• Hindi News
  • Maharashtra
  • Mumbai
  • Uddhav Thackeray Anil Deshmukh | Maharashtra CM Uddhav Thackeray On Koregaon Bhima violence case NIA Investigation, despite opposition from Anil Deshmukh

भीमा कोरेगांव हिंसा / जांच एनआईए को सौंपने के उद्धव के फैसले पर शरद पवार ने कहा- कानून व्यवस्था राज्य का विषय

शरद पवार ने कहा- कानून व्यवस्था राज्य का मामला है।- फाइल शरद पवार ने कहा- कानून व्यवस्था राज्य का मामला है।- फाइल
X
शरद पवार ने कहा- कानून व्यवस्था राज्य का मामला है।- फाइलशरद पवार ने कहा- कानून व्यवस्था राज्य का मामला है।- फाइल

  • पुणे कोर्ट ने मुंबई में एनआईए की विशेष अदालत को केस स्थानांतरित किया, 28 फरवरी को सभी आरोपी अदालत के सामने पेश होंगे
  • पवार ने यह भी कहा- हैरानी वाली बात यह है कि राज्य सरकार ने केंद्र के इस फैसले का पुरजोर विरोध नहीं किया

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2020, 09:38 PM IST

पुणे. भीमा-कोरगांव हिंसा मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने के उद्धव सरकार के फैसले पर राकांपा प्रमुख शरद पवार ने नाराजगी व्यक्त की है। पवार ने कोल्हापुर में कहा- कानून व्यवस्था का मामला राज्य का है। राज्य सरकार को ऐसे केंद्र के निर्णय का समर्थन नहीं करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर जांच को राज्य से वापस अपने हाथ में लेने का आरोप लगाया। पवार ने कहा- भीमा कोरेगांव मामले में महाराष्ट्र सरकार कुछ एक्शन लेने वाली थी। इसलिए केंद्र ने एल्गार परिषद मामले को अपने हाथ में ले लिया। कानून व्यवस्था पूरी तरह से राज्य के हाथ में होनी चाहिए। लेकिन, हैरानी वाली बात है कि राज्य सरकार ने केंद्र के इस फैसले का पुरजोर विरोध नहीं किया।

कोर्ट ने मुंबई की एनआईए कोर्ट में हस्तांतरित किया मामला

इस बीच, मामले को मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट में हस्तांतरित करने का आदेश पुणे के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसआर नवांदर ने शुक्रवार को दिया। न्यायाधीश नवांदर राज्य सरकार की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें जांच को एनआईए को हस्तान्तरित करने पर आपत्ति जताई गई थी। सुनवाई में अदालत ने सभी आरोपियों को 28 फरवरी को एनआईए कोर्ट में पेश करने को कहा है। हालांकि, इस फैसले से ठीक एक दिन पहले सीएम उद्धव ठाकरे ने भी एनआईए द्वारा इसकी जांच करवाने का निर्णय लिया था। 

उद्धव ने पलट दिया गृहमंत्री देशमुख का फैसला

मुख्यमंत्री उद्वव ठाकरे द्वारा इस मामले की जांच एनआईए को सौंपने की पुष्टि खुद राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने की है। देशमुख ने बताया, ‘‘इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को मेरी और सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकत हुई। एनआईए जांच के मुद्दे पर सीएम ने मेरे फैसले को बदलते हुए इस मामले की जांच एनआईए को सौंपने को कहा है। उनके पास मेरे फैसले को पलटने का अधिकार है।’’

देशमुख ने कहा- भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले की जांच राज्य की पुलिस कर रही थी। लेकिन, अचानक ही केंद्र सरकार ने एनआईए से जांच कराने का निर्णय लिया। इस पर मैंने बतौर गृहमंत्री आपत्ति जताई थी। मेरा मानना है कि कोरेगांव-भीमा हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंपने से पहले राज्य सरकार को विश्वास में लेना चाहिए था। लेकिन, केंद्र सरकार ने कोई जानकारी नहीं दी। 

अदालत में राज्य सरकार ने जताई थी आपत्ति

महाराष्ट्र सरकार ने कोर्ट में दिए आवेदन में कहा था कि इस मामले के सभी दस्तावेज मुंबई की एनआईए कोर्ट ने जब्त कर लिए हैं, जो कि सही नहीं है। एनआईए की ओर से मामले की जांच को उसे सौंपने को लेकर कानूनी और पर्याप्त कारण नहीं दिए गए हैं। आवेदन में यह भी कहा गया था कि अपराध पुणे कोर्ट के स्थानीय अधिकार क्षेत्र के अंदर हुआ है। जांच अधिकारी ने कोर्ट के समक्ष आरोप पत्र भी दायर किया था। इन सभी पर विचार करने के बाद आज अदालत ने फैसला सुनाया है। 

1 जनवरी, 2018 को, भीमा-कोरेगांव लड़ाई की 200 वीं वर्षगांठ समारोह के दौरान हिंसा भड़क गई थी। घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई थी जबकि कई अन्य घायल हो गए थे।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना