नागरिकता कानून विवाद / अशोक चव्हाण बोले- मुस्लिम भाइयों की अपील पर सरकार में शामिल हुआ, महाराष्ट्र में सीएए लागू नहीं होने देंगे

नांदेड में नागरिकता कानून के विरोध में आयोजित सभा में शामिल हुए अशोक चव्हाण। नांदेड में नागरिकता कानून के विरोध में आयोजित सभा में शामिल हुए अशोक चव्हाण।
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नांदेड में नागरिकता कानून के विरोध में आयोजित सभा में शामिल हुए अशोक चव्हाण।नांदेड में नागरिकता कानून के विरोध में आयोजित सभा में शामिल हुए अशोक चव्हाण।

  • कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री है
  • नांदेड में नागरिकता कानून के विरोध में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे

दैनिक भास्कर

Jan 20, 2020, 12:17 PM IST

मुंबई. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने संशोधित नागरिकता कानून को राज्य में लागू नहीं करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि 'जब तक हमारी सरकार है तब तक राज्य में इसे लागू नहीं होने देंगे।' चव्हाण ने यह भी कहा कि वे (कांग्रेस) मुस्लिम भाइयों की अपील पर भाजपा को हटाने के लिए सरकार में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे तमाम मुस्लिम भाइयों ने कहा- भाजपा हमारी दुश्मन है। अगर भाजपा को रोकना है तो कांग्रेस को सरकार में शामिल होना चाहिए।' अशोक चव्हाण रविवार शाम को महाराष्ट्र के नांदेड में नागरिकता कानून के विरोध में आयोजित एक जनसभा में बोल रहे थे।

पहले भी कई कांग्रेस मंत्री कर चुके हैं विरोध
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और राज्य में कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने सीएए को लेकर कहा था कि 'हमारी भूमिका स्पष्ट है, हम सीएए को महाराष्ट्र में लागू नहीं करेंगे।' उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का साझा बयान जारी होगा।' थोराट ने कहा कि 'अदालत का फैसला आने तक हम इंतजार करें।'

महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने भी किया विरोध
महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि केंद्र सरकार कानून जरूर बना सकती है, लेकिन उसे लागू करने का जिम्मा पूरी तरह राज्य सरकार के पास होता है। देशमुख ने कहा था, 'महाराष्ट्र में हमारी सरकार है और केंद्र सरकार कानून जरूर बना सकती है लेकिन इसे लागू करना या नहीं करना राज्य सरकार के हाथ में होता है।'

शिवसेना पहले करती थी इस कानून का समर्थन
महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रस पार्टी और कांग्रेस शामिल हैं। सरकार में शामिल होने से पहले तक शिवसेना इस कानून का समर्थन करती रही है। लोकसभा में पार्टी ने इसका समर्थन और राज्यसभा में इसका विरोध किया था। राजनीतिक जानकारों की माने तो कांग्रेस के दबाव में महाराष्ट्र में इसे लागू करने में दिक्कत हो सकती है।

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