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बैंक के आगे न सोये बेघर इसलिए लगवाई थी कील, विरोध के बाद झुका बैंक

ये कील इतनी खतरनाक है कि किसी को भी जख्मी कर सकती है।

Danik Bhaskar | Mar 27, 2018, 09:45 AM IST
लोगों के विरोध के बाद बैंक ने मंगलवार सुबह कील हटाने का काम शुरू किया है। लोगों के विरोध के बाद बैंक ने मंगलवार सुबह कील हटाने का काम शुरू किया है।

मुंबई. क्या अब मुंबई भी अमीर और गरीब में फर्क करनें लगा है? ये सवाल सोशल मीडिया में उठाया जा रहा है एचडीएफसी बैंक के एक फैसले के बाद। दरअसल मुंबई के फोर्ट इलाके में एचडीएफसी बैंक ने अपने गेट के फर्श पर लोहे की कील लगा दी हैं ताकि रात में कोई बेघर वहां ना बैठ सके और ना सो सके। ये कील इतनी खतरनाक है कि किसी को भी जख्मी कर सकती है। बैंक ने सुरक्षा का हवाला देते हुए ये कील लगाई थी लेकिन सोशल मीडिया पर जब ये बात वायरल हुई तो बैंक अपने फैसले से पीछे हटता दिखाई दे रहा है। लोगों के विरोध के आगे झुका बैंक..

- इस फैसले के बाद कुछ लोगों ने इसका विरोध करते हुए फेसबुक और ट्विटर पर इसकी तस्वीरें पोस्ट की और इसे असंवेदनशील बताते हुए बैंक का सामूहिक बहिष्कार करने का ऐलान भी किया।
- विरोध करने वाले लोगों में एचडीएफसी बैंक के कई ग्राहक भी शामिल थे। जब सोशल मीडिया पर लोगों के इस विरोध की जानकारी बैंक के शीर्ष प्रबंधन को मिली तो अधिकारियों के निर्देश पर इन कीलों को हटाने का फैसला किया गया।

मंगलवार सुबह शुरू कराया गया काम
- मंगलवार सुबह बैंक के इस फैसले के बाद अब इन कीलों को हटाने का काम शुरू कराया गया है।
- इस फैसले की जानकारी देते हुए एचडीएफसी बैंक के हेड ऑफ कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन नीरज झा ने ट्विटर के जरिए लोगों को हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगी है।

मुंबई में बड़ी संख्या में फुटपाथ पर सोते हैं लोग
- बता दें कि मुंबई शहर में गरीब बेघर लोगों की एक बड़ी संख्या है और इनमें से कई अपने जीवन यापन के लिए फुटपाथों की ही शरण लेते रहे हैं।
- एक रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई में फुटपाथ पर करीब 50 हजार से ज्यादा लोग अपना जीवन यापन करते हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से इनके लिए अब तक आश्रय का कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं किया जा सका है।

एचडीएफसी बैंक के खिलाफ लोगों ने जमकर निकाली भड़ास। एचडीएफसी बैंक के खिलाफ लोगों ने जमकर निकाली भड़ास।
बैंक ने कील हटाकर उसकी जगह गमले लगा दिए हैं। बैंक ने कील हटाकर उसकी जगह गमले लगा दिए हैं।
ट्विटर पर बैंक के इस फैसले की जमकर आलोचना हो रही थी। ट्विटर पर बैंक के इस फैसले की जमकर आलोचना हो रही थी।