सुशील कुमार शिंदे को करीब डेढ़ लाख से अधिक मतों से पराजित किया था। जाति प्रमाण पत्र रद्द होने से उनकी सांसदी खतरे में हैं। लेकिन वह जिला जाति पड़ताल समिति के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं।

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