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ICJ में दोबारा चुने गए जस्टिस भंडारी, जानिए उनकी लाइफ से जुड़ी 10 बातें

वे इस ऑर्गनाइजेशन में दो बार पहुंचने वाले दूसरे भारतीय हैं।

Danik Bhaskar | Nov 21, 2017, 03:26 PM IST
पाकिस्तान में कैद भारतीय कुलभ पाकिस्तान में कैद भारतीय कुलभ

मुंबई. जस्टिस दलवीर भंडारी दूसरी बार हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में चुने गए हैं। लंबी इलेक्शन प्रॉसेस के बाद आखिरकार उनके ब्रिटिश कॉम्पिटीटर जस्टिस क्रिस्टोफर ग्रीनवुड ने अपनी दावेदारी वापस ले ली। भारतीय समयानुसार सोमवार देर रात 2:25 बजे जस्टिस भंडारी के चुने जाने का एलान हुआ। जस्टिस भंडारी साल 2004 में बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस चुने गए थे। वे इस ऑर्गनाइजेशन में दो बार पहुंचने वाले दूसरे भारतीय हैं। आज हम बताने जा रहे हैं जस्टिस भंडारी की लाइफ से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण बातें।

ये हैं जस्टिस दलवीर भंडारी से जुड़ी 10 बातें

1. जस्टिस भंडारी एक एडवोकेट फैमिली से आते हैं। उनके पिता महावीर चंद भंडारी और दादा बी.सी. भंडारी राजस्थान बार के सदस्य थे।


2. जस्टिस दलवीर भंडारी ने जोधपुर यूनिवर्सिटी से एलएलबी किया है। उन्होंने अमेरिका के नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ से एलएलएम किया। कानून के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए कर्नाटक के तुमकुर विश्वविद्यालय ने उन्हें डॉक्टर ऑफ लॉ (एलएलडी) की डिग्री प्रदान की है।


3. उन्होंने नॉर्थवेस्टर्न लीगल असिस्टेंस क्लिनिक में काम किया है और शिकागो के कोर्ट में क्लिनिक के दावेदारों का प्रतिनिधित्व कई साल तक किया।


4. भारत लौटने के बाद उन्होंने 1973 से 1976 तक राजस्थान हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की। बाद में वे दिल्ली शिफ्ट हो गए। मार्च 1991 में वे दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश बने।


5. साल 2004 में उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। जस्टिस दलवीर के फैसले ने महाराष्ट्र के पांच सबसे पिछड़े जिलों में कुपोषण के लिए धन जुटाने में मदद की।


6. - गोवा और महाराष्ट्र में मेडिटेशन और सुलह केंद्र स्थापित करवाने में जस्टिस भंडारी का बड़ा योगदान रहा है।


7. जस्टिस दलवीर भंडारी ने एक बुक भी लिखी है, जिसका नाम 'ज्यूडीशियल रिफॉर्म्स: रीसेंट ग्लोबल ट्रेंड्स' है। उन्होंने कई फैसले किए, जिसके अनुसार सरकार को नीतियां बनानी पड़ी। बता दें कि उनके फैसले के बाद देश भर में गरीबों के लिए रैन-बसेरा बनाए गए थे।


8. उनके ऐतिहासिक फैसलों में हिंदू विवाह कानून 1955, बच्चों को अनिवार्य और नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार, रैन-बसेरा, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों को सरकारी राशन बढ़ाने आदि प्रमुख हैं।


9. दलवीर भंडारी को राष्ट्रपति द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित भी किया जा चुका है। यह देश का तीसरा सबसे बड़ा अवॉर्ड है।


10. मई 2016 में, उन्हें वर्द्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी कोटा द्वारा डॉक्टर ऑफ लेटर की डिग्री से सम्मानित किया गया।


पाक में कैद भारतीय जाधव को फांसी से बचाया था

  1. जज बनने के बाद आईसीजे में अब तक जितने भी फैसले हुए हैं, उनमें जस्टिस भंडारी का स्पेशल ओपिनियन रहा है।
  2. उन्होंने समुद्री विवादों, अंटार्कटिका में हत्या, नरसंहार के अपराध, महाद्वीपीय शेल्फ के परिसीमन, न्यूक्लियर डिसआर्मामेंट (परमाणु निरस्त्रीकरण), टेरर फाइनेसिंग, वॉयलेशन ऑफ यूनिवर्सल राइट्स जैसे केसों में अहम भूमिका निभाई।
  3. इसके अलावा, पाकिस्तान में कैद भारतीय कुलभूषण जाधव को फांसी से बचाने में भी जस्टिस भंडारी का अहम राेल था। उन्होंने 2008 के भारत-पाक समझौते का हवाला देते हुए कहा था कि पाक ने ह्यूमन राइट्स का वॉयलेशन किया है।