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शहीद की पत्नी ने नहीं मिटाने दिया माथे का सिंदूर, बोली- बच्चे को देखे बिना नहीं जा सकते

पत्नी सात माह की प्रेग्नेंट है। वह अपने शहीद पति की बाॅडी के पास बैठकर उसे जगाने की कोशिश करती रही।

Danik Bhaskar | Jan 20, 2018, 12:44 PM IST
मयूर पाटिल की पत्नी पूजा अपने पति को बार-बार उठने कहती रही। वो बार-बार कह रही थीं कि आपने तो मुझसे वादा किया था। मयूर पाटिल की पत्नी पूजा अपने पति को बार-बार उठने कहती रही। वो बार-बार कह रही थीं कि आपने तो मुझसे वादा किया था।

नंदूरबार. गुजरात के बड़ौदा में एयरफोर्स के जवान मयूर पाटिल की परेड करते समय बेहोश होने के बाद मौत हुई। मयूर पाटिल का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम सरकारी सम्मान के साथ किया गया। मयूर की पत्नी सात माह की प्रेग्नेंट है। वह अपने पति की बाॅडी के पास बैठकर उसे जगाने की कोशिश करती रही। वह बार-बार कह रह थी कि आप हमारा बच्चा देखे बिना ही हमसे दूर कैसे चले गए। 13 साल पहले ज्वाइन की थी एयरफोर्स...


-प्राप्त जानकारी के मुताबिक भारतीय वायुसेना में कार्यरत और बड़ोदा में नियुक्त जवान मयूर अशोक पाटिल मूल रुप से महाराष्ट्र के नंदूरबार जिले के नवापुर के रहने वाले थे।
-गुरुवार को बड़ौदा में गणतंत्र दिवस के लिए परेड की जा रही थी। परेड खत्म होने के बाद मयूर को चक्कर आया और वे नीचे गिर गए। उनके साथियों ने उन्हें तुरंत हाॅस्पिटल में भर्ती कराया।
-लेकिन इलाज के दौरान भी उन्हें होश नहीं आया। चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें देर रात मृत घोषित किया।
-शुक्रवार को उनका पार्थिव नवापुर लाया गया और सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के लिए पूर्व मंत्री एवं विधायक स्वरुपसिंह नाईक समेत जिले के नेता और हजारों लोग मौजूद थे।

नम हुई सबकी आंखें

-मयूर का पार्थिव जब अंतिम संस्कार के लिए लाया गया था तो उनकी प्रेग्नेंट पत्नी पूजा ने माथे का सिंदूर मिटाने से और चुड़ियां तोड़ने से मना कर दिया। रोते हुए कहा कि पति ने वादा किया था कि वह उनके बच्चे को देखने जरुर आएंगे। मैं उन्हें एेसे नहीं जाने दूंगी उन्हें हमारा होने वाला बच्चा देखना है।

13 साल पहले ज्वाइन की थी एयरफोर्स

-मयूर के पिता एबी पाटिल नवापुर के आर्ट, काॅमर्स, साइंस काॅलेज में वरिष्ठ प्रोफेसर हैं। पाटिल परिवार मूल रुप से जलगांव जिले के अमलनेर के पिलोदा गांव से है। मयूर के पश्चात माता-पिता, पत्नी, दो भाई परिवार में हैं। मयूर ने 2005 में एयरफोर्स ज्वाइन की थी। अपने 13 साल के कार्यकाल में उन्होंने जयपुर, श्रीनगर, वडनगर, बडौदा आदि जगहों पर सर्विस की। उनके सहयोगी आॅफिसर दीपक झा ने बताया कि मयूर एक ईमानदार और नेक अफसर थें। उनके खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पूजा ने माथे की सिंदूर पोछने और चूड़ियां तोड़ने मना कर दिया। पूजा ने माथे की सिंदूर पोछने और चूड़ियां तोड़ने मना कर दिया।
मयूर पाटिल को प्रशासन की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मयूर पाटिल को प्रशासन की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अंतिम संस्कार में सभी पार्टियों के नेता समेत हजारों लोग पहुंचे थे। अंतिम संस्कार में सभी पार्टियों के नेता समेत हजारों लोग पहुंचे थे।
पुलिस ने मयूर पाटिल को सलामी दी। पुलिस ने मयूर पाटिल को सलामी दी।
इस तरह निकाली अंतिमयात्रा। इस तरह निकाली अंतिमयात्रा।
शहीद पाटिल के भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। शहीद पाटिल के भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी।