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महाराष्ट्र सरकार का 15,375 करोड़ रुपये का घाटे का बजट पेश

राजस्व घाटा 4,511करोड़ से करीब तीन गुना बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये हो गया है।

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 06:04 PM IST
महाराष्ट्र सरकार के  वर्ष 2018-19 क महाराष्ट्र सरकार के वर्ष 2018-19 क

मुंबई. महाराष्ट्र सरकार का15,374 करोड़ रुपये के घाटे का बजट शुक्रवार को विधान मंडल के दोनों सदनों में पेश किया गया। कुछ दिनों में समाप्त हो रहे इस आर्थिक वर्ष में राजस्व प्राप्ति के मुकाबले राजस्व खर्च अधिक होने की वजह से इस साल का राजस्व घाटा 4,511करोड़ से करीब तीन गुना बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये हो गया है। किसे कितना मिला बजट..

- वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटिवार ने विधानसभा और वित्त राज्यमंत्री दिपक केसरकर ने विधान परिषद में वर्ष 2018-19 का बजट पेश किया। जिसमें 2,85,967.96 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने और 3,01,342.86 करोड़ रुपये राजस्व खर्च होने का अंदाज व्यक्त किया गया है। महाराष्ट्र सरकार के वर्ष 2018-19 के योजनागत बजट का कुल आकार 95,000 करोड़ रुपये का है। इसके अलावा विदर्भ विकास मंडल को 16,217.03 करोड़, मराठवाड़ा विकास मंडल को 11,458.55 करोड़ और शेष महाराष्ट्र को 30,687.01 करोड़ रुपये की निधि राज्यपाल के कार्यक्रम के अधीन अलग से दिया गया है।


राजकोषीय घाटा 46,201 करोड़ से बढ़कर 50,585 करोड़ होने का अनुमान
- महाराष्ट्र सरकार का राजकोषीय घाटा वर्ष 2018-19 में 50,585.84 करोड़ रुपये होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। वर्ष 2017-18 में राजकोषीय घाटा 38,788.75 करोड़ रुपये होने का प्राथमिक अंदाज था जबकि सुधारित अंदाज के अनुसार इस खत्म हो रहे वर्ष में राजकोषीय घाटा बढ़कर 46,201.49 करोड़ रुपये हो गया है।


अाबकारी, विक्री कर, सीमा शुल्क और केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी विभाग लक्ष्य से चुका

- महाराष्ट्र सरकार का राजस्व घाटा बढ़ने की प्रमुख वजहों में से एक वजह चार प्रमुख विभाग द्वारा राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य से चूकना बताया जा रहा है। आबकारी विभाग 14,340 करोड़ रुपये का राजस्व जमा करने वाला था, परंतु हकीकत में 1,840 करोड़ रुपये कम राजस्व प्राप्त कर पाया। इसी तरह विक्री कर विभाग लक्ष्य से 37,428.39 करोड़, केंद्रीय उत्पादन शुल्क विभाग 2,653.21 करोड़ और सीमा शुल्क विभाग 2,513.49 करोड़ रुपये कम राजस्व जमा कर पाया। इसी वजह से महाराष्ट्र का राजस्व घाटा बढ़ गया।