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सत्याग्रह: अनशन से पहले अन्ना ने बापू को दी श्रद्धांजलि, इस बार एजेंडे में किसानों के मुद्दे भी शामिल

2011 में अन्ना ने लोकपाल बिल की मांग को लेकर जंतरमंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 23, 2018, 04:17 PM IST

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    अन्ना हजारे ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर फूल चढ़ाए।

    नई दिल्ली.समाजसेवी अन्ना हजारे आज राजधानी के रामलीला मैदान में 7 साल बाद फिर अनशन करेंगे। इस बार आंदोलन में जनलोकपाल के साथ देशभर के किसानों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। अन्ना ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद समर्थकों के साथ शहीद मार्ग जाएंगे। फिर यहां से मार्च करते हुए रामलीला मैदान के लिए निकलेंगे। बता दें कि 2011 में अन्ना ने लोकपाल बिल की मांग को लेकर जंतरमंतर पर भूख हड़ताल की थी। इसके बाद रामलीला मैदान में बड़ा आंदोलन हुआ, जिसमें लाखों लोग जुटे थे।

    सरकार किसानों को हिंसा की ओर ले जा रही है: हजारे

    - आंदोलन से पहले दिल्ली पहुंचने वाली ट्रेनें रद्द करने पर अन्ना हजारे ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, ''क्या सरकार किसानों को हिंसा की ओर ले जाना चाह रही है? जो ट्रेनें सत्याग्रहियों को लेकर आ रही थीं, उन्हें कैंसल कर दिया। मेरे लिए भी पुलिस फोर्स तैनात कर दी। मैंने कई लेटर लिखे कि मुझे पुलिस सुरक्षा नहीं चाहिए। आपकी सुरक्षा मुझे नहीं बचाएगी। सरकार का यह रवैया मूर्खतापूर्ण है।"

    - "मैंने कई बार अनशन किए, कभी कोई हिंसा नहीं हुई। पता नहीं इस बार क्यों सरकार ने दिल्ली आने वाले लोगों को ट्रेन और बसें रद्द कर रोक दिया। यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। जब लोगों को न्याय नहीं मिलता तो उनके पास आंदोलन करने का अधिकार है, अंग्रेज चले गए लेकिन इस देश में लोकतंत्र कहां है।''

    किसानों के हक के लिए आंदोलन

    - अन्ना इस बार के आंदोलन में किसान के मुद्दे उठाएंगे। किसानों की सुनिश्चित आय, पेंशन, खेती के विकास के लिए ठोस नीतियों समेत कई मांगें एजेंडे में शामिल हैं।

    - पहले उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। देश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं, आंदोलन कर रहे हैं। जिसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है।

    आंदोलन से दूर रहेंगे राजनीतिक दल

    - पिछली बार के आंदोलन से सबक लेते हुए इस बार अन्ना हजारे ने साफ कह दिया है कि इस बार राजनीतिक दल उनके इस आंदोलन में शामिल नहीं होंगे, लेकिन माना जा रहा है कि योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, शांति भूषण और कुमार विश्वास जैसे कुछ पुराने सहयोगी आंदोलन को समर्थन देने पहुंच सकते हैं।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

    - पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस की 6 अतिरिक्त कंपनी मंगाई गई हैं। ग्राउंड के अंदर और बाहर 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

    - रामलीला मैदान के सभी एंट्री गेटों पर डोर फ्रेम्ड मेटल डिटेक्टर और हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर से चेकिंग की होगी।

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    अन्ना हजारे 2011 में लोकपाल बिल की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन कर चुके हैं। -फाइल
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    अन्ना हजारे ने पिछले साल शहीद दिवस (23 मार्च) के मौके पर आंदोलन का एलान किया था। -फाइल
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