राजनीति / जितेंद्र के इंदिरा गांधी पर बयान से कांग्रेस-एनसीपी आमने-सामने, अशोक चव्हाण बोले- करारा जवाब मिलेगा

लेफ्ट टू राइट- जितेंद्र आव्हाड और अशोक चव्हाण। - फाइल लेफ्ट टू राइट- जितेंद्र आव्हाड और अशोक चव्हाण। - फाइल
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लेफ्ट टू राइट- जितेंद्र आव्हाड और अशोक चव्हाण। - फाइललेफ्ट टू राइट- जितेंद्र आव्हाड और अशोक चव्हाण। - फाइल

  • एनसीपी नेता जितेंद्र अव्हाड ने सभा में कहा था- इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया
  • इस बयान पर कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने आपत्ति जताई, बात बढ़ने पर जितेंद्र बोले- उनके बयान को गलत पेश किया गया

दैनिक भास्कर

Jan 31, 2020, 07:54 PM IST

मुंबई. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर कांग्रेस और एनसीपी के नेता आमने-सामने हैं। दरअसल, एनसीपी नेता जितेंद्र अव्हाड ने एक सभा में कहा था- इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटा था। उनके इस बयान पर कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने उन्हें करारा जवाब देने की बात कही है।

अशोक चव्हाण का ट्वीट- दुनिया इंदिरा का सम्मान करती है

एनसीपी नेता और राज्य सरकार में मंत्री जितेंद्र अव्हाड द्वारा प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर बयान देना कांग्रेस को अच्छा नहीं लगा है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने ट्विटर पर जितेंद्र अव्हाड को इसका जवाब दिया है। उन्होंने लिखा- ‘इंदिरा गांधी का जीवन देश की एकता और अखडंता के लिए बीता है, पूरी दुनिया इंदिरा जी का सम्मान करती है। जितेंद्र अव्हाड ने भले ही सही समय पर खुलासा कर दिया हो, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि अगर कोई हमारे नेता का अपमान करेगा तो करारा जवाब मिलेगा।

एनसीपी नेता ने रैली में दिया था बयान

एनसीपी नेता और राज्य सरकार में मंत्री जितेंद्र अव्हाड ने संविधान बचाओ के नारे के साथ बुलाई गई एक रैली में कहा था कि इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया, जिसके बाद जेपी को आंदोलन करना पड़ा था। उन्होंने कहा था कि जब इंदिरा गांधी ने देश पर आपातकाल थोपने की कोशिश की तो छात्रों ने आंदोलन किया। छात्रों के आंदोलन के बाद जेपी का आंदोलन शुरू हुआ, जिसने इंदिरा गांधी की सरकार को गिरा दिया। हालांकि, विवाद के बाद जितेंद्र अव्हाड ने सफाई भी दी और कहा कि उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया।

पहले भी सामने आ चुकी है रार

महाराष्ट्र की इस सरकार में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि साथी दल आमने-सामने आए हों। इससे पहले शिवसेना और कांग्रेस के बीच विनायक दामोदर सावरकर को लेकर विवाद हो चुका है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक सभा में कहा था कि वो राहुल गांधी हैं, राहुल सावरकर नहीं। इसके जवाब में संजय राउत ने उनपर हमला बोला था और सावरकर का अपमान ना करने की सलाह दी थी। इसके अलावा संजय राउत ने एक बयान में इंदिरा गांधी और अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला की मुलाकात के दावे पर भी विवाद हुआ था।

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