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जल्द ही यहां चलेगी देश की पहली AC लोकल ट्रेन, इसमें होंगे ये खास फीचर

रेलवे सेफ्टी कमिश्नर ने भी इसे मंजूरी प्रदान कर दी है।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 09:52 AM IST
चेन्नई में बने हैं इसके कोच। 12 डिब्बों की होगी यह एसी ट्रेन।(इनसेट में ट्रेन का फ्रंट लुक) चेन्नई में बने हैं इसके कोच। 12 डिब्बों की होगी यह एसी ट्रेन।(इनसेट में ट्रेन का फ्रंट लुक)

मुंबई. लोकल ट्रेन में चलने वालों का सफर अब सुहाना होने जा रहा है। देश की पहली एसी (वातानुकूलित) लोकल ट्रेन 25 दिसंबर या 1 जनवरी से मुंबई में चलेगी। रेलवे ने इसके सभी ट्रायल और चेक सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर ने भी इसे मंजूरी प्रदान कर दी है। बता दें कि मुंबई के लोग पिछले 5 साल से एसी लोकल ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। रेलवे ने की जल्द चलने की पुष्टि...

- पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार गुप्ता ने कहा है कि मुंबई में एसी लोकल का परिचालन 25 दिसंबर या 1 जनवरी से किया जाएगा। हालांकि, किराये और परिचालन की तिथि अभी तक रेलवे बोर्ड से नहीं मिली है।
- रेलवे सूत्रों के मुताबिक, मुंबई में चलने वाली एसी लोकल अधिकतम 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। सीसीआरएस ने एसी लोकल को डहाणु-चर्चगेट के बीच इतनी गति से चलाने की अनुमति दी गई है।
- सीसीआरएस के लेटर के अनुसार, एसी लोकल में अभी सुरक्षा के कई इंतजाम करने हैं। पश्चिम रेलवे ने एसी लोकल के किराए का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है।

पहली एसी लोकल में यह होगा खास...

- इनमें राजधानी एक्सप्रेस के कोच की तरह बड़ी सिंगल विंडो लगाई गई है। कोच का इंटीरियर पिछले साल मुंबई को दी गई नई लोकल कोच जैसा है।
- कोच के भीतर लगी सीट नीले और ग्रे रंग की हैं। इन्हें पहले से ज्यादा आरामदेह बनाने का दावा किया गया है।
- इसमें दो सीटों के बीच की जगह भी पहले से ज्यादा बढ़ाई गई है, ताकि भीड़ ज्यादा होने पर यात्री सीटों के बीच में आराम से खड़े रह सकें।
- कोच में खड़े होकर चलने वाले यात्रियों को सहारे के लिए ऊपर लगे हैंडल भी इस तरह बनाए गए हैं कि एक हैंडल दो यात्री पकड़ सकें।
- दरवाजे के बीच में लगे स्टील के खंभे को भी नया आकार दिया गया है ताकि एक साथ ज्यादा यात्री पकड़ सकें।

- इसकी मैक्सिमम स्‍पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसमें 5,964 पैसेंजर की कैपेसिटी होगी।


ट्रेन में तैनात होंगे बाउंसर

- मुंबई लोकल से हर दिन कई लाख लोग यात्रा करते हैं। एसी लोकल ट्रेन के शुरू होने के बाद ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें ट्रैवल करने की सोचेंगे। जिस कारण इसमें भारी भीड़ हो सकती है। इसलिए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ट्रेन में बाउंसर तैनात करने की योजना बना रहा है। आपको बता दें कि, 12 डिब्बों की लोकल ट्रेन में पीक आवर्स में 6 हजार से ज्यादा यात्री ट्रैवल करते हैं।

मुंबई के यात्रियों का सफर बनेगा आसान
- मुंबई के लोकल ट्रेन नेटवर्क को यहां की लाइफलाइन कहा जाता है। ऐसे में एसी लोकल ट्रेन आ जाने से यहां के यात्रियों का सफर काफी आसान होने वाला है।

- बता दें कि मुंबई लोकल में हर रोज 65 लाख से ज्‍यादा यात्री सफर करते हैं। इसमें भी अकेले वेस्‍टर्न लाइन पर 35 लाख यात्री हैं और इस लाइन पर 37 स्‍टेशन पड़ते हैं। एसी लोकल को सबसे पहले इसी लाइन पर चलाया जाएगा।

दिल्‍ली मेट्रो जैसा होगा किराया
- एक रेलवे अधिकारी के मुताबिक, एसी लोकल का किराया दिल्‍ली मेट्रो जैसा ही होगा। इसका सिंगल टिकट किराया मौजूदा मुंबई लोकल की फर्स्‍ट क्‍लास टिकट के बराबर होगा और मंथली पास का किराया वर्तमान के फर्स्‍ट क्‍लास पास की कॉस्ट से लगभग 1.5 गुना ज्‍यादा होगा।

मुंबई के स्टेशनों पर बढ़ाई जा रही है सिक्‍युरिटी व सुविधा
-मुंबई के लिए सरकार 370 एस्केलेटर्स को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा सिक्‍युरिटी को और बेहतर बनाने के लिए सभी ट्रेनों और स्टेशनों पर CCTV भी लगाए जा रहे हैं।

आगे की स्लाइड्स में देखिए देश की पहली एसी लोकल ट्रेन की कुछ और फोटोज ...

देश की पहली एसी लोकल ट्रेन मुंबई में चलेगी। इसके सभी ट्रायल और टेस्ट पूरे कर लिए गए हैं। देश की पहली एसी लोकल ट्रेन मुंबई में चलेगी। इसके सभी ट्रायल और टेस्ट पूरे कर लिए गए हैं।
स्टील के बने होंगे ट्रेन के दरवाजे। स्टील के बने होंगे ट्रेन के दरवाजे।
ट्रेन की सीटें फाइबर से बनी हुई होंगी। ट्रेन की सीटें फाइबर से बनी हुई होंगी।
यह इंजन खींचेगा इस एसी लोकल ट्रेन को। यह इंजन खींचेगा इस एसी लोकल ट्रेन को।
सभी डिब्बे अंदर से इंटरकनेक्टेड होंगे। सभी डिब्बे अंदर से इंटरकनेक्टेड होंगे।
एसी के साथ-साथ ट्रेन में पंखे भी लगे होंगे। एसी के साथ-साथ ट्रेन में पंखे भी लगे होंगे।
कई बार इस ट्रेन को मुंबई में टेस्ट किया गया है। कई बार इस ट्रेन को मुंबई में टेस्ट किया गया है।
इसे जनवरी के फर्स्ट वीक में चलाया जा सकता है। इसे जनवरी के फर्स्ट वीक में चलाया जा सकता है।
अन्दर से ऐसा है ट्रेन का इंटीरियर। अन्दर से ऐसा है ट्रेन का इंटीरियर।