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ये हैं देश की पहली लेडी जेम्स बॉन्ड, इसलिए पुलिस ने इन्हें किया अरेस्ट

रजनी के अलावा पुलिस ने इस मामले में तीन अन्य लोगों को भी अरेस्ट किया है।

Dainik Bhaskar

Feb 03, 2018, 09:49 AM IST
उन्हें देश की पहली लेडी जेम्स उन्हें देश की पहली लेडी जेम्स

ठाणे. देश की पहली महिला जासूस के नाम से फेमस रजनी पंडित गिरफ्तारी मामले में दो अन्य लोगों को बुधवार शाम ठाणे पुलिस ने अरेस्ट किया है। इस मामले में रजनी समते कुल पांच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। रजनी पर अपने क्लाइंट के लिए गलत ढंग से कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) प्राप्त करने, अवैध रूप से सोर्सिंग और सीडीआर बेचने का गंभीर आरोप लगा है। रजनी के अलावा पुलिस ने इस मामले में तीन अन्य लोगों को भी अरेस्ट किया है। बता दें कि रजनी को लेडी जेम्स बॉन्ड के नाम से भी जाना जाता है।रजनी के मुताबिक वे अब तक 75 हजार से ज्यादा केस सॉल्व कर चुकी हैं। इसलिए अरेस्ट हुई रजनी...

- ठाणे की रहने वाली रजनी (54) पूर्व पुलिस अधिकारी की बेटी हैं। पुलिस ने समरेश झा नाम के एक जासूस को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें उनके घर से गिरफ्तार किया।
- समरेश ने पुलिस को बताया था कि वह इन कॉल डिटेल्स को रजनी के कहे अनुसार सोर्स करता था और इसे मोटी कीमत में बेचते थे।
- ठाणे पुलिस के मुताबिक, रजनी पर पांच लोगों के लिए सीडीआर जमा करने और उन्हें ऊंचे दाम पर बेचने का आरोप है।
- ठाणे पुलिस प्रमुख परम बीर सिंह ने बताया, "पंडित की भूमिका इस रैकेट में स्पष्ट रूप से सामने आई है। जो लोग घोटाले में शामिल हैं, देश के किसी भी कोने में छिपे हों बख्शे नहीं जाएंगे।"

दो अन्य जासूस भी हुए अरेस्ट
- रजनी के साथ दो अन्य जासूस संतोष पंडगले (34) और प्रशांत सोनावाणे (34) को नवी मुंबई से अरेस्ट किया गया है।

- रजनी का बयान दर्ज कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। गिरफ्तार जासूसों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ही यह पता चला की रजनी अपने ग्राहकों से सीडीआर के लिए मोटी रकम वसूलती थीं।
- इसी मामले में पुलिस ने दिल्ली के एक व्यक्ति पर जीरो एफआईआर दर्ज की है जो आरोपियों को लगातार सीडीआर उपलब्ध कराता था।

पर पिछले 25 सालों में 75,000 से ज्यादा मामलों को सुलझा चुकीं रजनी पंडित दूसरी कहानी कहती हैं। वह भारत की पहली महिला जासूस कही जाती हैं। उन्हें देश का वुमन जेम्स बॉन्ड भी कहा जाता है। कैसे दोस्त की जासूसी से मिला आइडिया...

- रजनी का जन्म माहराष्ट्र के थाणे जिले में हुआ था। रजनी ने मुंबई में मराठी लिटरेचर की पढ़ाई की थी।
- रजनी के पिता सीआईडी में थे और महात्मा गांधी की हत्या के केस में उन्होंने काम भी किया था।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रजनी कहती हैं कि 'जब कॉलेज में थी, तो अपने साथ की एक लड़की को गलत संगत में जाते देखा।

- उसने सिगरेट, शराब पीने के साथ ही गलत लड़कों के साथ वक्त बिताना शुरू कर दिया था।
- मैंने डिसाइड किया कि उसके घरवालों को ये बात बतानी है। इसके लिए ऑफिस से उसे गिफ्ट भेजने के बहाने उसका पता मांगा और फिर वहां पहुंच गई।
- उसके घरवालों को मैंने जब ये बातें बताईं तो उन्होंने यही कहा, क्या आप जासूस हो? उसी दिन मैंने सोच लिया था कि मुझे क्या करना है।'

- आज उसी का नतीजा है 'रजनी पंडित डिटेक्टिव सर्विसेज' के नाम से उनकी जासूसी फर्म। उनकी डिटेक्टिव एजेंसी में 20 लोगों की टीम है।

पर पिछले 25 सालों में 75,000 से ज्यादा मामलों को सुलझा चुकीं रजनी पंडित दूसरी कहानी कहती हैं। वह भारत की पहली महिला जासूस कही जाती हैं। उन्हें देश का वुमन जेम्स बॉन्ड भी कहा जाता है। कैसे दोस्त की जासूसी से मिला आइडिया...

