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आतंकियो की गोली से शहीद हए थे पिता, याद आने पर उन्हें You Tube पर देखती है बेटी

समुद्र के रास्ते दाखिल हुए इन आतंकियों ने 164 बेगुनाह लोगों की जान ले ली, जबकि 308 लोग जख्मी हुए।

Dainik Bhaskar

Nov 26, 2017, 12:14 PM IST
शहीद सालस्कर की बेटी दिव्या आज भी अपने पापा को मिस करती हैं। शहीद सालस्कर की बेटी दिव्या आज भी अपने पापा को मिस करती हैं।

मुंबई. 26 नवंबर 2008 की उस काली रात मुंबई में जो कुछ हुआ, उसे कभी भूला नहीं जा सकता। लश्करे तैयबा के 10 आतंकियों ने 59 घंटे मुंबई को दहशत में रखा। इन आतंकियों ने 164 बेगुनाह लोगों की जान ले ली, जबकि 308 लोग जख्मी हुए। इनमें से कई विदेशी नागरिक भी थे। पूरी दुनिया को हिला देने वाले इस आतंकी हमले में भारत ने अपने कई जांबाज अफसरों को खो दिया था। इनमें से एक अफसर थे मुंबई पुलिस के विजय सालस्कर। उन्हें एनकाउंटर स्पेशालिस्ट कहा जाता था। याद आने पर पिता के एेसे देखती है बेटी....


-मुंबई हमले में शहीद हुए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर की बेटी आज भी उस दिन को भुला नहीं पाई हैं, जब उन्हें टीवी के जरिए अपने पिता के शहीद होने की खबर मिली थी।
- एचआर और ट्रेनिंग कंसल्टेंसी चलाने वाली दिव्या सालस्कर बताती हैं कि उन्हें अपने पिता की बहुत याद आती है।
- ऐसे में जब भी उन्हें पिता की याद आती है तो वो यूट्यूब पर उनके वीडियो देख लेती हैं, जिससे उन्हें लगता है कि उनके पिता आज भी उनके पास ही हैं।
-शहीद विजय सालस्कर मुंबई पुलिस में महाराज के नाम से जाने जाते थे। 26/11 हमले के दौरान कामा हॉस्पिटल के पास वे आतंकियों की गोलियों का शिकार हुए थे।
-वे हमले के दौरान उस गाड़ी में सवार थे, जिसपर आतंकी कसाब और उसके साथी ने गोलियां बरसाई थीं।

कर चुके थे 61 एनकाउंटर


-विजय सालस्कर मुंबई पुलिस की एनकाउंटर स्पेशलिस्ट स्क्वाड में शामिल थे। अंडरवर्ल्ड का सफाया करने में उनकी अहम भूमिका थी।
-उनके नाम 61 एनकाउंटर करने का रिकॉर्ड है। बताया जाता है कि सालस्कर ने डॉन अरुण गवली की गैंग का सफाया कर दिया था।
-वे गैंगस्टर अमर नाइक और सदा पावले को अरेस्ट कर मशहूर हुए थे। एक एनकाउंटर के दौरान 18 साल के बच्चे की गोली लगने से मौत के बाद वे विवादों में घिरे थे।
-कहा जाता है कि वे मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया के पसंदीदा अफसरों में से एक थे।


डॉन को घर से उठाकर कर दी थी पिटाई

-कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉन अरुण गवली ने एक बार महिला पत्रकार को पीट दिया था।
-जब यह बात एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सलास्कर को पता लगी, तो वे सिर्फ चार अफसरों को लेकर सीधे गवली के घर में घुस गए और गिरेबां पकड़कर उसे अपनी गाड़ी में बिठा पुलिस थाने ले आए।
-थाने में सालस्कर ने गवली की जमकर पिटाई कर दी। इस घटना के बाद गवली गैंग हैरत में पड़ गई, क्योंकि इससे पहले कभी पुलिस गवली के घर में नहीं घुसी थी।


