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खुद को काटती और चोट पहुंचाती 6 साल की बच्ची, जख्म तो होता है, पर दर्द नहीं

बच्ची खुद को काटती है और चोट पहुंचाती है जिससे उसके सारे दांत टूट गए हैं।

Bhaskar News| Last Modified - Dec 30, 2017, 01:34 AM IST

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Little girl suffring from Congenital Sensory rare disease
6 साल की लावण्या कुंटे को जन्म से ही सेंसेशन नहीं है।

नागपुर.  6 साल की एक बच्ची की जन्मजात बीमारी ने उसकी मां के साथ ही परिजनों के लिए भी परेशानी खड़ी कर दी है। बच्ची खुद को काटती है और चोट भी पहुंचाती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि उसे दर्द ही महसूस नहीं होता है। बच्ची को किसी भी तरह का सेंसेशन महसूस नहीं होता है यह बात उसके जन्म के 7 माह बीत जाने के बाद परिजनों को पता चली। डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने पर उसे कुछ भी महसूस नहीं होता था। डॉक्टरों के अनुसार उसे दुलर्भ बीमारी कंजेनाइटल सेंसरी न्यूरोपैथी की वजह से शरीर में चोट लगने, ट्रॉमा होने और ठंडा-गर्म होने पर सेंसेशन नहीं होता है। ऐसे मामले बहुत कम होते हैं और सालों में देखने को मिलते हैं।

टूट गए हैं सभी दांत, होंठ भी फटे 

 

- नागपुर निवासी पुलिसकर्मी प्रिया कुंटे की 6 साल की बेटी लावण्या कुंटे को जन्म से ही सेंसेशन नहीं है। इससे भी परेशानी की बात यह है कि वह खुद को काटती है और चोट पहुंचाती है जिससे उसके सारे दांत टूट गए हैं और होंठ कट गए हैं। जमीन पर घिसट कर चलने से एक घुटने में 2 सेंटीमीटर का घाव बन गया है। हाथ की उंगलियां चोटिल हैं, लेकिन बच्ची को दर्द नहीं होता है।

- चौंकाने वाली बात यह है कि गिरने के कारण बच्ची का कूल्हा (हिप) डिसलोकेट हो गया, लेकिन पता नहीं चला। चोट लगने के बाद जब शरीर में सूजन दिखी तो परिजनों को पता चला कि उसे चोट लगी है। डॉक्टरों को दिखाने के बाद हैरान कर देने वाला सच सामने आया, उन्होंने बताया कि बच्ची को हिप में डेढ़ माह पहले चोट लगी थी।

-  इलाज के लिए उसकी मां नागपुर के साथ बंगलुरु तक भाग-दौड़ कर चुकी है, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज करने से पहले ही हाथ खड़े कर दिए। परेशानी की बात यह भी है कि बच्ची के माता-पिता का साढ़े चार साल पहले तलाक हो चुका है और मां की नौकरी के कारण उसकी देखभाल का जिम्मा उसकी बुजुर्ग नानी पर है। 

 

 

बच्ची के इलाज के लिए मदद चाहिए

 

बच्ची की मां प्रिया कुंटे ने बताया कि मैं सुबह ड्यूटी पर जाती हूं और शाम को आती हूं। घर पर बेटी को उसकी नानी देखती हैं। बच्ची के इलाज के लिए कर्ज लेकर अब तक मैंने 6 लाख रुपए खर्च किए, इस वजह से आधा वेतन वैसे ही चला जाता है। मैंने मुख्यमंत्री और पुलिस महासंचालक के सामने अपनी समस्या रखी, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई। मैं अपनी बच्ची के इलाज के लिए सिर्फ मदद चाहती हूं।
 

शरीर में कुछ महसूस नहीं होता

बच्चों की बीमारी के एक्सपर्ट डॉ. चंद्रकांत बोकड़े के मुताबिक, कंजेनाइटल सेंसरी न्यूरोपैथी के मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं। ऐसे में मरीज का दिमाग तो काम करता है, लेकिन उसके शरीर को कुछ महसूस नहीं होता है। जन्मजात बीमारी का एक कारण परिवार में किसी को ऐसी बीमारी होना भी होता है। 

 

 

लगा चुकी हैं गुहार 

 

बच्ची की मां ने पुलिस महासंचालक से अपनी बच्ची का स्पेशल केस होने के कारण महाराष्ट्र पुलिस कुटुंब आरोग्य योजना में इलाज करवाने का निवेदन किया है। साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शहर उपाध्यक्ष अमित दुबे के साथ मिलकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम ज्ञापन सौंपा। श्री अमित ने बताया कि बच्ची की बीमारी के कारण मां की मानसिक स्थिति सही नहीं हैं और वह अपनी बेटी की बीमारी से बुरी तरहा टूट चुकी है।

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जमीन पर घिसटकर चलने से 6 साल की लावण्या के एक घुटने में 2 सेंटीमीटर का घाव बन गया है।
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