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चढ़ावा / पुणे के दगडूशेठ हलवाई मंदिर में बप्पा को चढ़ाया गया 126 किलो का मोदक



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  • 126 साल पुराना है पुणे का यह मंदिर 
  • मोदक में सोने के वर्क का किया इस्तेमाल 

Dainik Bhaskar

Sep 15, 2018, 06:03 AM IST

पुणे.  शुक्रवार को प्रसिद्द श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई मंदिर में 126 किलो का मोदक चढ़ाया गया। सोने की पर्त्त से सजे इस मंदिर की स्थापना का यह 126वां साल है। इसलिए बप्पा को 126  किलो का मोदक चढ़ाया गया। मोदक का प्रसाद यहां आने वाले भक्तों को दिया जाएगा।

 

क्या खास है इस लड्डू में?  

इस मोदक का निर्माण मंदिर परिसर में ही किया गया है। इसे बेहद खूबसूरती से बनाया और सजाया गया है। इसमें मेवा, काजू, बादाम, पिस्ता और चांदी के वर्क का इस्तेमाल किया गया। मोदक के ऊपर के हिस्से पर सोने का वर्क चढ़ाया गया है। 

 

65 हजार की लागत आई: मोदक काका हलवाई दुकान द्वारा बनाया गया। काका हलवाई परिवार मिठाई व्यवसाय में अपनी 8वीं पीढ़ी से सेवा कर रहा है। मोदक को बनाने में चार घंटे से अधिक समय लगा और लगभग 65,000 रुपए की लागत से मोदक बनाया गया।

 

कौन थे दगड़ूशेठ हलवाई: दगड़ूशेठ हलवाई पुणे में एक सफल मिठाई विक्रेता थे। अचानक एक दिन उनके बेटे की प्लेग से मौत हो गई। बेटे की मौत से परेशान दगड़ूशेठ को एक संत ने गणेशजी का मंदिर बनवाने के लिए कहा। उन्होंने अपनी और शहर की शांति के लिए इस मंदिर का निर्माण करवाया। धीरे-धीरे मंदिर की लोकप्रियता बढ़ती गई। बाद में लोकमान्य तिलक ने यहां विशाल गणपति महोत्सव के आयोजन की घोषणा की। 

 

 

 

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