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आज आरएसएस को मिलेगा अपना नया सरकार्यवाह, अमित शाह भी होंगे मौजूद

इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी नागपुर में मौजूद रहेंगे।

Dainik Bhaskar

Mar 10, 2018, 11:28 AM IST
भैयाजी मार्च 2021 तक सरकार्यवाह भैयाजी मार्च 2021 तक सरकार्यवाह

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने सुरेश भैयाजी जोशी को संगठन का चौथी बार सरकार्यवाह चुना है। वे 2009 से इस पद पर हैं। मार्च में उनका कार्यकाल खत्म हो रहा था। पहले चर्चा थी कि संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की इस बैठक के लिए पूरे देश से करीब 3000 प्रचारकों को नागपुर बुलाया गया था। अब भैयाजी मार्च 2021 तक इस पद पर रहेंगे।

सरकार्यवाह की क्या भूमिका होती है?
- संघ प्रमुख को सरसंघचालक कहते हैं। उनकी भूमिका सलाहकार की होती है। ऐसे में संघ को चलाने के लिए सरकार्यवाह की जरूरत रहती है। संघ में एक ही सरकार्यवाह होता है। उसे महासचिव भी कहते हैं। वह संघ का सबसे बड़ा कार्यकारी अधिकारी होता है।

होसबोले थे प्रबल दावेदार

- सरकार्यवाह की दौड़ में सबसे आगे सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले थे। होसबोले कर्नाटक से आते हैं। वे युवावस्था से ही संघ से जुड़ गए थे। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लिए काम किया है। होसबोले के अलावा सह सरकार्यवाह में सुरेश सोनी, डॉ. कृष्णगोपाल और वी भागैया हैं। सोनी सेहत खराब होने की वजह से दो साल से छुट्टी पर थे। उन्होंने कुछ वक्त पहले ही कामकाज संभाला है।

ऐसे होता है सरकार्यवाह का चयन
- नए सरकार्यवाह की चयन प्रकिया शुरू करने के आग्रह के साथ ही मौजूदा सरकार्यवाह मंच से नीचे उतर जाते हैं।

- नए सरकार्यवाह के नाम का प्रस्ताव सरसंघचालक देते हैं। यह आमतौर पर सबसे वरिष्ठ सह सरकार्यवाह होता है। प्रस्तावित नाम पर केंद्रीय प्रतिनिधि ओम उच्चारण के साथ हाथ उठाकर नए सरकार्यवाह का चयन सम्पन्न कराते हैं। अगले दिन सरसंघचालक और सरकार्यवाह अपनी कार्यकारणी का एलान करते हैं। चयन में प्रचारक की सहमति नहीं ली जाती।

​कौन हैं भैयाजी जोशी?
- सर कार्यवाह बनाए गए भैयाजी जोशी का जन्म वर्ष 1947 में मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था।
- मुंबई यूनिवर्सिटी से बीए जोशी ने कुछ वर्ष तक एक निजी कंपनी में नौकरी की। इसके बाद संघ के पूर्णकालीन प्रचारक के रूप में नया जीवन शुरू किया।
- आपातकाल के दौरान भूमिगत रह कर कार्य करने के बाद जोशी महाराष्ट्र के ठाणे, धुले, जलगांव और नाशिक में जिला प्रचारक बनने के बाद वर्ष 1977 से 1990 तक विभाग प्रचारक रहे।
- महाराष्ट्र में वर्ष 1990 से 1995 तक प्रांत सेवा प्रमुख सहित संघ कार्य के विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों को संभालने के बाद वह 1997 में अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख बने। अगले साल वह अखिल भारतीय सेवा प्रमुख बनाए गए।
- जोशी पिछले छह साल से आरएसएस महासचिव (सरकार्यवाह) हैं। जोशी अब संयुक्त महासचिवों की अपनी टीम चुनेंगे। फिलहाल उनके तीन संयुक्त महासचिव दत्तात्रेय होसबाले, सुरेश सोनी और कृष्णगोपाल हैं।
- आरएसएस के शीर्ष नेताओं ने पुनर्निर्वाचन पर उन्हें बधाई दी। बीजेपी महासचिव राममाधव ने भी उन्हें बधाई दी। इससे पहले यहां प्रतिनिधिसभा की बैठक में जोशी ने संघ प्रतिनिधियों के सामने अपनी वाषिर्क रिपोर्ट पेश की और सालभर की गतिविधियों का ब्यौरा दिया।
- तीन दिवसीय बैठक शुक्रवार को शुरू हुई थी जिसका समापन रविवार को होगा।​

सरसंघचालक से सह सरकार्यवाह के पद पर अभी कौन?

सरसंघचालक: डॉ. मोहन भागवत
सरकार्यवाह: सुरेश भैयाजी जोशी
सह सरकार्यवाह: सुरेश सोनी
सह सरकार्यवाह: दत्तात्रय होसबले
सह सरकार्यवाह: डॉ. कृष्ण गोपाल
सह सरकार्यवाह: वी भगैया

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