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कचरा पर औरंगाबाद में कोहराम, आगजनी और पथराव में 6 पुलिसकर्मी जख्मी

कचरा डंपिंग का विरोध कर रहे हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और कूड़ा लेकर जा रही कई गाड़ियों पर पथराव कर दिया।

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 06:39 PM IST
भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस

औरंगाबाद. महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पिछले कई दिनों से जारी कचरा डंपिंग विवाद ने बुधवार को हिंसक रूप धारण कर लिया है। यहां के नारे गांव में कचरा डंपिंग का विरोध कर रहे हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और कूड़ा लेकर जा रही कई गाड़ियों पर पथराव कर दिया। भीड़ ने उग्र रूप धारण करते हुए दो गाड़ियों को आग के हवाले भी कर दिया। पूरे इलाके में धारा 144..

 

- मामला बढ़ता देख मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठी चार्ज कर दिया। 
- इसके जवाब में ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया और उनपर जमकर पत्थर फेंके। जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले और हवा में गोलियां तक चलानी पड़ी।
- लोगों के पथराव में पुलिस के 6 जवान जख्मी हो गए गई हैं। इस घटना के बाद से औरंगाबाद नाने गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी है।


क्या है कचरा डंपिंग विवाद
- बता दें कि औरंगाबाद के नाने गांव में पिछले 30 सालों से कचरा डंपिंग किया जाता रहा है। औरंगाबाद नगर निगम के मुताबिक डेली यहां 611 टन कचरा डंप किया जाता है।
- स्थानीय लोग इसकी दुर्गन्ध से परेशान होकर इसे बंद करने की मांग पिछले कई साल से कर रहे थे। 
- इसको लेकर कई बार प्रदर्शन भी हुए लेकिन प्रशासन ने सिर्फ उनकी बातों को अनसुना कर दिया। जिसके बाद बुधवार को ये लोग हिंसक हो गए।

 

पीने का पानी भी हो रहा दूषित
- लोगों का कहना है कि कचरा डंपिंग होने कि वजह से यहां की जमीन और पीने का पानी प्रदूषित हो रहा है।
- इलाके में भारी मात्रा में हो रहे डंपिंग की वजह से लोगों के शरीर और त्वचा पर उसका असर पड़ रहा है।
- बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ रहे है। यहां तक कचरा डंपिंग की समस्या की वजह से इस गांव में कोई शादी के लिए अपनी बेटी नहीं देना चाह रहा है।