- रजनी का जन्म माहराष्ट्र के थाणे जिले में हुआ था। रजनी ने मुंबई में मराठी लिटरेचर की पढ़ाई की थी।
- रजनी के पिता सीआईडी में थे और महात्मा गांधी की हत्या के केस में उन्होंने काम भी किया था।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रजनी कहती हैं कि 'जब कॉलेज में थी, तो अपने साथ की एक लड़की को गलत संगत में जाते देखा।

- उसने सिगरेट, शराब पीने के साथ ही गलत लड़कों के साथ वक्त बिताना शुरू कर दिया था।
- मैंने डिसाइड किया कि उसके घरवालों को ये बात बतानी है। इसके लिए ऑफिस से उसे गिफ्ट भेजने के बहाने उसका पता मांगा और फिर वहां पहुंच गई।
- उसके घरवालों को मैंने जब ये बातें बताईं तो उन्होंने यही कहा, क्या आप जासूस हो? उसी दिन मैंने सोच लिया था कि मुझे क्या करना है।'

- आज उसी का नतीजा है 'रजनी पंडित डिटेक्टिव सर्विसेज' के नाम से उनकी जासूसी फर्म। उनकी डिटेक्टिव एजेंसी में 20 लोगों की टीम है।

पर पिछले 25 सालों में 75,000 से ज्यादा मामलों को सुलझा चुकीं रजनी पंडित दूसरी कहानी कहती हैं। वह भारत की पहली महिला जासूस कही जाती हैं। उन्हें देश का वुमन जेम्स बॉन्ड भी कहा जाता है। कैसे दोस्त की जासूसी से मिला आइडिया...

- रजनी का जन्म माहराष्ट्र के थाणे जिले में हुआ था। रजनी ने मुंबई में मराठी लिटरेचर की पढ़ाई की थी।
- रजनी के पिता सीआईडी में थे और महात्मा गांधी की हत्या के केस में उन्होंने काम भी किया था।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रजनी कहती हैं कि 'जब कॉलेज में थी, तो अपने साथ की एक लड़की को गलत संगत में जाते देखा।

- उसने सिगरेट, शराब पीने के साथ ही गलत लड़कों के साथ वक्त बिताना शुरू कर दिया था।
- मैंने डिसाइड किया कि उसके घरवालों को ये बात बतानी है। इसके लिए ऑफिस से उसे गिफ्ट भेजने के बहाने उसका पता मांगा और फिर वहां पहुंच गई।
- उसके घरवालों को मैंने जब ये बातें बताईं तो उन्होंने यही कहा, क्या आप जासूस हो? उसी दिन मैंने सोच लिया था कि मुझे क्या करना है।'

- आज उसी का नतीजा है 'रजनी पंडित डिटेक्टिव सर्विसेज' के नाम से उनकी जासूसी फर्म। उनकी डिटेक्टिव एजेंसी में 20 लोगों की टीम है।

दोस्त की जासूसी से मिला आइडिया

- रजनी पिछले 25 सालों में 75,000 से ज्यादा मामलों को सुलझा चुकीं हैं।
- रजनी का जन्म माहराष्ट्र के ठाणे जिले में हुआ था। रजनी ने मुंबई में मराठी लिटरेचर की पढ़ाई की थी।
- रजनी के पिता सीआईडी में थे और महात्मा गांधी की हत्या के केस में उन्होंने काम भी किया था।
- एक इंटरव्यू में रजनी ने बताया, "जब कॉलेज में थी, तो अपने साथ की एक लड़की को गलत संगत में जाते देखा। उसने सिगरेट, शराब पीने के साथ ही गलत लड़कों के साथ वक्त बिताना शुरू कर दिया था। मैंने डिसाइड किया कि उसके घरवालों को ये बात बतानी है। इसके लिए ऑफिस से उसे गिफ्ट भेजने के बहाने उसका पता मांगा और फिर वहां पहुंच गई। उसके घरवालों को मैंने जब ये बातें बताईं तो उन्होंने यही कहा, क्या आप जासूस हो? उसी दिन मैंने सोच लिया था कि मुझे क्या करना है।"

- आज उसी का नतीजा है 'रजनी पंडित डिटेक्टिव सर्विसेज' के नाम से उनकी जासूसी फर्म। उनकी डिटेक्टिव एजेंसी में 20 लोगों की टीम है।

आगे की स्लाइड्स में देखिए रजनी की कुछ और फोटोज ..





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