महाराष्ट्र / चंद्रपुर में नदी किनारे पत्थर में फंसे बाघ की हुई मौत, गंभीर रूप से हुआ था घायल

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  • बाघ बुधवार को कई घंटे पत्थर के बीच फंसा रहा
  • वन अधिकारियों ने क्रेन और बुलडोजर की सहायता से बाहर निकाला था

दैनिक भास्कर

Nov 07, 2019, 05:27 PM IST

चंद्रपुर. बुधवार शाम को शिरना नदी के तट कई घंटे तक पत्थरों में फंसे रहे बाघ की गुरुवार को मौत हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग के अफसरों ने बुलडोजर व क्रेन की मदद से बाघ को रेस्क्यू किया। वन अफसर उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाना चाहते थे। जब बाघ को रेस्क्यू करके पिंजरे में कैद किया जा रहा था, तभी वह किसी तरह छूटकर जंगल में भाग गया था।

 

घटना जिले के वेकोलि माजरी क्षेत्र के चारगांव सब एरिया चेकपोस्ट के पास की है। स्थानीय लोगों ने भद्रावती की फारेस्ट ऑफिसर स्वाति महेशकर को यहां पर बाघ के फंसे होने की जानकारी दी। जिसके बाद आरएफओ अपने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर बाघ को निकालने का प्रयास शुरू किया था। स्वाति महेशकर के मुताबिक, पत्थर में फंसे होने के कारण बाघ गंभीर रूप से घायल हो गया था और गुरुवार सुबह उसका शव जंगल से बरामद हुआ। गौरतलब है कि इसी बाघ ने दो दिन पूर्व क्षेत्र के चारगांव के एक बैल पर हमला कर घायल किया था।
 

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