--Advertisement--

मुंबई में 447 कंपनियों ने किया 3200 करोड़ का टीडीएस घोटाला, वारंट जारी हुए

आरोप है कि 447 कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से टीडीएस तो काट लिया, लेकिन पैसे को सरकार के खाते में जमा नहीं करवाया।

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 03:11 PM IST
इनकम टैक्स एक्ट के तहत इन कंपन इनकम टैक्स एक्ट के तहत इन कंपन

मुंबई. पीएनबी घोटाला सामने आने के बाद एक के बाद एक लगातार नये-नये घोटाले सामने आ रहे हैं। अब मुंबई के आयकर विभाग ने 3200 करोड़ रुपये के टीडीएस घोटाले का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि 447 कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से टीडीएस तो काट लिया, लेकिन पैसे को सरकार के खाते में जमा नहीं करवाया। इनमें कई प्रोडक्शन हाउस शामिल...

- आरोपों के मुताबिक, इन कंपनियों ने कर्मचारियों का टीडीएस तो काटा, लेकिन पैसे को सरकार के खाते में जमा कराने के बजाय अपने कारोबार में इस्तेमाल कर लिया।
- यह मामला अप्रैल, 2017 से मार्च, 2018 के बीच का है। घोटाला सामने आने के बाद आरोपी कंपनियों के खिलाफ आयकर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किए जा चुके हैं।
- आरोपी कंपनियों में फिल्म प्रोडक्शन हाउस और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां शामिल हैं।

क्या है टीडीएस का नियम
- नियमों के मुताबिक, कर्मचारियों से टीडीएस काटने के बाद पैसे को केंद्र सरकार के खाते में जमा कराना होता है। पैसे को तिमाही के तौर पर भी जमा कराया जा सकता है।
- कंपनियां यह पैसा ई पेमेंट या बैंक ब्रांच में जमा करवा सकती हैं। लेकिन इस मामले में कंपनियों ने टीडीएस तो काट लिया, लेकिन पैसे को जमा ही नहीं करवाया।
- टीडीएस घपले का दोषी पाए जाने पर कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक, ऐसे मामलों में 3 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।

कुछ कंपनियों के खिलाफ वारंट जारी
- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के टीडीएस विंग ने इनमें से कई कंपनियों के खिलाफ अभियोजन की धारा 267 बी के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है और कुछ फर्मों को वारंट भी जारी कर दिया है।
- इनकम टैक्स एक्ट के तहत इस तरह के अपराध के लिए जुर्माने के साथ तीन महीने से लेकर सात साल तक के कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है।