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कांग्रेस नेता नाना पटोले का अारोप, सीएम फडणवीस के चचेरे भाई ने फोन पर वकील को धमकाया

मुख्यमंत्री से संबंधित दो मामले : राजनीतिक गलियारे तक पहुंचेगी आंच

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 06:59 AM IST

नागपुर. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विरोध में लगातार बयान दे रहे कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष नाना पटोले ने फिर आरोप लगाया है। इस बार उन्होंने चुनाव आयोग को दिए गए शपथ-पत्र का मामला उठाया है। पटोले ने कहा कि मुख्यमंत्री के विरोध में धोखाधड़ी का मामला चल रहा है, लेकिन उन्होंने इसे छिपाए रखा। नैतिकता के आधार पर उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। पटोले ने यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री के विरोध में चल रहे मामलों को नए सिरे से सामने लानेवाले वकील को फोन पर धमकी दी गई है। धमकी देनेवाला मुख्यमंत्री का चचेरा भाई है। गुरुवार को ‘जय जवान, जय किसान’ संगठन के बजाज नगर स्थित कार्यालय में श्री पटोले पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। संगठन के संयोजक प्रशांत पवार भी उपस्थित थे।


2 प्रकरणों का जिक्र नहीं
पटोले ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस के विरुद्ध 24 अापराधिक मामले दर्ज हैं। चुनाव आयोग को दिए प्रतिज्ञा-पत्र में उन्होंने 22 प्रकरणों का ही जिक्र किया है। शेष 2 प्रकरणों में भादंवि की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का प्रकरण शामिल है। मुख्यमंत्री के विरोध में 2003 में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज हुआ था। उस प्रकरण में उन्हें जमानत मिली है। फर्जी शपथ-पत्र दाखिल करने के मामले में मुख्यमंत्री फडणवीस के विरोध में अपराध दर्ज होना चाहिए।

आैर इधर... फडणवीस के खिलाफ याचिका 4 सप्ताह में जवाब देगा चुनाव आयोग

- अधिवक्ता सतीश उके ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ याचिका दायर कर रखी है।

- याचिका में मुख्यमंत्री पर वर्ष 2014 विधानसभा चुनाव के दौरान जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया है।

- गुरुवार को सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता नीरजा चौबे ने जवाब प्रस्तुत करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा है।


यह है प्रकरण

याचिकाकर्ता उके के अनुसार, मुख्यमंत्री के खिलाफ 4 मार्च 1996 और 9 जुलाई 1998 को दो फौजदारी मामले दायर किए गए थे। दोनों ही मामले में फडणवीस ने प्रथम श्रेणी न्याय दंडाधिकारी न्यायालय से 3 हजार के निजी मुचलके पर जमानत ली थी। वर्ष 2014 में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने भाजपा की ओर से दक्षिण-पश्चिम नागपुर विधानसभा से पर्चा भरा। आवेदन में उन्होंने उपरोक्त दोनों मामलों की जानकारी नहीं दी। इस मामले में उके की शिकायत पर जिला व सत्र न्यायालय ने समन भी जारी किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय के आदेश पर स्थगन लगाया था। अब इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में जारी है।

माफीनामे पर 27 को सुनवाई
बता दें कि अधिवक्ता सतीश उके हाईकोर्ट के जजों की अवमानना के दोषी हैं। उन्हें कोर्ट ने 2 माह की जेल की सजा सुनाई थी, मगर बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें राहत दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने उके को हाईकोर्ट में माफी मांगने के आदेश दिए थे, जिसके बाद उके ने हाईकोर्ट में माफीनामा प्रस्तुत किया। अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी।

धमकी भरा टेप

पटोले ने वकील अभियान बाराहाते को कथित तौर से धमकाने का टेप सुनाया। पटोले ने कहा कि मुख्यमंत्री का धोखाधड़ी वाला मामला सामने लानेवाले नागपुर के वकील बाराहाते को संजय फडणवीस ने फोन पर अश्लील भाषा में धमकी दी। संजय फडणवीस मुख्यमंत्री के चचेरे भाई हैं। संजय फडणवीस ने कहा है कि 2019 में हम ही सत्ता में आएंगे। तब जेल जाना पड़े या पुलिस उठा ले जाए तो कुछ मत कहना।

बाराहाते से संजय ने यह भी कहा कि- तेरी पत्नी की इज्जत करता हूं, इसलिए कुछ नहीं कह रहा हूं। फोन पर दी गई धमकी की शिकायत अजनी पुलिस थाने में दी गई है। इस प्रकरण में अपराध दर्ज करने की मांग भी पटोले ने की है। चुनाव आयोग को दिये गए प्रतिज्ञापत्र में 2 प्रकरणों का जिक्र नहीं किये जाने का प्रकरण एड.सतीश उके ने सामने लाया था। उस प्रकरण को न्यायालय ने खारिज कर दिया था। अब एड.उके का वकीलपत्र लेनेवाले वकील बाराहाते ने नए सिरे से प्रकरण को सामने लाया है। लिहाजा उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। बताया जा रहा है कि बाराहाते ने अपनी जान को खतरा बताते हुए इस प्रकरण से दूर होने की तैयारी की है।