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26/11 हीरो : सामने थी पत्नी और बच्चों की लाशें, साहस जुटाकर बचाई थी कईयों की जान

उनके सामने उनकी पत्नी और बच्चों के शव पड़े थे लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दूसरों की हेल्प करते रहे।

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 11:12 AM IST
कांग को फोर्ब्स पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया था। कांग को फोर्ब्स पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया था।

मुंबई. 26/11 के आंतकी हमले को रविवार को नौ साल पूरे हो रहे हैं। इस हमले में होटल ताज धू-धू कर जल रहा था। हमले के दौरान होटल के तत्कालीन जनरल मैनेजर करमबीर सिंह कांग ने जो साहस दिखाया था, वो लीडरशिप की एक मिसाल है। उनके सामने उनकी पत्नी और 2 बेटे होटल के कमरे जिंदा जल गए थे। इसकी खबर लगने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दूसरों की हेल्प करते रहे। मिल चुके है कई सम्मान......


- कांग ने बेहतरीन कोऑर्डिनेशन की बदौलत होटल में मौजूद सैकड़ों लोगों की तो जान बचा ली थी, मगर अपनी बीवी नीति (40) और दोनों बेटों उदय (14) व समर (5) को खो बैठे।
- तीनों की लाश होटल में उनके कमरे के एक टॉयलेट से मिली। बाद में कांग को उनके काम के लिए फोर्ब्स पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया था। कांग इस समय अमेरिका में ताज होटल के एरिया डायरेक्टर हैं।
- ताज होटल के मालिक रतन टाटा ने हमले के बाद कहा था- 'मैं कांग के पास गया और उसे बताया कि मुझे कितना दुख है तो उसने कहा, सर हम ताज को पहले की तरह बनाने जा रहे हैं।' ये जवाब सुन टाटा हैरान रह गए थे।
- फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति निरोलस सरकोजी ने कांग को हमले के दौरान साहस दिखाने पर 'ऑफिसर ऑफ नेशनल ऑर्डर ऑफ मेरिट' का पदक देकर सम्मानित किया। हमले के वक्त होटल में मौजूद सैकड़ों अतिथियों में फ्रांस के भी नागरिक थे।


कंधों पर थी दोहरी जिम्मेदारी

- दरअसल आतंकियों ने ताज की छठीं मंजिल पर जिस कमरे में आग लगाई थी, उसी में कांग की पत्नी और उनके 2 बच्चे मौजूद थे। उनकी चीख-पुकार और मदद के लिए गुहार बाहर तक साफ सुनाई दे रही थी।
- उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए कांग हर पुलिस वाले और फायर ब्रिगेड कर्मी से हाथ जोड़कर गुजारिश कर रहे थे। कांग पर उस वक्त दोहरी जिम्मेदारी थी।
- अपने परिवार को सुरक्षित निकालने की और साथ ही होटल में फंसे बाकी लोगों को बचाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेशन की।
- कांग की मदद से कई लोगों की जिंदगियां बचा ली गईं थीं, लेकिन कांग का परिवार बिखर गया।
- जब तक फायर ब्रिगेड के जवान आग बुझाकर उस कमरे में पहुंचते, कांग की पत्नी और दोनों बच्चे कोयले के ढेर में तब्दील हो चुके थे। वो फायर ब्रिगेड कर्मचारी उन्हें न बचा पाकर खुद को धिक्कार रहा था।

फोन पर पिता ने बढ़ाया था कांग का हौसला

- आतंकी हमले की रात जब कांग ने अपने पिता को बहरीन में फोन किया तो उन्होंने यह कहकर उनका हौसला बढ़ाया कि आप एक बहादुर सिख बनें। आप एक आर्मी जनरल के बेटे हैं।
- बीवी-बच्चों की मौत का खौफ कांग को हिला नहीं सका। उन्होंने इसे नियति मानकर बर्दाश्त कर लिया। इस तरह करमबीर ने अपने नाम की सार्थकता को साबित कर दिखाया।
- बाद में उन्होंने अपने एक परिजन को संदेश दिया कि आतंकी हमले जैसी घटना जीवन के प्रति दृष्टिकोण को बदल देती है और आत्मचिंतन को मजबूर करती है।
- आप हर चीज को अपने पक्ष में मानते हैं, लेकिन एक दिन अहसास होता है कि जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है। मेरे लिए काम पर बने रहना महत्वपूर्ण है, खासकर तब तक, जब तक होटल फिर से शुरू न हो जाए।

आगे की स्लाइड्स में देखिए करमबीर सिंह कांग के चुनिंदा फोटोज.....

हिलेरी क्लिंटन के साथ कांग। हिलेरी क्लिंटन के साथ कांग।
ताज हमले में उनकी पत्नी और बच्चों की मौत हो गई थी। ताज हमले में उनकी पत्नी और बच्चों की मौत हो गई थी।
इस साहस के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया गया। इस साहस के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया गया।
करमबीर के माता-पिता। करमबीर के माता-पिता।
फ्रांस की सरकार ने भी करमबीर को सम्मानित किया था। फ्रांस की सरकार ने भी करमबीर को सम्मानित किया था।
करमबीर आजकल अमेरिका में हैं। करमबीर आजकल अमेरिका में हैं।
कांग की कहानी सुन रतन टाटा भी भावुक हो गए थे। कांग की कहानी सुन रतन टाटा भी भावुक हो गए थे।
कांग की मदद से कई लोगों की जिंदगियां बचा ली गईं थीं। कांग की मदद से कई लोगों की जिंदगियां बचा ली गईं थीं।
इस हमले में ताज होटल धू-धू कर जल गया था। इस हमले में ताज होटल धू-धू कर जल गया था।