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महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पतंगराव कदम का मुंबई में निधन

3 वर्ष पहले
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मुंबई: वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व शिक्षा मंत्री पतंगराव कदम का शुक्रवार देर रात मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल में निधन हो गया। वह 74 साल के थे। जानकारी के मुताबिक पतंगराव कदम किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे। शुक्रवार को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी पतंगराव का हाल जानने के लिए पहुंची थी। वह पिछले कुछ दिनों से वेंटीलेटर पर थे और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। शनिवार को पुणे में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम संस्कार से पहले पुणे के भारती विद्यापीठ यूनिवर्सिटी कैंपस में उनके पार्थिव को लोगों के दर्शनों के लिए रखा गया है। हजारों लोग दे रहे हैं श्रद्धांजलि...

 

- शनिवार सुबह उनका पार्थिव सड़क मार्ग से पुणे पहुंचा और उसे सीधे भारती विद्यापीठ कैंपस में ले जाया गया।  जहां हजारों की संख्या में उनके समर्थक और चाहने वाले उनके अंतिम दर्शन कर रहे हैं।

- पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटिल भी पतंगराव को श्रद्धांजलि देने के लिए भारती विद्यापीठ कैंपस में पहुंची। उनके अलावा पूर्व कांग्रेस संसद सुरेश कलमाडी भी कदम को अंतिम विदाई देने पहुंचे।

- कुछ ही देर में उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगी और यहां से उनका पार्थिव उनके गांव जाएगा और वहीं उनका अंतिम संस्कार होगा।  

 

बेटे पर विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी...   

- युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता विश्वजीत कदम ने वर्ष 2014 के आम चुनाव में पुणे सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गये थे।
- कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, "वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और शिक्षाविद पतंगराव कदम जी के निधन पर मैं गहरा शोक जताता हूं। यह कांग्रेस पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है।"

 

गांव में होगा अंतिम संस्कार
- कदम को मुंबई से पुणे लाया गया है। यहां उनके पार्थिव को अंतिम दर्शनों के लिए भारती विद्यापीठ में रखा जाएगा। इसके बाद उनके पैतृक गांव सोंसल ले जाएगा। यहीं उनका अंतिम संस्कार होगा।


एक साधारण परिवार से आते थे कदम
- पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली जिले में निम्न मध्य वर्गीय परिवार में आठ जनवरी, 1944 को पैदा हुए कदम ने ग्रैजुएशन और एलएलबी किया था।
- कुछ समय तक अंशकालिक शिक्षक का काम करने के बाद उन्होंने राजनीति से जुड़ने का फैसला किया।

 

चार बार एमएलए रहे कदम
- वह चार बार विधानसभा के लिए चुने गये। उन्होंने कांग्रेस- राकांपा सरकार में सहकारिता एवं वन जैसे अहम विभागों का कामकाज संभाला। 
- वह महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष भी रहे। वह कुछ समय के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे थे।

 

भारती विद्यापीठ की स्थापना की 
- विश्वजीत कदम ने पुणे में भारती विद्यापीठ डीम्ड विश्वविद्यालय की भी स्थापना की। 

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