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चश्में में स्पाई कैम लगाकर चलता है यह शख्स, मनचलों को ऐसे सिखाता है सबक

वे स्पाई कैम लगाकर ट्रेनों में ट्रैवल करते हैं और भीड़ का फायदा उठा रहे मनचलों को पहले कैमरे में कैद करते हैं।

Dainik Bhaskar

Nov 17, 2017, 01:31 PM IST
ऐसे चश्मे में कैमरा लगाकर शूट करते हैं मनचलों को। ऐसे चश्मे में कैमरा लगाकर शूट करते हैं मनचलों को।

मुंबई. लोकल ट्रेन में महिलाओं संग होने वाली छेड़छाड़ के खिलाफ मुंबई के एक शख्स ने एक अनोखी मुहिम शुरू की है। वे स्पाई कैम लगाकर ट्रेनों में ट्रैवल करते हैं और भीड़ का फायदा उठा रहे मनचलों को पहले कैमरे में कैद करते हैं और फिर उन्हें पकड़ कर पुलिस के हवाले करते हैं। वे अब तक ऐसे 100 से ज्यादा लफंगों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर चुके हैं। डेली एक घंटे करते हैं शूटिंग...

- मुंबई के रहने वाले दीपेश टैंक रेल-सुरक्षा कार्यकर्ता हैं। वे अपने चश्मे में स्पाई कैमरा लगाकर घूमते हैं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर होने वाले मॉलेस्टेशन को शूट करते हैं।
- दीपेश ने बताया कि वे लगभग डेली पश्चिमी, मेन और हार्बर लाइन्स पर चलने वाली ट्रेनों की भीड़ को अपने कैमरे में कैद करते हैं। इस वीडियो की जांच के बाद अगर मॉलेस्टर्स नजर आते हैं तो उसका वीडियो रेलवे पुलिस के अधिकारियों से साझा करते हैं।
- इसके बाद रेलवे के अधिकारियों के साथ मिल उस मनचले को पकड़वाने में हेल्प भी करते हैं। अब तक दीपेश के प्रयास से 110 से ज्यादा मनचले अरेस्ट हो चुके हैं।

ऐसे आया स्पाई कैम में मनचलों को पकड़ने का आइडिया
- 2013 में दीपेश टैंक ने महाराष्ट्र के मलाड रेलवे स्टेशन पर कुछ लफंगों को औरतों के साथ अभद्र व्यवहार करते देखा, वो बड़ी बेशर्मी से औरतों को छेड़ रहे थे।
- ये सब अपने सामने होता देख दीपेश का खून खौल उठा। लेकिन वो लोग बहुत ज्यादा थे और दीपेश अकेले थे। उस वक्त वे प्रतिरोध तो नहीं कर सके।
- इसके बाद वे नजदीकी पुलिस स्टेशन पर गए। वहां सब कुछ बताया। लेकिन किसी ने भी उनकी बातों और मामले की गंभीरता को नहीं समझा।
- सबूतों के अभाव में रेलवे पुलिस ने उस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया। इसके बाद भी कुछ ऐसे मामले दीपेश के सामने आए।
- ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए दीपेश ने 'वॉर अगेन्स्ट रेलवे राउडीज' (डब्ल्यूएआरआर) नाम की एक संस्था बनाई। अब दीपेश और उनकी संस्था से जुड़े लोग ऐसे मनचलों को सबक सिखाने के लिए भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर तैनात रहते हैं।

ऐसे काम करती है दीपेश की टीम
- दीपेश और उनकी वॉर टीम सादे कपड़े में गोरेगांव और मालाड स्टेशनों पर लगातार निगरानी रखती है।
- एक टीम छिपे हुए कैमरे से फुटेज रिकॉर्ड करती है और मनचला मिलने पर उसकी तस्वीर और वीडियो अपने दूसरे साथियों तक पहुंचाती है।
- इसके बाद वे उसका पीछा करते हैं और रेलवे पुलिस के कर्मचारियों के आने के बाद उसे पकड़वाने में हेल्प भी करते हैं।
- दीपेश के समर्थन के साथ, रेलवे पुलिस ने पिछले कुछ सालों में 110 लफंगों को वहीं स्टेशन पर गिरफ्तार किया है।

