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​दो घंटे के अंदर दहल गया था मुंबई, 12 जगहों पर एक साथ हुए थे सीरियल ब्लास्ट

आज 12 मार्च है। इस दिन मुंबई सीरियल ब्लास्ट से दहल उठी थी। 2 घंटे 10 मिनट के भीतर एक के बाद एक 12 धमाके हुए थे।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 12, 2018, 02:44 AM IST

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    आज 12 मार्च है। इस दिन मुंबई सीरियल ब्लास्ट से दहल उठी थी।

    मुंबई . आज 12 मार्च है। इस दिन मुंबई सीरियल ब्लास्ट से दहल उठी थी। 2 घंटे 10 मिनट के भीतर एक के बाद एक 12 धमाके हुए थे। 257 लोग मारे गए। 1300 से ज्यादा लोग जख्मी हुए। यह उस वक्त दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी हमला था। देश में पहली बार विस्फोटकों में आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था। यह हमला अंडरवर्ल्ड ने कराया था। अभी भी धमाकों से जुड़े लोगों के खिलाफ धरपकड़ जारी है।यहां हुए थे धमाके...

    इन जगहों पर एक के बाद 12 धमाके हुए थे। दो घंटे में पूरे मुंबई की तस्वीर बदल चुकी थी। मुंबई स्टॉक एक्सचेंच, नरसी नाथ स्ट्रीट, शिव सेना भवन, एयर इंडिया बिल्डिंग, सेंचुरी बाजार, माहिम, झवेरी बाजार, सी रॉक होटल, प्लाजा सिनेमा, जुहू सेंटूर होटल ,सहार हवाई अड्डा, एयरपोर्ट सेंटूर होटल

    इस केस से जुड़े एक आरोपी को दुबई से मुंबई लाया गया..

    - चार दिन पहले ही इस केस में आरोपी फारुख टकला को दुबई से मुंबई लाया गया है। टकला अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का गुर्गा है। हालांकि इस हमले ने हमें कुछ सबक भी सिखाए। इसके बाद हमारे देश में गैंगस्टर, स्मगलर के खिलाफ अभियान तेज हुआ। देश की इंटलीजेंस एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ा। खुफिया नेटवर्क पूरी तरह बदल गया। सरहदी इलाकों पर निगरानी तेज हुई। इस तरह से कई बदलाव आए।

    ब्लैक फ्राइडे: मुंबई हमले पर बनी फिल्म और लिखी किताब हिट रही
    - मुंबई हमले पर 2004 में फिल्म ब्लैक फ्राइडे बनी। फिल्म बनने के 2 साल बाद रिलीज हुई थी। ये फिल्म हुसैन जैदी की 2002 में धमाकों पर ही लिखी किताब ‘ब्लैक फ्राइडे’ पर आधारित थी।

    पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया था केस, स्कूटर बना था अहम सुराग
    - पुलिस ने 48 घंटे में केस सुलझा दिया था। डीसीपी राकेश मारिया के नेतृत्व में 150 लोगों की टीम बनी थी। अहम सुराग बना था माहिम में खड़ा एक स्कूटर, जिसमें बम तो था पर विस्फोट नहीं हुआ।

    25 साल बाद भी आरोपी पकड़े जा रहे, मुख्य आरोपी अब भी फरार
    - 1 अप्रेल 1994 टाडा कोर्ट में सुनवाई शुरू। 12 साल 12 दोषियों को फांसी, 20 को आजीवन कारावास। चार दिन पहले भी एक आरोपी फारुख टकला पकड़ा गया। दाऊद अब भी फरार है।

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    2 घंटे 10 मिनट के भीतर एक के बाद एक 12 धमाके हुए थे।
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    1300 से ज्यादा लोग जख्मी हुए।
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    यह उस वक्त दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी हमला था।
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    देश में पहली बार विस्फोटकों में आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था।
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    यह हमला अंडरवर्ल्ड ने कराया था।
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