15 दिन के अंदर सालस्कर ने ख़त्म कर दिए थे गवली के तीन शूटर


-1997 में महज 15 दिन के अंदर गवली के टॉप तीन शूटर गणेश शंकर भोसले, सदा पावले और विजय तांडेल को सालस्कर ने एनकाउंटर में मार दिया था।
- बाद में सालस्कर के हाथों गवली के कुछ और बड़े शूटर्स दिलीप कुलकर्णी, नामदेव पाटील, शरद बंडेकर, बबन राघव और बंड्या आडीवडेकर भी मुठभेड़ में मारे गए थे।


आगे की स्लाइड्स में देखें विजय सालस्कर के चुनिंदा फोटोज.....

26/11 के अटैक में मुंबई पुलिस के जाबांज आॅफिसर विजय सालस्कर शहीद हुए थे। 26/11 के अटैक में मुंबई पुलिस के जाबांज आॅफिसर विजय सालस्कर शहीद हुए थे।
सालकर एनकाउंटर स्पेशालिस्ट थे। सालकर एनकाउंटर स्पेशालिस्ट थे।
सालस्कर ने पहली बार डाॅन अरुण गवली को घर में घुसकर गिरफ्तार किया था। सालस्कर ने पहली बार डाॅन अरुण गवली को घर में घुसकर गिरफ्तार किया था।
समुद्र के रास्ते दाखिल हुए इन आतंकियों ने 164 बेगुनाह लोगों की जान ले ली, जबकि 308 लोग जख्मी हुए। समुद्र के रास्ते दाखिल हुए इन आतंकियों ने 164 बेगुनाह लोगों की जान ले ली, जबकि 308 लोग जख्मी हुए।
हमले में शामिल आतंकी कसाब को पकड़ लिया गया, उसके बाकी साथी मारे गए। हमले में शामिल आतंकी कसाब को पकड़ लिया गया, उसके बाकी साथी मारे गए।
कसाब को 21 नवंबर 2012 की सुबह पुणे के यरवदा जेल में फांसी दे दी गई कसाब को 21 नवंबर 2012 की सुबह पुणे के यरवदा जेल में फांसी दे दी गई
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शहीद सालस्कर की बेटी दिव्या आज भी अपने पापा को मिस करती हैं।शहीद सालस्कर की बेटी दिव्या आज भी अपने पापा को मिस करती हैं।
26/11 के अटैक में मुंबई पुलिस के जाबांज आॅफिसर विजय सालस्कर शहीद हुए थे।26/11 के अटैक में मुंबई पुलिस के जाबांज आॅफिसर विजय सालस्कर शहीद हुए थे।
सालकर एनकाउंटर स्पेशालिस्ट थे।सालकर एनकाउंटर स्पेशालिस्ट थे।
सालस्कर ने पहली बार डाॅन अरुण गवली को घर में घुसकर गिरफ्तार किया था।सालस्कर ने पहली बार डाॅन अरुण गवली को घर में घुसकर गिरफ्तार किया था।
समुद्र के रास्ते दाखिल हुए इन आतंकियों ने 164 बेगुनाह लोगों की जान ले ली, जबकि 308 लोग जख्मी हुए।समुद्र के रास्ते दाखिल हुए इन आतंकियों ने 164 बेगुनाह लोगों की जान ले ली, जबकि 308 लोग जख्मी हुए।
हमले में शामिल आतंकी कसाब को पकड़ लिया गया, उसके बाकी साथी मारे गए।हमले में शामिल आतंकी कसाब को पकड़ लिया गया, उसके बाकी साथी मारे गए।
कसाब को 21 नवंबर 2012 की सुबह पुणे के यरवदा जेल में फांसी दे दी गईकसाब को 21 नवंबर 2012 की सुबह पुणे के यरवदा जेल में फांसी दे दी गई
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