स्टंटबाजी करने वालों को भी सिखाते हैं सबक
- सिर्फ मनचले ही नहीं मुंबई लोकल ट्रेन में चलने वाले स्टंटबाजों के खिलाफ भी दीपेश टैंक ने मुहिम छेड़ी है।
- एक आंकड़े के मुताबिक मुंबई में औसतन 10 यात्रियों की मौत ट्रेन हादसे में होती है। कुछ की करंट लगने से तो कुछ की मौत ट्रेन से गिर कर कटने से होती है।
- हादसे की चपेट में आने वाले ज्यादातर लोग इन्हीं में से होते हैं। जो छत पर या खिड़कियों पर लटकते हुए सफर करते हैं।
- दीपेश के मुताबिक इन स्टंटबाजों में से ज्यादातर खुद को कानून से ऊपर समझते हैं और कुछ खास स्टेशनों के बीच ही सफर करते हैं।

आगे की स्लाइड्स में देखिए दीपेश की कुछ चुनिंदा फोटोज ...

रेल-सुरक्षा कार्यकर्ता हैं दीपेश टैंक। रेल-सुरक्षा कार्यकर्ता हैं दीपेश टैंक।
दीपेश डेली एक घंटा अपने स्पाई कैम से भीड़ को रिकॉर्ड करते हैं. दीपेश डेली एक घंटा अपने स्पाई कैम से भीड़ को रिकॉर्ड करते हैं.
वे मनचलों को पकड़ने में हेल्प भी करवाते हैं। वे मनचलों को पकड़ने में हेल्प भी करवाते हैं।
वे ट्रेन में स्टंट करने वालों को भी रिकॉर्ड करते हैं। वे ट्रेन में स्टंट करने वालों को भी रिकॉर्ड करते हैं।
वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद उसे पुलिस के हवाले करते हैं। वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद उसे पुलिस के हवाले करते हैं।
अब तक 110 मनचलों को पकड़वा चुके हैं दीपेश। अब तक 110 मनचलों को पकड़वा चुके हैं दीपेश।
हेयर स्टाइलिस्ट सपना के साथ दीपेश। हेयर स्टाइलिस्ट सपना के साथ दीपेश।
दीपेश के साथ उनकी टीम भी इस काम में उनकी हेल्प करती है। दीपेश के साथ उनकी टीम भी इस काम में उनकी हेल्प करती है।
क्लीन मुंबई की ड्राइव से भी जुड़े रहे हैं दीपेश। क्लीन मुंबई की ड्राइव से भी जुड़े रहे हैं दीपेश।
कई टॉक शो में भी लेक्चर दे चुके हैं दीपेश। कई टॉक शो में भी लेक्चर दे चुके हैं दीपेश।
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ऐसे चश्मे में कैमरा लगाकर शूट करते हैं मनचलों को।ऐसे चश्मे में कैमरा लगाकर शूट करते हैं मनचलों को।
रेल-सुरक्षा कार्यकर्ता हैं दीपेश टैंक।रेल-सुरक्षा कार्यकर्ता हैं दीपेश टैंक।
दीपेश डेली एक घंटा अपने स्पाई कैम से भीड़ को रिकॉर्ड करते हैं.दीपेश डेली एक घंटा अपने स्पाई कैम से भीड़ को रिकॉर्ड करते हैं.
वे मनचलों को पकड़ने में हेल्प भी करवाते हैं।वे मनचलों को पकड़ने में हेल्प भी करवाते हैं।
वे ट्रेन में स्टंट करने वालों को भी रिकॉर्ड करते हैं।वे ट्रेन में स्टंट करने वालों को भी रिकॉर्ड करते हैं।
वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद उसे पुलिस के हवाले करते हैं।वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद उसे पुलिस के हवाले करते हैं।
अब तक 110 मनचलों को पकड़वा चुके हैं दीपेश।अब तक 110 मनचलों को पकड़वा चुके हैं दीपेश।
हेयर स्टाइलिस्ट सपना के साथ दीपेश।हेयर स्टाइलिस्ट सपना के साथ दीपेश।
दीपेश के साथ उनकी टीम भी इस काम में उनकी हेल्प करती है।दीपेश के साथ उनकी टीम भी इस काम में उनकी हेल्प करती है।
क्लीन मुंबई की ड्राइव से भी जुड़े रहे हैं दीपेश।क्लीन मुंबई की ड्राइव से भी जुड़े रहे हैं दीपेश।
कई टॉक शो में भी लेक्चर दे चुके हैं दीपेश।कई टॉक शो में भी लेक्चर दे चुके हैं दीपेश।
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