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मुंबई के आजाद मैदान तक पहुंचे प्रदर्शनकारी किसान, विधानसभा का करेंगे घेराव

6 मार्च को महाराष्ट्र के नासिक से पैदल निकला 30 हजार किसानों का मार्च सोमवार तड़के मुंबई के आजाद मैदान पहुंचा।

Dainik Bhaskar

Mar 12, 2018, 05:10 AM IST
सरकार और किसानों की बीच मीटिंग करीब तीन घंटे चली। इसमें करीब 14 मुद्दों पर चर्चा की गई। सरकार और किसानों की बीच मीटिंग करीब तीन घंटे चली। इसमें करीब 14 मुद्दों पर चर्चा की गई।

मुंबई. महाराष्ट्र सरकार 30 हजार किसानों को मानने में कामयाब रही। किसानों ने सोमवार शाम को अपना आंदोलन वापस ले लिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि हमने ज्यादातर मांगें मान ली हैं। हमने एक लिखित आश्वासन भी दिया है। उधर, मंत्री विष्णु सावरा ने कहा कि छह महीने के अंदर इन मांगों पर काम शुरू हो जाएगा। बता दें कि किसानों की यह रैली 6 मार्च को नासिक से शुरू हुई थी। तकरीबन 180 किलोमीटर का सफर पूरा कर सोमवार तड़के मुंबई के आजाद मैदान पहुंची थी। इन्होंने विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी थी।

मीटिंग के बाद ये बोली सरकार

- किसानों से मीटिंग के बाद महाराष्ट्र सरकार में सिंचाई मंत्री गिरीश महाजन ने कहा, ''किसानों की 80 फीसदी मांग को मान लिया गया है। आदिवासी राशन कार्ड 3 महीने में दिया जाएगा। वन जमीन को लेकर सरकार ने किसानों से 6 महीने का टाइम मांगा है। सरकार के लिखित आश्वासन देने पर किसानों ने आंदोलन वापस लेने का भरोसा दिया है। किसानों के साथ बैठक हुई। सभी बातों पर चर्चा हुई। किसान नेता आंदोलन को खत्म करने का एलान करेंगे।

- बता दें कि सरकार और किसानों की बीच मीटिंग करीब तीन घंटे चली। इसमें करीब 14 मुद्दों पर चर्चा की गई।

- सरकार के एक और मंत्री विष्णु सावरा ने कहा, "किसानों की शिकायत है कि उनकी जो जमीन है, उससे कम उनके नाम है। जितनी जमीन पर वो फसलें बो रहे हैं वो उनके नाम होनी चाहिए। इस पर सीएम सहमत हो गए हैं। मामले को चीफ सेक्रेटरी देख रहे हैं, 6 महीने में किसानों की मांगों पर काम शुरू हो जाएगा।''

किसानों ने कहा- हम खुश हैं

- किसानों ने सरकार के साथ बातचीत को कामयाब बताया। किसान संजय सुखदेव ने कहा, "सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं। हम खुश हैं। सभी दलों के नेताओं और मुंबई की जनता ने हमारा पूरा सहयोग किया। हमारी ताकत उनकी ताकत से मिलने के बाद ही यह रिजल्ट सामने आया है।''

किसानों के घर लौटने पर क्या व्यवस्था की गई?

- किसानों को उनके घर तक पहुंचने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग सरकार ने मान ली। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से यह दोनों ट्रेनें शाम 8:50 बजे और रात 10 बजे रवाना होंगी। एक ट्रेन भुसावल तक और दूसरी नागपुर तक जाएगी।

किस-किस पार्टी का सपोर्ट था इस आंदोलन को?

- कांग्रेस, शिवसेना, मनसे, एनसीपी और लेफ्ट समेत विपक्ष हर पार्टी ने इस आंदोलन को सपोर्ट किया।

- रविवार देर रात किसानों से मिलने पहुंचे राज ठाकरे ने कहा, "उन्हें को जब भी मेरी जरूरत होगी, मैं हाजिर हो जाऊंगा।" कांग्रेस ने पहले ही इस मोर्चे को समर्थन दे दिया है।

- राहुल गांधी ने कहा, "ये मामला केवल महाराष्ट्र के किसानों का नहीं है बल्कि पूरे देश के किसानों का है।"

कई किसानों की तबियत हुई खराब
- किसानों ने मुंबई पहुंचने के लिए नासिक से मुंबई तक का सफर तय किया। करीब 180 किमी के इस सफर में कई किसानों की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इन किसानों को पानी की कमी और कम ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया था।

क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें?
- संपूर्ण कर्जमाफी।
- कृषि उत्पाद को दोगुना भाव मिले।
- स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों पर अमल हो।
- वन अधिकार कानून पर अमल हो।
- जिस जमीन पर आदिवासी खेती कर रहे हैं, उसे आदिवासियों के नाम पर किया जाए।
- नदी जोड़ो परियोजना से सिंचाई के लिए पानी मिले।

- बिजली के बिल में छूट मिले।

मुंबईवासियों ने किया स्वागत

- अखिल भारतीय किसान सभा की तरफ से निकाले गए मोर्चे के मुंबई पहुंचते ही मुंबईवासियों ने किसानों का दिल खोलकर स्वागत किया। मुंबई के ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर ठाणे से सायन तक के बीच में जगह-जगह पर नागरिकों ने किसानों का फूल देकर स्वागत किया। किसानों के लिए पानी, चाय और नाश्ता की व्यवस्था भी की।

ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) के आह्वान पर निकाली गई थी यह रैली। ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) के आह्वान पर निकाली गई थी यह रैली।
किसान तकरीबन 180 किलोमीटर का सफर पूरा कर सोमवार तड़के मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे थे। किसान तकरीबन 180 किलोमीटर का सफर पूरा कर सोमवार तड़के मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे थे।
मुंबई के आजाद मैदान में भारी तादाद में पुलिसबल तैनात किया गया था। मुंबई के आजाद मैदान में भारी तादाद में पुलिसबल तैनात किया गया था।
मुंबई के लोगों ने किसानों का स्वागत किया। उन्हें जगह-जगह खाना और पानी दिया गया। मुंबई के लोगों ने किसानों का स्वागत किया। उन्हें जगह-जगह खाना और पानी दिया गया।
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सरकार और किसानों की बीच मीटिंग करीब तीन घंटे चली। इसमें करीब 14 मुद्दों पर चर्चा की गई।सरकार और किसानों की बीच मीटिंग करीब तीन घंटे चली। इसमें करीब 14 मुद्दों पर चर्चा की गई।
ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) के आह्वान पर निकाली गई थी यह रैली।ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) के आह्वान पर निकाली गई थी यह रैली।
किसान तकरीबन 180 किलोमीटर का सफर पूरा कर सोमवार तड़के मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे थे।किसान तकरीबन 180 किलोमीटर का सफर पूरा कर सोमवार तड़के मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे थे।
मुंबई के आजाद मैदान में भारी तादाद में पुलिसबल तैनात किया गया था।मुंबई के आजाद मैदान में भारी तादाद में पुलिसबल तैनात किया गया था।
मुंबई के लोगों ने किसानों का स्वागत किया। उन्हें जगह-जगह खाना और पानी दिया गया।मुंबई के लोगों ने किसानों का स्वागत किया। उन्हें जगह-जगह खाना और पानी दिया गया।
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