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ये हैं 5500 करोड़ की कंपनी के मालिक, गरीबों की मदद के लिए तीन पहाड़ चढ़कर पहुंचे

भास्कर में प्रकाशित खबर पढ़कर चार किमी पैदल चल और तीन पहाड़ चढ़कर तीनसमाल पहुंचे।

Nilesh patil | Last Modified - Feb 05, 2018, 10:40 AM IST

  • ये हैं 5500 करोड़ की कंपनी के मालिक, गरीबों की मदद के लिए तीन पहाड़ चढ़कर पहुंचे
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    सवजीभाई ने मिनरल वाटर की जगह गांव का ही पानी पीना पंसद किया।

    नंदूरबार। ]महाराष्ट्र के तीनसमाल गांव के लोगों की मदद के लिए सूरत के हीरा कारोबारी सवजीभाई धोलकिया आगे आए हैं। 5500 करोड़ रु. टर्नओवर वाली हीरा कंपनी के मालिक सवजीभाई पिछले दिनों भास्कर में प्रकाशित खबर पढ़कर चार किमी पैदल चल और तीन पहाड़ चढ़कर तीनसमाल पहुंचे। रातभर रुककर परेशानियां समझीं। सवजीभाई ने कहा, भास्कर ने जो लिखा, शब्दश: सत्य है। उन्होंने ग्रामीणों को वाटर फिल्टर दिए। 30 युवकों को नौकरी, उनके मकान-भोजन, शादी और गांव में बिजली, पानी, सड़क समेत अन्य सुविधाएं देने का वादा किया। गांव वालों ने कहा- भास्कर ने हमारी जिंदगी बदल दी.....

    -लोगों के लिए: स्वास्थ्य किट के साथ 10 जोड़ी बैल और अन्य दुधारू पशु देंगे। छोटे-मोटे व्यवसाय कर जीविका चलाने के लिए प्रशिक्षण।

    -महिलाओं के लिए: गृह उद्योग चलाने के लिए हरसंभव सुविधाएं। जो उत्पाद तैयार होगा, उसकी मार्केटिंग सूरत के लोग करेंगे।

    -बच्चों के लिए: स्कूल में स्वच्छ पानी, किताबें, स्कूल बैग, स्टेशनरी, फीस समेत सभी सुविधाएं। गांव के चारों हिस्सों में सोलर स्ट्रीट लाइट भी।

    गांव वालों ने माना दैनिक भास्कर का आभार

    -601 की आबादी वाले तीनसमाल में न बिजली है, न ही सड़क। पीने के पानी के लिए 300 मीटर खाई में उतरना पड़ता है।
    -कोई बीमार हुआ तो उसे बांस की झोली में 17 किमी दूर लाना पड़ता है।
    -विषम हालात के कारण युवक -युवतियों की शादी भी नहीं हो रही। दो दशक से लोग पुनर्वास का इंतजार कर रहे हैं।
    - सवजीभाई ढोलकिया द्वारा मदद की जान से गांव के लोग खुश हैं उन्होंने कहा कि दैनिक भास्कर ने हमारी जिंदगी बदल दी है।

    कौन हैं सावजीभाई ?

    -सावजीभाई शून्‍य से शिखर पर पहुंचने वाले व्‍यक्ति का एक जीवंत उदाहरण हैं। वें गुजरात के अमरेली जिले के डुढाला गांव के रहने वाले हैं।
    - 1977 में वह अपने गांव से सिर्फ साढ़े बारह रुपए लेकर सूरत के लिए निकले थे। यह रुपए भी उनके बस का किराया चुकाने में खत्‍म हो गए थे।
    -यहां उन्‍होंने हीरे और कपड़े के निर्यात का कारोबार शुरू किया, जो आज एक जानामाना नाम है।

    5500 करोड़ रुपए है सालाना टर्नओवर

    -हरि कृष्‍णा एक्‍सपोर्ट का सालाना टर्नओवर 5500 करोड़ रुपए है और यह कंपनी डायमंड और टेक्‍सटाइल सेगमेंट में काम करती है।
    -यह कंपनी अपने उच्‍च आदर्श मानकों, उत्‍कृष्‍टता, बेहतर गुणवत्‍ता और पारदर्शी कारोबार के लिए जानी जाती है।
    -कंपनी डीटीसी, रियो टिंटो, डीडीसी और एआई रोसा से कच्‍चा हीरा प्राप्‍त करती है। कंपनी के पास तकरीबन 5500 कर्मचारी हैं।

    कर्मचारियों को बोनस में बांटी थी कारें

    -सवजीभाई हर साल दिवाली बोनस में अपने कर्मचारियों को फ्लैट, कार, स्‍कूटर और ज्‍वैलरी बॉक्‍स देने के लिए मशहूर हैं। पिछले साल उन्होंने अपने सभी कर्मचारियों को बोनस में कारें बांटी थी।

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    तीनसमाल जाने के लिए पहाड़ पार करते कारोबारी सवजीभाई ढोलकिया (सबसे आगे)।
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    गांव के कुंए से पानी की बाल्टी निकालते सवजीभाई ढोलकिया।
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    आदिवासी परिवार को ब्लैंकेंट गिफ्ट किया।
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    अपनी टीम के साथ खाना खाते हुए।
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    सवजीभाई ढोलकिया ने गांव में रातभर रुककर परेशानियां समझीं।
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    गांव के बच्चे को यूं गोद में लिया।
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    जंगल में फूलों की जानकारी लेते हुए।
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    सवजीभाई ने गांव वालों को दिव्य भास्कर में छपी खबरें पढ़कर बताई।
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