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RSS है दुनिया की सबसे बड़ी स्वयंसेवी संस्था, ऐसा है इनके काम का तरीका

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Feb 12, 2018, 12:49 PM IST

आज देशभर में 50 हजार से अधिक शाखाएं और उनसे जुड़े 90 लाख स्वयंसेवक हैं।
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    आरएसएस की शाखा में हर कार्यकर्ता को आत्मरक्षा और जरुरत पड़ने पर शस्त्र चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है।

    नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि जो सैनिक तैयार करने में सेना 6-7 महीने लगाती है, उन्हें संघ 3 दिन में तैयार कर सकता है। यह हमारी क्षमता है। उनके इस बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष के लोग आरएसएस और मोहन भागवत पर निशाना साध रहे हैं। इस मौके पर हम आपको विश्व की सबसे बड़ी स्वयंसेवी संस्थान के रूप में फेमस RSS से जुड़े कई इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स के बारे में बताने जा रहे हैं।90 लाख स्वयंसेवक..

    - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संस्थान है। यह संघ या आरएसएस के नाम से अधिक लोकप्रिय है।
    - आज देशभर में 50 हजार से अधिक शाखाएं और उनसे जुड़े 90 लाख स्वयंसेवक हैं।
    - आरएसएस के मेंबर्स का न तो रजिस्ट्रेशन होता है और न ही इन्हें कोई आईडी कार्ड या बिजनेस कार्ड दिया जाता है।
    - देश का हर नागरिक कभी भी इसमें आ सकता है और कभी भी इससे अलग हो सकता है।
    - इसका मुख्यालय महाराष्ट्र के नागपुर में है। संघ की पहली शाखा में सिर्फ 5 लोग शामिल हुए थे।
    - इसकी स्थापना की प्रेरणा केशवराव को प्रथम विश्व युद्ध में बनी यूरोपियन राइट-विंग से मिली थी।
    - देश भर में आरएसएस के हजारों स्कूल, चैरिटी संस्थाएं और विचारों के प्रसार के लिए क्लब हैं।

    संघ की शाखा
    - संघ के ज्यादातर क्रियाकलाप शाखाओं में संचालित होते हैं। यहां सभी स्वयंसेवक जमा होते हैं और अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं।
    - शाखा किसी भी स्थान पर आयोजित की जा सकती है।
    - शाखा का आयोजन 'शाखा प्रमुख' की देख-रेख में होता है। शाखा में सभी स्वयंसेवक संघ की आधिकारिक पोशाक पहनकर ही आते हैं।

    भगवा झंडा है संगठन का प्रमुख
    - आरएसएस का भगवा ध्वज ही संस्थान का हेड है। इसी के नीचे सभी फैसले और संकल्प लिए जाते हैं।
    - एक झंडे को अपना प्रमुख बनाने का मकसद हर तरह के करप्शन से संस्था को दूर रखना है।
    - इसी ध्वज की प्रार्थना के बाद ही शाखा की कोई गतिविधि शुरू होती है।
    - स्वयंसेवक इसी के नीचे व्यायाम से लेकर बौद्धिक चर्चा तक करते हैं। यहां स्थानीय स्तर पर योजनाएं भी बनाई जाती हैं।


    आगे की स्लाइड्स में जानिए संघ से जुड़े कुछ और दिलचस्प फैक्ट्स के बारे में ...

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Web Title: Everything About Rashtriya Swayamsevak Sangh.
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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