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खराब हो रही है कपास की फसल, अफसरों के इस स्टेप से बढ़ा किसानों का दर्द

शनिवार को खराब फसल का पंचनामा करने कुछ अधिकारी घोड़ों सवार होकर एक गांव में पहुंचे थे।

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 02:02 PM IST
जांच अधिकारियों ने घोड़े पर बैठ फसल का जायजा लिया। जांच अधिकारियों ने घोड़े पर बैठ फसल का जायजा लिया।

औरंगाबाद. महाराष्ट्र के औरंगाबाद में किसान इन दिनों काफी परेशान है। परेशानी कि वजह है फसल का बर्बाद होना। औरंगाबाद में हजारों हैक्टेयर कपास की फसल में कीड़े लग गए हैं। जिसके बाद सरकार ने मुआवजे देने से पहले इसकी जांच का आदेश दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को खराब फसल का पंचनामा करने कुछ अधिकारी घोड़ों सवार होकर एक गांव में पहुंचे। उन्होंने घोड़े पर घूमते हुए फसल का जायजा लिया और घोड़े पर ही बैठ कर अपनी रिपोर्ट तैयार की। अधिकारियों का ये रवैया किसानों को नागवार लगा और उन्होंने इसकी शिकायत स्थानीय विधायक और तहसीलदार से की है। क्या है किसानों का आरोप...

- जानकारी के मुताबिक, मामला औरंगाबाद के वैजापुर तहसील का है। यहां कपास का पौधों में अचानक कीड़ा लगने से फसल लगातार खराब हो रही है।
- जिसके बाद किसानों ने सरकार से हेल्प की गुहार लगाई थी। सरकार ने सकरात्मक रुख दिखाते हुए फसलों की जांच के लिए एक टीम गठित की है।
- यह टीम शनिवार को वैजापुर तहसील में स्थित कई गांवों में इंस्पेक्शन के लिए पहुंची थी। फसलों की जांच के लिए अधिकारियों ने घोड़े का इस्तेमाल किया और उसपर सवार होकर जायजा लिया।
- किसानों का आरोप है कि अधिकारी हमारी समस्या सुनने के लिए घोड़े से नीचे नहीं उतरे और उन्होंने सिर्फ खानापूर्ति की है।

जांच करने वाले अधिकारियों को भेजा गया नोटिस
- किसानों की शिकायत के बाद घोड़े पर बैठकर आए तलाठी और कृषि सहायक अधिकारी को वैजापुर तहसीलदार ने कारण बताओ नोटिस भेजा है।
- तहसीलदार ऑफिस में तैनात कर्मचारी गणेश ने बताया कि वैजापूर में जो दो अधिकारी घोड़े पर बैठकर पंचनामा करने पहुंचे थे वो गलत है।
- अपनी सफाई में तहसील ऑफिस के कर्मचारियों ने कहा है कि कपास की फसल में कीटनाशक का छिड़काव किया गया था और इस दवाई से बॉडी में खुजली की समस्या हो सकती थी इसलिए नीचे उतरने की जगह घोड़े पर बैठ जांच करने का फैसला किया था।

उनके इस स्टेप से नाराज हैं किसान। उनके इस स्टेप से नाराज हैं किसान।