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पुणे हिंसा : भीमा कोरेगांव में दंगा फैलाने के आरोप में तीन नाबालिगों समेत 12 गिरफ्तार

गांव वालों ने प्रेस कांफ्रेंस कर कुछ असामाजिक तत्वों ने बाहर से आकर यह दंगा फैलाने का आरोप लगाया था

Dainik Bhaskar

Jan 09, 2018, 06:28 PM IST
200 साल पुरानी जंग की बरसी पर 1 जनवरी को विजयस्तंभ को वंदना देने दलित समुदाय के लोग पहुंचे थे। इसी दिन यहां पर दंगा भड़का था। 200 साल पुरानी जंग की बरसी पर 1 जनवरी को विजयस्तंभ को वंदना देने दलित समुदाय के लोग पहुंचे थे। इसी दिन यहां पर दंगा भड़का था।

पुणे. कोरेगांव भीमा में 1 जनवरी को हुए दंगे के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें से तीन आरोपी नाबालिग हैं। नौ लोगों को पुणे की शिक्रापुर कोर्ट में पेश करने पर दो दिन की पुलिस हिरासत मिली है। मराठा अंग्रेजों के बीच हुए युद्ध की 200वीं बरसीं के दिन कोरेंगाव में दंगा हुआ था। 3 जनवरी को महाराष्ट्र में बंद का एलान किया गया था। बाद में गांव वालों ने प्रेस कांफ्रेंस कर कुछ असामाजिक तत्वों ने बाहर से आकर यह दंगा फैलाने का आरोप लगाया था और सरकार को इसे इसके लिए जिम्मेदार बताया था।

-1जनवरी को हुए दंगे के बाद 3 जनवरी को महाराष्ट्र बंद का एलान किया गया था। इसके आठ दिन बाद याने 9 जनवरी को कोरेगांव भीमा, सणवाडी कोंढापुरी गांव से 12 लोगों को गिरफ्तार किया।
-पुलिस ने बताया कि इसमें से तीन आरोपी नाबालिग हैं, उन्हें बाल न्याय मंडल के सामने पेश किया जाएगा। बाकी 9 आरोपियों को दो दिन की पुलिस हिरासत मिली है।
बता दें कि पुलिस ने इससे पहले वढु बुद्रूक गांव से 15 लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस ने अब तक भीमा कोरेगांव दंगे के आरोप में 27 लोगों को गिरफ्तार किया है।

कैसे हुआ था दंगा ?

-भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी 1818 में अंग्रेज और मराठों के बीच युद्ध हुआ था। अंग्रेजों की महार बटालियन के 500 सैनिकों ने मराठों के 28000 सैनिकों को धूल चटाई थी।
-इस जंग की 200वीं बरसी पर 1 जनवरी 2018 को दलित समुदाय के लोग विजयस्तंभ को वंदन करने भीमा कोरेगांव पहुंचे थे।
-इसी दौरान कुछ असमाजिक तत्वों ने गाड़ियों और दुकानों में तोड़फोड़ की। पथराव से गांव में रहने वाले एक युवक की मौत हुई थी।

दंगे के चार दिन बाद गांव वालों ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया था कि यह दंगा बाहर गांव से आए कुछ असामाजिक तत्वों ने फैलाया था। दंगे के चार दिन बाद गांव वालों ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया था कि यह दंगा बाहर गांव से आए कुछ असामाजिक तत्वों ने फैलाया था।
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200 साल पुरानी जंग की बरसी पर 1 जनवरी को विजयस्तंभ को वंदना देने दलित समुदाय के लोग पहुंचे थे। इसी दिन यहां पर दंगा भड़का था।200 साल पुरानी जंग की बरसी पर 1 जनवरी को विजयस्तंभ को वंदना देने दलित समुदाय के लोग पहुंचे थे। इसी दिन यहां पर दंगा भड़का था।
दंगे के चार दिन बाद गांव वालों ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया था कि यह दंगा बाहर गांव से आए कुछ असामाजिक तत्वों ने फैलाया था।दंगे के चार दिन बाद गांव वालों ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया था कि यह दंगा बाहर गांव से आए कुछ असामाजिक तत्वों ने फैलाया था।
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